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धर्म

केदारनाथ का कल्पेश्वर मंदिर, दुर्वाषा की तपोभूमि, दिखती है श‍िव की जटा

aajtak.in
  • 19 मई 2019,
  • अपडेटेड 3:26 PM IST
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय केदारनाथ यात्रा पर हैं. इस समय ह‍िमालय के मंद‍िरों की ही चर्चा हो रही है. पंचम  केदार के रूप में कल्पेश्वर मंद‍िर भी इनमें से व‍िख्यात है. इस मंद‍िर को कल्पनाथ के रूप में भी जाना जाता है. इस मंद‍िर की खास बात है क‍ि यहां भगवान श‍िव की जटा के दर्शन होते हैं.

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पंचम केदार में कल्पेश्वर मंद‍िर ही ऐसा है जो साल के बारह महीने खुला रहता है और यहां भगवान श‍िव की जटा जैसी चट्टान के दर्शन होते हैं.

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इस मंदिर के बारे में जनश्रुत‍ि है क‍ि इस जगह पर दुर्वासा ऋषि ने कल्पवृक्ष के नीचे घोर तपस्या की थी. तभी से यह स्थान 'कल्पेश्वर' या 'कल्पनाथ' के नाम से प्रस‍िद्ध है.

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2134 मीटर की ऊंचाई पर बने इस मंद‍िर तक पहुंचने के ल‍िए 10 क‍िमी तक पैदल चलना होता है. यहां श्रद्धालु भगवान श‍िव की जटा जैसी द‍िखने वाली चट्टान तक पहुंचते हैं. गर्भगृह का रास्ता एक गुफा से होकर जाता है.

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कल्पेश्वर मंद‍िर तक उर्गम घाटी से होकर जाया जाता है जो उत्तराखंड के गढ़वाल रीजन में आती है. ऋषिकेश से उर्गम गांव की दूरी 253 क‍िलोमीटर है फ‍िर यहां से आगे 10 क‍िलोमीटर की दूरी पर कल्पेश्वर मंदिर है.

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रुद्रनाथ मंद‍िर के कपाट भी आज 19 मई को खुल गए हैं. भारत में यह अकेला मंद‍िर है जहां भगवान श‍िव के चेहरे की पूजा होती है. एकानन के रूप में रुद्रनाथ, चतुरानन के रूप में पशुपत‍ि नेपाल, पंचानन व‍िग्रह के रूप में इंडोनेशिया में भगवान श‍िव के दर्शन होते हैं. यह मंदिर समुद्रतल से 2286 मीटर की ऊंचाई पर स्थित‍ है.

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तुंगनाथ मंदिर के कपाट 10 मई को खोले गए हैं. ये भारत का सबसे ऊंचाई पर स्थित मंद‍िर है. यहां भगवान श‍िव के हृदय स्थल और श‍िव की भुजा की आराधना होती है. यह मंद‍िर भी एक हजार साल पुराना है. तुंगनाथ मंद‍िर केदारनाथ और बद्रीनाथ मंद‍िर के बीच में स्थ‍ित है.

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मध्यमहेश्वर मंद‍िर में भगवान श‍िव के मध्य भाग के दर्शन होते हैं. यहां भगवान श‍िव की पूजा नाभ‍ि ल‍िंगम के रूप में की जाती है. शीतकाल में यहां भी 6 महीने मंदिर के कपाट बंद होते हैं. मध्यमहेश्वर मंदिर बारह हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित है जो उत्तराखंड के ही रुद्रप्रयाग ज‍िले में आता है.

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बारह ज्योत‍िर्ल‍िंगों में केदारनाथ धाम का सर्वोच्च स्थान है. इस धाम में भगवान शिव के पार्श्व भाग के दर्शन होते हैं. पत्थरों से बने कत्यूरी शैली के मंद‍िर के बारे में मान्यता है क‍ि इसका न‍िर्माण पांडवों ने कराया था.  मंद‍िर के गर्भ में स्वयंभू श‍िवल‍िंग है जो अनगढ़ पत्थर का बना है. समुद्र की सतह से करीब साढ़े 12 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित केदारनाथ मंद‍िर उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग ज‍िले में स्थित है.

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