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धर्म

कुंडली के 5 दोष हैं अशुभ, सबसे खतरनाक सूर्य और चंद्र ग्रहण, जानें उपाय

सुमित कुमार/aajtak.in
  • 08 सितंबर 2019,
  • अपडेटेड 1:23 PM IST
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कई बार आपने देख होगा कि इंसान के बने बनाए काम खराब हो जाते हैं. इस स्थिति में इंसान अपनी किस्मत को कोसने लगता है. यह पूरा खेल आपकी कुंडली और कुंडली में मौजूद दोषों की वजह से चलता है. ऐसी स्थिति में अगर आप थोड़ा पहले इसके उपाय खोज लें तो आपके काम नहीं बिगड़ेंगे. आइए जानते हैं कंडली के 5 सबसे खतरनाक दोष और उनके उपायों के बारे में...

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पहला दोष- केमद्रुम दोष
- यह योग चन्द्रमा से बनने वाला सबसे बुरा दोष है
- जब चन्द्रमा के दोनों और कोई ग्रह न हो और
- चन्द्रमा पर किसी भी ग्रह की दृष्टि न हो तो यह दोष बन जाता है

केमद्रुम दोष से बचने के उपाय
- नित्य प्रातः माता के चरण स्पर्श करें
- सोमवार को दूध, चावल या चीनी का दान करें
- शरीर पर चांदी जरूर धारण करें
- नित्य सायं "ॐ श्रां श्रीं श्रौं सः चन्द्रमसे नमः" का जाप करें

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दूसरा दोष- बंधन दोष
- यह योग विभिन्न ग्रहों से बनता है
- परन्तु इसमें मंगल और शनि विशेष खराब भूमिका निभाते हैं
- अष्टम भाव या छठवे भाव के खराब होने पर यह योग सरलता से बन जाता है

बंधन दोष से बचने के उपाय
- बंधन योग में हनुमान जी की उपासना विशेष लाभकारी होती है
- ऐसी दशा में मंगलवार का उपवास रखना चाहिए
- बंधन दोष होने पर नित्य प्रातः "ॐ हं हनुमते रुद्रात्मकाय हुं फट" का जाप करना चाहिए

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तीसरा दोष- ग्रहण दोष
- यह दोष सूर्य और चन्द्रमा दोनों से बनता है
- सूर्य के साथ राहु हो या चन्द्र के राहु हो तो ग्रहण दोष बन जाता है
- कोई भी ग्रहण दोष होने पर जीवन में सब कुछ रुक जाता है

सूर्य ग्रहण दोष से बचने के उपाय
- पिता का खूब सम्मान करें
- नित्य प्रातः सूर्य को जल अर्पित करें
- बासी , नशे वाले और जूठा खाना खाने से बचें
चन्द्र ग्रहण दोष से बचने के उपाय
- माता के साथ सम्बन्ध ठीक रखें
- सोमवार को शिव जी का दर्शन पूजन करें
- दूध का सेवन करें और मसालेदार चीज़ों तथा फ़ास्ट फ़ूड से बचें

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चौथा दोष- गुरु स्थान दोष
- यह दोष बृहस्पति के कारण बनता है
- जिस भाव में बृहस्पति स्थित होता है, उसका नाश कर देता है
- अतः जिस स्थान में पाया जाता है वहां स्थान दोष दे देता है

इस दोष को भंग करने के उपाय
- जिस भाव में यह दोष है उस भाव को मजबूत करने के उपाय करें
- नित्य प्रातः एक बार विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें
- बृहस्पतिवार को गुड और चने की दाल का दान करें

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पांचवां दोष- शनि दृष्टि दोष
- यह दोष शनि के कारण निर्मित होता है
- शनि की दृष्टि जिस भाव या जिस ग्रह पर पड़ती है उसका नाश हो जाता है
- जिस ग्रह को शनि देख लेता है, उस ग्रह का शुभ प्रभाव समाप्त हो जाता है
- और वह ग्रह जीवन में समस्याएं देने लगता है

शनि दृष्टि दोष से बचने के उपाय
- शनि की किसी ऐसी प्रतिमा के दर्शन न करें, जिसकी आंखें हों
- शनिवार को हनुमान जी के सामने खड़े होकर हनुमान चालीसा का पाठ करें
- शनिवार की शाम को छाया दान अवश्य करें.

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