केरल में मॉनसूनी बारिश के बादल देखे आपने. राहत और सुकून से भरे. मौसम विभाग को उम्मीद है कि इन बादलों की वजह से ही देश को गर्मी से राहत मिलेगी. अगर आप बात करेंगे दिल्ली-NCR की, तो थोड़ा समय अभी और है लेकिन तापमान गिरता जाएगा. बारिश 25 से 30 जून की बीच आएगी. उसके पहले प्री-मॉनसूनी बारिश होगी. (सभी फोटोः PTI)
उत्तर-पूर्वी राज्यों में अगले चार-पांच दिनों में तेज और बहुत तेज बारिश होगी. लेकिन छितराई हुई. मौसम विभाग को अनुमान है कि उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत की गर्मी का आलम अब कमजोर पड़ेगा. पारा धीरे-धीरे नीचे गिरेगा.
केरल से आई इन तस्वीरों को देख कर ठंडक तो मिल रही है लेकिन असल ठंडक मिलने में एक-दो हफ्ते बाकी हैं. फिलहाल मॉनसून केरल, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, अरुणाचल प्रदेश और त्रिपुरा, मेघालय और असम के कई इलाकों तक पहुंच गया है.
अरब सागर का कुछ हिस्सा. लक्षद्वीप और अंडमान के कुछ इलाकों में भी बारिश हुई है. तमिलनाडु के कुछ हिस्सों में भी बारिश हुई है. बारिश का उत्तरी हिस्सा अमिनी, कन्नूर, कोयंबटूर, कन्याकुमारी, अगरतला और धुबरी को पार कर चुका है.
थोड़ी दिक्कत असम और आसपास के इलाकों में हो सकती है क्योंकि वहां पर ट्रोपोस्फेयरिक लेवल पर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. 30 से 40 km/hr की स्पीड से हवाएं चल सकती हैं.
उत्तर-पूर्व के कुछ राज्यों में थंडरस्टॉर्म, बिजली गिरना और तेज हवाओं के चलने की उम्मीद है. ये अगले सात दिनों तक उत्तर-पूर्वी राज्यों के लिए बेहद जरूरी है. यहां काफी तेज बारिश होने की संभावना है.
उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर भी साइक्लोनिक सर्कुलेशन है. इसके अलावा बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, छत्तीसगढ़ में अगले पांच दिनों में बारिश, थंडरस्टॉर्म, बिजली कड़कने और तेज हवाओं के चलने का अनुमान है.
मध्यप्रदेश, विदर्भ, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा में 1 से 3 जून के बीच ऐसी ही हालत होने वाली है. तमिलनाडु, पुड्डुचेरी, कराईकल, तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और रायलसीमा में अगले सात दिनों में मध्यम से तेज दर्जे की बारिश का अनुमान है. यही केरल से आ रहे बादल ही ये काम करेंगे.
मजेदार बात ये है कि एक पश्चिमी विक्षोभ भी आ रहा है. इसकी वजह से जम्मू-कश्मीर-लद्दाख-गिलगिट-बाल्टिस्तान, मुजफ्फराबाद, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में 30 मई से 2 जून के बीच छितराई हुई हल्की बारिश हो सकती है. साथ में थंडरस्टॉर्म भी आ सकता है.