दुनिया में अमर होना आम बात है. हमेशा जवान रहना भी. हां बस उसके लिए आपको इंसान नहीं कोई और जीव बनना होगा. ये जीव न तो भगवानों की श्रेणी में आते हैं न ही वैंपायरों की. लेकिन दुनिया भर के समुद्रों में भारी मात्रा में मिलते हैं. अगर इंसान को अमर होना है तो उसे जेलीफिश बनना पड़ेगा. लेकिन सभी जेलीफिश अमर नहीं हैं. यह वरदान सिर्फ एक ही प्रजाति को मिली है. (फोटोः गेटी)
दुनिया में सिर्फ एक ही जीव अमर है. यह जेलीफिश की प्रजाति है टूरिटॉपसिस डॉहर्नी (Turritopsis Dohrnii). इन्हें दुनिया के दस सबसे ज्यादा जीने वाले जीवों की श्रेणी में रखा गया है. ये संभवतः अमर माने जाते हैं. इनके पास अमरत्व का वरदान है. वैज्ञानिकों ने इस जेलीफिश के जीन्स की स्टडी करने के लिए इसके सबसे नजदीकी टूरिटॉपसिस रुब्रा (T. Rubra) के डीएनए की जांच की. ताकि बढ़ती उम्र से बचने का रास्ता खोजा जा सके. (फोटोः ट्विटर/डीपसीओटीडी)
दुनिया में सिर्फ एक ही जीव अमर है. यह जेलीफिश की प्रजाति है टूरिटॉपसिस डॉहर्नी (Turritopsis Dohrnii). इन्हें दुनिया के दस सबसे ज्यादा जीने वाले जीवों की श्रेणी में रखा गया है. ये संभवतः अमर माने जाते हैं. इनके पास अमरत्व का वरदान है. वैज्ञानिकों ने इस जेलीफिश के जीन्स की स्टडी करने के लिए इसके सबसे नजदीकी टूरिटॉपसिस रुब्रा (T. Rubra) के डीएनए की जांच की. ताकि बढ़ती उम्र से बचने का रास्ता खोजा जा सके.
अमेरिकन म्यूजियम ऑफ नेचुरल हिस्ट्री के मुताबिक वयस्क टूरिटॉपसिस डॉहर्नी वापस पॉलिप्स बनने की क्षमता रखता है. अगर नुकसान पहुंचता है. या खाना नहीं मिलता तो वह वापस पॉलिप्स बन जाता है. बाद में फिर जेलीफिश बन जाता है. यह आमतौर पर भूमध्यसागर में पाया जाता है. यह अपना जीवनचक्र कई बार रिपीट करता है. इसका आकार 4.5 मिलिमीटर का होता है. अगर इन्हें मछलियां न खाएं तो ये कभी नहीं मरते. (फोटोः ट्विटर/मारिया पॉस्कल टोर्नर)
हॉलीवुड फिल्म 'द क्यूरियस केस ऑफ बेंजामिन बटन' की तरह ही हाइड्रा की तीन प्रजातियां होती हैं, जो अपनी उम्र को वापस शुरू करने की क्षमता रखती हैं. ये उलटा भी जा सकती हैं. यानी युवावस्था से शिशु अवस्था में. असल में इनके प्रजनन की प्रक्रिया ऐसी होती है कि एक बार प्रजनन करने के बाद ये वापस शिशुअवस्था में चले जाते हैं. टूरिटॉपसिस डॉहर्नी (Turritopsis Dohrnii) भी इसी तरह लाइफ साइकल रिवर्सल (LCR) को कई बार कर सकती हैं. जितनी बार मन करे उतनी बार या फिर जिनती बार परिस्थितियां साथ दें उतनी बार. (फोटोः ट्विटर/मारिया पॉस्कल टोर्नर)
इसके बारे में एक स्टडी हाल ही में प्रोसीडिंग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज जर्नल में प्रकाशित हुई है. स्पेन स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ ओविडो में जेनेटिक्स की प्रोफेसर डॉ. मारिया पॉस्कल टोर्नर ने बताया कि हमें कोई सिंगल जेनेटिक ट्रिक नहीं मिली, जिससे ये पता चले कि टूरिटॉपसिस डॉहर्नी (Turritopsis Dohrnii) का एक जीन इस चमत्कार के लिए जिम्मेदार है. हमें कई तरह के जेनेटिक वैरिएंट्स मिले जो विकसित हो रहे जेलीफिश को वापस बच्चा बना देते हैं. इनके जीन्स इनकी उम्र को बढ़ाने वाले डीएनए को रिपेयर करते रहते हैं. (फोटोः ट्विटर/डीपसीओटीडी)
डॉ. मारिया पॉस्कल टोर्नर ने बताया कि ये जीन्स टेलोमीयर मेंटेनेंस, रीडॉक्स एनवायरमेंट, स्टेम सेल पॉपुलेशन और अंतरकोशकीय संचार को संभालती हैं. लाइफ साइकल रिवर्सल (LCR) की प्रक्रिया में ये जीन्स स्टेम सेल की उस क्षमता को विकसित कर देते हैं जो उसे वापस अपना पुराना रूप लेने में मदद करते हैं. समुद्र में ओर्का व्हेल्स (Orca Whales) भी मेनोपॉज यानी प्रजनन की क्षमता खत्म करने के बाद ज्यादा सेहतमंद और लंबा जीवन जीती हैं. टूरिटॉपसिस डॉहर्नी (Turritopsis Dohrnii) अमर नहीं हैं लेकिन अपने जीवन को लंबा और बहुत लंबा चला सकती हैं. (फोटोः गेटी)