कुंभ मेले में शाही स्नान की परंपरा का इतिहास रोचक है. मुगल काल और पेशवा शासन से जुड़ी यह प्रथा, नागा संन्यासियों के योगदान का सम्मान है. पेशवाओं द्वारा दी गई सुविधाओं से 'पेशवाई' शब्द प्रचलित हुआ. समय के साथ, इस परंपरा में बदलाव आए. योगी आदित्यनाथ ने अर्धकुंभ को कुंभ और महाकुंभ को पूर्ण महाकुंभ नाम दिया. इस तरह, नई पीढ़ी परंपराओं को आगे बढ़ाती है.