
Vastu Shastra Tips: रंग और ध्वनि इस प्रकार की ऊर्जाएं हैं, जिन्होंने प्रकृति और वातावरण के माध्यम से हमें घेर रखा है. शुभ रंग भाग्योदय कारक होते हैं. वास्तु विज्ञान में ध्वनियों तथा रंगों का स्थान अत्यधिक महत्वपूर्ण है, इसलिए आज हम बात करेंगे रंगों के बारे में.
विभिन्न रंगों को वास्तु (Vastu Shastra) के तत्वों का प्रतीक माना जाता है जैसे नीला रंग जल का, भूरा पृथ्वी का और लाल अग्नि का प्रतीक है. रंगों को पांच तत्वों जल, अग्नि, धातु, पृथ्वी और काष्ठ से जोड़ा गया है.
उत्तर पूर्वी कक्ष में सफेद या बैंगनी रंग का प्रयोग करना चाहिए. इस कक्ष को घर का सबसे पवित्र कक्ष माना जाता है.
दक्षिण-पूर्वी कक्ष में पीले या नारंगी रंग का प्रयोग करना चाहिए, जबकि दक्षिण-पश्चिम कक्ष में भूरे, ऑफ व्हाइट, भूरा या पीला मिश्रित रंग प्रयोग करना चाहिए.