
Buddha Purnima 2024: आज देशभर में बुद्ध पूर्णिमा का त्योहार मनाया जा रहा है. बुद्ध पूर्णिमा मुख्य रूप से बौद्ध धर्म के संस्थापक भगवान गौतम बुद्ध को समर्पित है. सनानत धर्म की मान्यताओं के अनुसार, गौतम बुद्ध को भगवान विष्णु का नौवां अवतार माना गया है. वहीं, पूर्णिमा तिथि पर चंद्रमा अपनी 16 कलाओं से पूर्ण होता है. इसलिए भगवान भगवान विष्णु की विधिवत पूजा और चंद्रदेव को अर्घ्य देने से जीवन की हर बाधा को दूर किया जा सकता है. आइए आपको बुद्ध पूर्णिमा के कुछ दिव्य उपाय बताते हैं.
बुद्ध पूर्णिमा के दिव्य उपाय
1. अगर आपकी कुंडली में चंद्रमा की स्थिति अशुभ या कमजोर है तो बुद्ध पूर्णिमा पर इसे एक सरल उपाय से दूर किया जा सकता है. चन्द्रमा को मजबूत बनाने के लिए भगवान शिव की उपासना सबसे ज्यादा फलदायी होती है. इसलिए बुद्ध पूर्णिमा पर शिव मंत्र का अधिक से अधिक जाप करें. चाहें तो पूर्णिमा का उपवास भी रख सकते हैं.
2. कुंडली में चंद्रमा की स्थिति को मजबूत बनाने के लिए बुद्ध पूर्णिमा पर अंगुली में मोती धारण करें. इसे पहनने के बाद गरीब या जरूरतमंदों को दान जरूर करें. अंगुली में मोती धारण करने के लिए ज्योतिषविदों की सलाह जरूर लें.
3. बुद्ध पूर्णिमा पर सुबह स्नानादि के बाद सफेद वस्तुओं का दान जरूर करें. विशेषकर खीर का दान करना बहुत ही उत्तम माना जाता है. शिव मंदिर में भी दान करने से लाभ मिलेगा. इससे घर में सुख-संपन्नता बढ़ेगी.
4. संध्याकाल में जल में सुगंध डालकर स्नान करें. भगवान शिव को सफेद फूल अर्पित करें. उन्हें सफेद वस्तुओं का भोग लगाएं. पहले शिवजी और फिर फिर चन्द्रमा के मंत्रों का जाप करें. पूजा के बाद जल में सफेद फूल डालकर चन्द्रमा को अर्घ्य दें.
5. बुद्ध पूर्णिमा पर सुबह विष्णु पूजन के बाद पानी से भरा घड़ा और पकवान आदि का दान करें. कहते हैं कि इस दिन मिट्टी के घड़े का दान गौदान के समान होता है. इस दिन पीले वस्त्र, पंखा, चप्पल, छतरी, अनाज या फल का दान करने से पितृगण प्रसन्न होते हैं.
बुद्ध पूर्णिमा पर चमत्कारी मंत्रों का जाप
- ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः
- ॐ सोम सोमाय नमः
- ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीवासुदेवाय नमः
- ॐ चन्द्रशेखराय नमः