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6 महीने बाद फिर खुल रही निजामुद्दीन दरगाह, इन गाइडलाइंस का करना होगा पालन

दरगाह में दाखिल होने वाले लोगों को एक दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी बनाकर रहना होगा. प्रवेश करने के बाद एक व्यक्ति को 15 मिनट से ज्यादा अंदर नहीं रुकने दिया जाएगा.

6 महीने बाद फिर खुल रही निजामुद्दीन दरगाह 6 महीने बाद फिर खुल रही निजामुद्दीन दरगाह
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 7:45 AM IST
  • दरगाह में आने वालों को खास नियमों का पालन करना होगा
  • 10 साल से कम और 65 साल से ज्यादा आयु के लोगों को एंट्री नहीं

कोरोना संकट के चलते देशभर में बंद पड़े धार्मिक स्थलों को अब धीरे-धीरे खोला जा रहा है. इसी क्रम में तकरीबन छह महीने से बंद पड़ी दिल्ली स्थित मुस्लिम संत हजरत निजामुद्दीन की दरगाह (Hazrat nizamuddin dargah) रविवार को फिर से खुलने जा रही है. हालांकि दरगाह में आने वाले श्रद्धालुओं को कुछ खास नियमों का पालन करना होगा.

रविवार से खुलने जा रही इस दरगाह में आने वालों को सोशल डिस्टेंसिंग (Social distancing और मास्क (Mask) पहनने जैसे नियमों का सख्ती से पालन करना होगा. दरगाह सुबह 5 बजे से लेकर रात 10 बजे तक खुली रहेगी. बता दें कि मार्च में तबलीगी जमात मुख्यालय के कोविड-19 (Covid-19) अस्पताल के रूप में सामने आने के बाद दरगाह के आस-पास का इलाका पहले कंटेनमेंट जोन में था.

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65 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को एंट्री नहीं
दरगाह में दाखिल होने वाले लोगों को एक दूसरे से कम से कम छह फीट की दूरी बनाकर रहना होगा. प्रवेश करने के बाद एक व्यक्ति को 15 मिनट से ज्यादा अंदर नहीं रुकने दिया जाएगा. दरगाह के अंदर हाथों को अच्छे से सैनिटाइज करने के लिए भी विशेष स्थान बनाए गए हैं. 10 साल से कम और 65 साल से ज्यादा आयु के लोगों को भी दरगाह में प्रवेश नहीं मिलेगा.

बिना मास्क के एंट्री बैन
बिना मास्क के दरगाह में किसी को एंट्री नहीं दी जाएगी. इसके अलावा दरगाह में किसी तरह का बैग या सामान भी नहीं ले जा सकेंगे. दरगाह प्रबंधन के मुताबिक, धार्मिक स्थल पर किसी भी व्यक्ति को अंदर बैठने या प्रतीक्षा करने की अनुमति नहीं मिलेगी. श्रद्धालु दरगाह में फूल, खुशबूदार इत्र और धूप अर्पित करते वक्त मकबरे के किसी भी जगह को नहीं छू सकेंगे.

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दरगाह के विशेष कार्यक्रमों पर रोक
कोरोना संकट से पहले मकबरे में हर गुरुवार को कव्वाली का आयोजन किया जाता था. मौजूदा हालातों को देखते हुए इस तरह के विशेष कार्यक्रमों पर निश्चित तौर पर रोक लगी रहेगी. यदि किसी व्यक्ति में विभिन्न प्रकार की बीमारी के लक्षण जैसे की खांस, जुकाम या बुखार दिखाई देता है तो उसे दरगाह में प्रवेश नहीं करने दिया जाएगा.

 

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