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Sawan Shivratri 2023: सावन की पहली शिवरात्रि आज, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि और महाउपाय

Sawan Shivratri 2023: सावन की शिवरात्रि 15 जुलाई यानी आज मनाई जा रही है. शिवरात्रि वाले दिन भगवान शिव की पूजा करने से सारी मनोकामनाएं पूर्ण होती है. सावन की शिवरात्रि बेहद खास मानी जाती है. आइए जानते हैं कि सावन शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त और पूजन विधि क्या है.

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aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 15 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 6:54 AM IST

Sawan Shivratri 2023: हर महीने में शिवरात्रि आती है. लेकिन, सावन की शिवरात्रि बेहद खास मानी जाती है. हिंदू धर्म में शिवरात्रि महादेव का सबसे बड़ा पर्व है. इसे चतुर्दशी तिथि को मनाते हैं. मान्यता है कि इस दिन शिव जी का प्राकट्य हुआ था और इसी दिन शिव जी का विवाह भी हुआ था. इस दिन महादेव की उपासना से सुख की प्राप्ति होती है. इस दिन व्रत, उपवास, मंत्रजाप और रात्रि जागरण का महत्व है. सावन का महीना शिव जी का महीना है. इस दिन लोग कांवड़ में जल भरकर शिवलिंग पर अर्पित करते हैं. इस बार सावन की शिवरात्रि 15 जुलाई यानी आज है. 

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सावन शिवरात्रि शुभ मुहूर्त (Sawan 2023 Shivratri Shubh Muhurat)

हिंदू पंचांग के अनुसार, सावन की शिवरात्रि कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जा रही है. इसकी तिथि 15 जुलाई यानी आज रात 08 बजकर 32 मिनट पर शुरू हो जाएगी और समापन 16 जुलाई यानी कल रात 10 बजकर 08 मिनट पर होगा. शिवरात्रि का पूजन मुहूर्त 16 जुलाई को रात 12 बजकर 07 मिनट से 12 बजकर 48 मिनट तक रहेगा.

पूजा का शुभ मुहूर्त 

प्रथम पहर की पूजा- शाम 7.21 बजे से रात 9.54 बजे तक 
द्वितीय पहर की पूजा- रात 9.54 बजे से देर रात 12.27 बजे तक (16 जुलाई) 
तृतीय पहर की पूजा- रात 12.27 बजे से देर रात 03.00 बजे तक (16 जुलाई) 
चतुर्थ पहर की पूजा- रात 03.00 बजे से सुबह 05.33 बजे तक (16 जुलाई)

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इस बार सावन शिवरात्रि पर दो शुभ योग वृद्धि और ध्रुव योग बने हैं. वृद्धि योग सुबह 08 बजकर 22 मिनट तक है. इस योग में पूजा पाठ करने से पुण्य फल में वृद्धि होती है. इसके बाद से ध्रुव योग प्रारंभ होगा. जो पूरे रात रहेगा. सावन शिवरात्रि के दिन मृगशिरा नक्षत्र है. यह सुबह से लेकर रात 12:23 बजे तक है.

सावन शिवरात्रि पूजन विधि (Sawan Shivratri 2023 Pujan Vidhi)

सावन की शिवरात्रि पर सवेरे-सवेरे स्नान के बाद पीले या सफेद रंग के साफ वस्त्र धारण करें. पूजा के स्थान पर भगवान शिव, माता पार्वती, गणेश जी, भगवान कार्तिकेय और भगवान शिव के वाहन नंदी की प्रतिमा स्थापित करें और उनकी पूजा करें. मासिक शिवरात्रि की पूजा में शिव परिवार को पंचामृत से स्नान कराया जाता है. पूजा में बेल पत्र, फल, फूल, धूप, दीप, नैवेद्य और इत्र जरूर शामिल करें. इस दिन व्रत करने वालों को शिव पुराण या शिवाष्टक का पाठ अवश्य करना चाहिए. पूजा का समापन शिव आरती के साथ करें. 

शिवरात्रि के दिव्य उपाय (Sawan Shivratri 2023 Upay) 

धन की प्राप्ति के लिए क्या प्रयोग करें? 
दूध, दही, शहद, शक्कर और घी से भगवान शिव का अभिषेक करें. इसके बाद जल धारा अर्पित करें. फिर धन प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें. 

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संतान के लिए 
शिव लिंग पर घी अर्पित करें. फिर जल की धारा अर्पित करें. इसके बाद संतान प्राप्ति के लिए प्रार्थना करें 

विवाह के लिए क्या उपाय करें? 
शिवलिंग पर 108 बेल पत्र अर्पित करें. हर बेल पत्र के साथ "नमः शिवाय" कहें. 

रोजगार में लाभ 
शिवरात्री के दिन जलधारा से भगवान शिव का अभिषेक करें. शिव मंदिर में 1 घी के दीपक जलाएं. 

स्वास्थ्य और आरोग्य 
इत्र से भगवान शिव का अभिषेक करें , इसके बाद जल अर्पित करें. मंदिर में ही "ॐ जूं सः माम पालय पालय" का 11 माला जाप करें. संभव हो तो रुद्राक्ष की माला भी आज से धारण करें.

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