शनि गोचर के बाद मकर राशि में चार ग्रहों का अजब संयोग बन गया है. मकर राशि में अब शनि के अलावा सूर्य, चंद्र और बुध बैठ चुके हैं. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, एक राशि में तीन ग्रहों से ज्यादा की उपस्थिति ग्रह युद्ध की स्थिति पैदा करती है. ऐसे में कई बार राजयोग की संभावना भी बनती है. मकर राशि में 30 जनवरी तक सूर्य के रहने से शनि अस्त रहेंगे. शनि के अस्त रहने से कई राशियों पर बुरा प्रभाव पड़ सकता है. आइए जानते हैं इस स्थिति में किन राशियों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है.
मेष-
मेष राशि के 10वें घर में सूर्य और शनि एकसाथ विराजमान हैं. दोनों ही सत्ता और नौकरी के कारक माने जाते हैं. शनि के अस्त होने की वजह से दोनों ही मामलों में दिक्कतें बढ़ सकती हैं. 4 ग्रहों की युति की वजह से अगले 15 दिनों तक सावधान रहने की जरूरत है.
वृषभ-
वृषभ राशि के लिए ग्रहों की यह युति लाभकारी होगी. 30 तारीख तक शनि भाग्य को बांधकर रखेंगे. इसके बाद स्थिति बेहतर हो जाएगी. मई, 2020 के बाद भाग्य चमकने लगेगा.
मिथुन-
मिथुन राशि में चार ग्रहों की यह युति 8वें घर में बन रही है. सूर्य-बुध जब 8वें घर में होते हैं तो इंसान का बौद्धिक विकास होता है. शनि के अस्त होने से मिथुन राशि वालों को थोड़ा नुकसान हो सकता है. दांपत्य जीवन में बाधाएं आ सकती है. कोर्ट-कचहरी के मामलों में न पड़ें. 31 जनवरी के बाद समय बेहतर हो जाएगा.
कर्क-
कर्क राशि के 7वें घर में शनि का गोचर हुआ है. 7वें घर में जब चार ग्रह एकसाथ आकर बैठते हैं तो विवाह के मामलों में बड़ी दिक्कतें आती हैं. पति-पत्नी के बीच झगड़े बढ़ सकते हैं. हालांकि कारोबार के मामले में शनि लाभ देंगे.
सिंह-
सिंह राशि के छठे घर में शनि और सूर्य की युति अशुभ संयोग बना रही है. पिता की सेहत खराब हो सकती और आपके सिर पर कर्जों का भार बढ़ सकता है. हालांकि, सूर्य-शनि के एकसाथ होने की वजह से शत्रुओं का नाश होगा.
कन्या-
कन्या राशि के 5वें घर में शनि का गोचर हुआ है. 5वें घर का गोचर संतान के लिए कष्टकारी हो सकता है. लव लाइफ में भी दिक्कतें बढ़ेंगी. हालांकि जनवरी के बाद स्थितियां नियंत्रण में आ जाएंगी. बच्चों को पढ़ाई-लिखाई में भी सफलता मिलेंगी.
तुला-तुला राशि के चौथे भाव में शनि का गोचर हुआ है. मां के स्वास्थ्य के लिए ग्रहों की यह युति अच्छी नहीं है. धन के मामले में कोई बड़ी समस्या नहीं होगी. नौकरी-व्यापार के मामलों में मेहनत करने पर ही अच्छे फल प्राप्त होंगे.
वृश्चिक-
वृश्चिक राशि के तीसरे भाव में शनि का गोचर हुआ है. भाई-बहनों के साथ रिश्ते खराब हो सकते हैं. यात्रा में भी नुकसान हो सकता है. पराक्रम में वृद्धि होगी, लेकिन 1 फरवरी के बाद ही लाभ के योग बन रहे हैं. भगवान विष्णु की उपासना करने से स्थिति सामान्य हो सकती हैं.
धनु-
धनु राशि के दूसरे भाव में शनि का गोचर हुआ है. दूसरा भाव वाणी का होता है, इसलिए वाणी पर संयम रखने की जरूरत होगी. पिता या पत्नी में झगड़ों के योग बन रहे हैं. गृह क्लेश बढ़ सकता है. 31 जनवरी के बाद स्थिति बेहतर होंगी और धन लाभ के भी योग बनेंगे.
मकर-
मकर राशि के लग्न में चार ग्रहों की युति असमंजस की स्थिति पैदा करेंगी. तालमेल में कमी आएगी. गुस्से की वजह से पड़ोसी या सहकर्मियों के साथ अनबन हो सकती है. पैतृक संपत्ति में भी कमी आ सकती है. मकर राशि वालों का भाग्य 16 फरवरी के बाद बेहतर होने की संभावना है.
कुंभ-
कुंभ राशि के 12वें भाव में चार ग्रहों की युति बन रही है. खर्चे बहुत ज्यादा बढ़ेंगे. पिता के स्वास्थ्य पर बहुत ज्यादा खर्च होगा. कर्ज लेने से बचें. अगले 15 दिनों तक कर्ज न लें. इस दौरान शनि चालीसा का पाठ करने से आपकी मुसीबतें कुछ कम हो सकती हैं.
मीन-
मीन राशि के 11वें भाव में यह चार ग्रह हैं. 30 जनवरी से पहले बड़ा निवेश करने से बचें. बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती की पूजा करने से लाभ मिल सकता है. नौकरी और व्यवसाय में तरक्की मिलने की संभावना है.