मंगल ग्रह (Mars) से लगातार ऐसी तस्वीरें आ रही हैं, जो किसी को भी हैरान कर सकती हैं. कई आकार और रंगों के पत्थरों के मिलने के बाद अब लाल ग्रह पर एक ऐसा पत्थर दिखा है, जो एक फूल की तरह दिखता है. इसकी तस्वीर नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने ली है. पहले तो वैज्ञानिकों को लगा कि यह कोई फूल है. जब जांच की तो पता चला कि यह एक पत्थर है, जिसका निर्माण बेहद ही रोचक तरीके से हुआ है. (फोटोः केविन एम. गिल/ट्विटर)
फूल जैसे इस पत्थर का निर्माण खनिजों के जुड़ने की वजह से इस तरह का हुआ है. ऐसे लगता है कि फूल की अलग-अलग पंखुड़ियां अलग-अलग दिशा में निकल रही हों. इस तरह की आकृतियों को डाइजेनेटिक क्रिस्टल क्लस्टर (Diagenetic Cystal Clusters) कहते हैं. डाइजेनेटिक मतलब अलग-अलग खनिजों (Minerals) के मिलने से थ्री-डायमेंशनल आकार बनता है. इस फूल में कई खनिजों का मिश्रण है. (फोटोः केविन एम. गिल)
क्यूरियोसिटी मिशन की डिप्टी प्रोजेक्ट साइंटिस्ट एबिजिल प्रेमैन ने अपने ट्विटर पर लिखा है कि इस तरह की आकृतियां नमक से बनी होती है, जिन्हें सल्फेट्स (Sulfates) कहते हैं. ये किसी बड़े पत्थरों पर मौजूद खनिजों के अलग-अलग कणों के मिलने से बनती हैं. चुंकि हवाओं की दिशा और गति बदलती रहती है, इसलिए इनकी कोई निश्चित आकृति नहीं होती, बस ये आपस में जुड़ते चले जाते हैं. कुछ समय के बाद ये खत्म भी हो जाते हैं. (फोटोः केविन एम. गिल)
इस फूल जैसी आकृति वाले पत्थर को नासा के वैज्ञानिकों ने पिछले हफ्ते ही देखा था. आखिर में इसे नाम दिया गया ब्लैकथॉर्न सॉल्ट (Blackthorn Salt). इसकी तस्वीर क्यूरियोसिटी रोवर पर लगे मार्स हैंड लेंस इमेजर (MAHLI) ने ली है. इस कैमरे के पास जूम करने का ज्यादा ताकत है. यह बेहद क्लोज अप तस्वीरें लेने में सक्षम है. इसकी वजह से कई पत्थरों की सतह पर खनिजों और टेक्स्चर का खुलासा हो पाता है. (फोटोः केविन एम. गिल)
इसके कुछ दिन पहले भी क्यूरियोसिटी रोवर ने लाल ग्रह (Red Planet) पर स्पर्म (Sperm) की आकृति का पत्थर देखा था. जिसे लेकर वैज्ञानिक बेहद खुश थे. इस पत्थर को प्रकृति ने जिस तरह से तराशा है, वह काबिल-ए-तारीफ है. ऐसा नहीं है कि मंगल पर सिर्फ पत्थर मिलते हैं. कई तो इतने खूबसूरत या फिर विचित्र आकार के होते हैं कि वह दुनिया भर का ध्यान खींच लेते हैं. (फोटोः फ्रेड एस. एटकिन्सन/NASA/JPL/Caltech)
हाल ही में मंगल ग्रह पर इंसान के पुट्ठे (Butt) जैसी आकृति का एक पत्थर मिला था. इसे मार्स पर्सिवरेंस रोवर (Perseverance Rover) ने खोजा था. इससे पहले भी लाल ग्रह पर हरा पत्थर दिखा था. डायनासोर के मुंह जैसा पत्थर दिखा था. मछली के आकार और इंसानी चेहरे जैसी आकृतियां दिखाई दी थीं. (फोटोः NASA)
केविन एम. गिल रोवर द्वारा भेजी गई खराब और टूटी-फूटी फोटोग्राफ्स को जोड़कर एक पूरी तस्वीर बनाने का काम भी करते हैं. कई बार उन्होंने ऐसी चीजें खोजी हैं, जो दुनिया भर को हैरानी में डाल देती हैं. साथ ही इन्हें देखकर खुशी भी होती है. यानी मंगल ग्रह की तस्वीरों से आपको एक हास्यास्पद राहत भी मिलती है. जैसे इस पत्थर को ही देख लीजिए... ये किसी ब्राचियोसॉरस (Brachiosaurus) डायनासोर की गर्दन की तरह दिखता है. हां बस आकार कम है. (फोटोः केविन एम. गिल)
इससे अलावा लाल ग्रह यानी मंगल पर जब किसी भी अन्य रंग के होने की उम्मीद नहीं होती, तब नासा के पर्सिवरेंस रोवर ने एक हरे पत्थर (Martian Green Rock) की खोज की थी. नासा के मार्स पर्सिवरेंस रोवर को यह पत्थर तब दिखा जब वह इंजीन्यूटी हेलिकॉप्टर को सतह पर उतारने के बाद आगे बढ़ रहा था. इस रहस्यमयी हरे रंग के पत्थर की असलियत का खुलासा अभी नहीं हुआ है. ये कहां से आया है. ये किस चीज से बना है. लेकिन इसमें छोटे-छोटे गड्ढे हैं और बीच-बीच में चमकदार हरे रंग के क्रिस्टल जैसी वस्तु. यह रोशनी पड़ने पर तेजी से चमक जाती है. (फोटोः NASA)
नासा का वाइकिंग-1 ऑर्बिटर ने साल 1976 में जब मंगल ग्रह के चारों तरफ चक्कर लगा रहा था, तब उसे एक ऐसी तस्वीर दिखी जो ऐतिहासिक बन चुकी है. इस तस्वीर में मंगल ग्रह की सतह पर इंसानी चेहरा (काले घेरे में) दिखाई दे रहा है. अगर आपके पास कलात्मक दिमाग है तो आप सतह पर इस घेरे के अंदर दो आंखें, एक नाक, एक मुंह और अजीब हेयरस्टाइल भी देख सकेंगे. (फोटोः NASA)
नासा के क्यूरियोसिटी रोवर ने मंगल ग्रह पर मछली के आकार का पत्थर देखा था. इसकी तस्वीर सामने आते ही एलियन से प्रेम करने वाले लोगों ने कई तरह की कहानियां बनानी शुरु कर दी थीं. हालांकि यह एक पत्थर था जो किसी तरह से वह मछली जैसे आकार में बदल गया था. (फोटोः NASA)