अर्जेंटीना में पारा इस समय 40 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. भयानक हीटवेव चल रही है. लोग ठंडे पानी और छाया वाली जगहों की पनाह ले रहे हैं. लोग नदियों, फव्वारों, तालाबों के आपसापस जमा होकर खुद को ठंडा रख रहे हैं. लोगों के घरों में एसी भी ढंग से काम नहीं कर रहा है. इसे अर्जेंटीना के इतिहास का सबसे गर्म मौसम माना जा रहा है. (फोटोः एपी)
कैलिफोर्निया में मौसम की दोहरी मार पड़ी है. समुद्री तूफान की वजह से बाढ़ तो आई ही है. इसके अलावा बर्फीले तूफान ने चारों तरफ बर्फ की मोटी परत जमा रखी है. दक्षिणी कैलिफोर्निया में वायुमंडलीय नदी (Atmospheric River) की वजह से काफी ज्यादा बारिश हुई. जिससे वहां पर बाढ़ आ गई. लॉन्ग बीच और लॉस एंजेल्स काफी ज्यादा प्रभावित हुए. (फोटोः एपी)
कई जगहों पर तो गाड़ियां भी पानी में डूबी हुई है. दक्षिणी कैलिफोर्निया के कई इलाकों में बाढ़ है. कीचड़ बह रहा है. भूस्खलन और पत्थरों के सरकने की खबरें आई हैं. जिससे कई सड़कें बंद हो चुकी है. सुरंगें बंद हैं. खासतौर से प्रशांत महासागर के पास से गुजरने वाले हाइवे. लॉस एंजेल्स में 50 से ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं. (फोटोः एपी)
इस समुद्री तूफान ने पहले ओरेगॉन को निशाना बनाया. इसके बाद उत्तरी कैलिफोर्निया, फिर दक्षिणी इलाका और सैन फ्रांसिस्को के पास वाले खाड़ी इलाके को. यहां तेज हवाएं चलीं. काफी ज्यादा बारिश हुई है. लेकिन हैरानी इस बात की है कि उत्तरी इलाके में बर्फबारी हो रही है. वो भी बड़े पैमाने पर. सियेरा नेवादा रेंज बर्फ से ढंका हुआ है. (फोटोः एपी)
अभी कैलिफोर्निया के बड़े इलाके में अगले 24-36 घंटे तक बारिश होने के आसार हैं. उधर मैमथ माउंटेन रेंज के आसपास भयानक बर्फबारी हुई है. गाड़ियां बर्फ में फंसी हुई हैं. फिलहाल किसी को इस जगह पर स्की करने की अनुमति नहीं दी जा रही है. कैलिफोर्निया में ऐसे मौसमी बदलाव की वजह अल-नीनो बताया जा रहा है. (फोटोः एपी)
अब बात करते हैं स्पेन की. स्पेन के पूर्व में स्थित कैटालोनिया में लोगों को उनकी कार धुलने से मना किया गया है. स्वीमिंग पूल्स को खाली कर दिया गया है. ताकि सूखे से जूझ रहे इलाकों को ज्यादा से ज्यादा पीने का पानी दिया जा सके. यहां पर इस समय इतिहास का सबसे खतरनाक सूखा चल रहा है. (फोटोः एपी)
कैटालोनिया के 200 गांवों, कस्बों और शहरों के 60 लाख लोग इस समय परेशान हैं. यह बार्सिलोना के बाद स्पेन का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहां के जलाशयों में इनकी क्षमता का सिर्फ 16 फीसदी पानी बचा है. इस इलाके को आइबेरियन प्रायद्वीप कहते हैं. जो इस समय 1200 के इतिहास का सबसे खतरनाक सूखे से जूझ रहा है. (फोटोः रॉयटर्स)
स्थानीय सरकार और प्रशासन से लोगों को अपने पानी के इस्तेमाल में 5 फीसदी की कटौती करने को कहा है. जबकि किसानों को 80 फीसदी कटौती करने को कहा है. अगर इससे स्थिति नहीं सुधरी तो 210 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन के इस्तेमाल की क्षमता को घटाकर 200 लीटर प्रति व्यक्ति प्रति दिन कर दिया जाएगा. (फोटोः रॉयटर्स)
रीजनल चीफ पेरे अरागोन्स कहते हैं कि सूखे से तो हम बाहर निकल जाएंगे. लेकिन हम नई क्लाइमेट रियलिटी में जी रहे हैं. अब ऐसे सूखे भविष्य में भी आते रहेंगे. ये और ज्यादा तीव्र होंगे. इंसानों और जानवरों को पानी मिलना मुश्किल हो जाएगा. (फोटोः रॉयटर्स)