Solar eclipse 2021 date, time, effect in India: 26 मई को साल का पहला चंद्रग्रहण लगा था और आज 10 जून को सूर्यग्रहण लगा है. यानी चंद्र ग्रहण के महज 15 दिन के बाद ही सूर्य ग्रहण लग गया है. इसके बाद अगला सूर्य ग्रहण 15 दिसंबर को लगेगा. इस तरह के ग्रहणों का योग बन रहा है. इसमें एक चंद्रग्रहण और सूर्यग्रहण काफी नजदीक ही पड़ रहे हैं.
10 या 15 दिन में जब दो ग्रहण बहुत जल्दी-जल्दी आते हैं तो इसका देश-दुनिया पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है. ज्योतिषाचार्य प्रवीण मिश्र बता रहे हैं कम समय में पड़ने वाले इन ग्रहण के दुष्प्रभावों के बारे में.
शास्त्रों के अनुसार, जब दो ग्रहण पास में लगे तो प्राकृतिक आपदाएं आ सकती हैं. जैसे कि कुछ जगहों पर बाढ़ आना, समुद्र में तूफान उठना. जब भी सूर्य ग्रहण होता है तो प्रकृति में बदलाव आता है. कई वैज्ञानिक खासतौर से सूर्यग्रहण के समय ही कई तरह के रिसर्च करते हैं.
जब दो ग्रहण पास-पास होते हैं उसका भी प्रभाव प्रकृति पर पड़ता है. इसके अलावा, इसका प्रभाव मनुष्यों पर भी पड़ता है. सबसे ज्यादा इसका असर व्यक्ति के मन पर पड़ता है. चंद्रमा मन का कारक मन जाता है और सूर्य आत्मा का कारक माना जाता है. इसलिए चंद्रमा या सूर्य के पीड़ित होने का असर व्यक्ति पर जरूर पड़ता है.
ग्रहण के प्रभाव से व्यक्ति का मन कमजोर हो सकता है और आत्मविश्वास में कमी आ सकती है. इसकी वजह से जीवन में बहुत सारी परेशानियां आती हैं. इस दौरान आपको राजनीतिक उथल-पुथल देखने को मिल सकता है. कई देशों में सत्ता को लेकर उठापठक हो सकती है. राजनीतिक दलों में अंसतुष्टि बढ़ सकती है.
ग्रहण का असर प्रकृति, मनुष्यों और जीव-जंतु पर भी पड़ता है. हालांकि, भारत में लोगों को इससे घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि 10 जून को लगने वाला ग्रहण पूरे भारत में नहीं दिखाई देगा. ये बस अरुणाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में दिखाई देगा.
शास्त्रों के अनुसार, जहां ग्रहण दिखाई नहीं देता, वहां ग्रहण के नियम लागू नहीं होते हैं और वहां इसका प्रभाव कम होता है. ज्योतिष के आधार पर इसकी गणना की जाती है. ग्रहण से आपको डरने की बिल्कुल जरूरत नहीं है बल्कि अपने मन को मजबूत बनाने की जरूरत है.