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क्या होता है अंगारक योग? आपकी राशि पर है इसका प्रभाव तो इन उपायों से करें दूर

इस योग से शल्य चिकित्सा और दुर्घटना की सम्भावना बन जाती है. यह क्रोध भी बढ़ाता है और हिंसा की तरफ भी ले जाता है.

क्या होता है अंगारक योग? क्या होता है अंगारक योग?
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 06 अक्टूबर 2020,
  • अपडेटेड 4:32 PM IST
  • मंगल और राहु का योग होने से अंगारक योग बनता है.
  • अंगारक योग का बुरा असर साभी राशियों पर देखने को मिलता है

मंगल और राहु का योग (Mangal and rahu yog) होने से अंगारक योग बनता है. मंगल अग्नि तत्त्व का ग्रह है और राहु सामान्यतः वायु तत्त्व को प्रभावित करता है. अग्नि और वायु के संयोग से आग भड़कती है और विस्फोट जैसी स्थितियां बनती हैं. शल्य चिकित्सा और दुर्घटना की सम्भावना बन जाती है. यह क्रोध भी बढ़ाता है और हिंसा की तरफ भी ले जाता है. हर राशि पर इसके अलग-अलग प्रभाव होते हैं. इसलिए इसके उपाय भी अलग-अलग ही किए जाएंगे.

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अगर आपकी राशि मेष, सिंह या धनु है तो
एक तांबे का कड़ा दाहिने हाथ की कलाई में धारण करें. मंगल के मंत्र "ॐ अं अंगारकाय नमः" का 108 बार जाप करें. नित्य प्रातः गुड़ खाकर जल पीएं. सफेद रंग का प्रयोग करें.

अगर आपकी राशि वृष कन्या या मकर है तो
नित्य प्रातः हनुमान चालीसा का तीन बार पाठ करें. हर मंगलवार को मीठी चीजों का दान करें. मंगलवार को नमक का सेवन न करें. लाल रंग से दूर रहें.

अगर आपकी राशि मिथुन, तुला या कुम्भ है तो
नित्य प्रातः सूर्य को लाल फूल डालकर जल अर्पित करें. इसके बाद वहीं खड़े होकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. ताम्बे का एक छेद वाला सिक्का गले में धारण करें. मुल्तानी मिटटी से बाल और चेहरा धोएं.

अगर आपकी राशि कर्क वृश्चिक या मीन है तो
मंगलवार का उपवास रखें. मंदिर जाकर हनुमान जी के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करें. एक ताम्बे का छल्ला अनामिका अंगुली में धारण करें. रेशम का लाल वस्त्र अपने पास रखें.

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