
व्यापार को चलाना और बढ़ाना हर कोई चाहता है. लाभ कमाने के लिए टर्नओवर महत्वपूर्ण होता है. टर्नओवर बेहतर बनाए रखने के लिए ऑफिस और शॉप का गेट बड़ा होना आवश्यक है. ऐसे भवन जिनके मुख्यद्वार बड़े होते हैं वे चर्चा में जल्दी आते हैं. प्रसिद्धि पाते हैं. भारत में इंडिया गेट और गेटवे ऑफ इंडिया ऐसे ऐतिहासिक स्थल हैं जो सिर्फ दरवाजा होने मात्र से विश्वविख्यात हैं.
वास्तु शास्त्र में सिंहद्वार का खासा महत्व बताया गया है. भव्य आयोजन, यज्ञ स्थल, भवन और कॉलोनी के गेट बहुत बड़े बनाए जाते रहे हैं. आकर्षण का केंद्र रहे हैं. बड़े द्वारों की विशालता लोगों को बड़ी और खुली सोच से जोड़ती है. ऐसे द्वारों का प्रभाव सिंह के मुख के समान भव्य और उसकी गर्जना के समान दूर तक असर छोड़ने वाला होता है.
वास्तु के मुताबिक व्यापार में सिंहमुखी प्लाट की विशेष महत्ता होती है. इसमें पिछला हिस्सा आगे के हिस्से आंशिक संकीर्ण अवश्य होता है. ऐसे भवन में वस्तुओं और विचारों के आदान प्रदान में तेजी आती है. लोगों का आना-जाना बढ़ा हुआ रहने से व्यापार फलता है. सामान का ठहराव कम होता है. टर्नओवर बेहतर रहता है. कम पूंजी में भी व्यापार फलता है.
अक्सर लोग दुकान या ऑफिस के मुख्यद्वार पर अनावश्यक वस्तुओं का संग्रह कर देते हैं. इससे गेट छोटा हो जाता है. ऐसा व्यापार स्थल गोदाम की तरह फल देने लगता है.
अच्छी लोकेशन के साथ यदि आपकी दुकान अथवा कार्यस्थल का मुख्यद्वार बैठे हुए शेर के समान है तो वह सफलता की सीढ़ी के समान है. ऐसे में वस्तुओं का प्रदर्शन भी बेहतर हो पाता है. लोग भी बेहिचक आते जाते हैं.
इसके इतर ऑफिस शॉप गौमुखाकार है तो प्रयास होना चाहिए कि इनके द्वार यथासंभव बडे़ दिखाई दें. वर्गाकार एवं आयताकार भूमि भी सकारात्मक होती है.