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Navratri 2022: नवरात्रि की महानवमी के दिन भूलकर भी न करें ये गलतियां, रुष्ट हो जाएंगी मां

Navratri 2022: आज नवरात्रि का आठवां दिन है. आज के दिन कुछ लोग महा अष्टमी का पूजन भी कर रहे हैं. लेकिन कुछ लोग नवरात्रि का पारण महानवमी के दिन भी करते हैं. इस बार 04 अक्टूबर, मंगलवार को महानवमी का कन्या पूजन होगा. महानवमी के दिन माता दुर्गा के नौवें और आखिरी अवतार मां सिद्धिदात्री का पूजन करना चाहिए.

नवरात्रि की महानवमी नवरात्रि की महानवमी
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 04 अक्टूबर 2022,
  • अपडेटेड 6:46 AM IST

Navratri 2022: पूरे भारत में नवरात्रि का त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है. आज नवरात्रि का नौवां दिन है. कुछ लोग नवरात्रि का पारण महानवमी के दिन भी करते हैं. महानवमी के दिन भी कन्या पूजन का विधान है. इस दिन नवदुर्गा के नौवें रूप मां सिद्धिदात्री का पूजन किया जाता है. नवरात्रि की महानवमी पर कुछ गलतियों से बचना चाहिए. इन गलतियों से आपकी नवरात्रि की पूजा निष्फल रह सकती है. आइए जानते हैं इनके बारे में.

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1. महानवमी के दिन कोई भी नया काम नहीं करना चाहिए. दरअसल, नवमी तिथि को खाली तिथि माना जाता है. जिसका मतलब ये है कि इस दिन कोई भी काम करने से सफलता नहीं मिलती.

2. महानवमी के दिन मां दुर्गा की पूजा की जाती है, लेकिन इस दिन शिव जी की पूजा नहीं करनी चाहिए.

3. नवमी के दिन आक्रामकता बढ़ी रहती है, इसलिए इस दिन संभलकर बात करनी चाहिए.

4. आज के दिन गलती से भी लौकी नहीं खानी चाहिए. आज के दिन लौकी खाना गौमांस खाना जैसा होता है. आज के दिन बस हलवा, पूरी और चने ही खाना चाहिए.

5. महानवमी के दिन काले कपड़ों से रहें सावधान.इस दिन बैंगनी या जामुनी रंग पहनना शुभ होता है. यह रंग मां सिद्धिदात्री को प्रिय है. इसलिए इसी रंग के कपड़े पहन कर मां की पूजा करें.

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6. महानवमी की पूजा के दिन देर तक सोते ना रहें. इस दिन जल्‍दी स्‍नान करके माता रानी का पाठ करें. यदि व्रत नहीं भी रखा है तो भी जल्‍दी स्‍नान करके पूजा अवश्य करें. 

7. नवरात्रि की नवमी पर सच्चे मन से मां दुर्गा की आराधना करें. दुर्गा चालीसा या सप्तशती पढ़ते हुए बीच में किसी दूसरे से बात ना करें. ऐसा करने से पूजा का पूरा फल नहीं मिल पाता है. इसके अलावा माता की चौकी का समापन भी पूरे विधि विधान से करना चाहिए.

8. महानवमी के दिन हवन जरूर करें.  इसके बिना नवरात्रि के पूजा-पाठ अधूरे माने जाते हैं. हवन के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखें कि हवन सामग्री कुंड के बाहर ना जाएं.    

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