भारत चाहता है कि वह रूस से Igla-S Anti-Aircraft Missile का लाइसेंस लेकर इसे देश में बनाए. यह कंधे पर रखकर हवा में दागी जाने वाली एंटी-एयरक्राफ्टर मिसाइल है. भारतीय सेनाओं के पास इसके पुराने वर्जन मौजूद हैं. इसकी मदद से दुश्मन के विमान या हेलिकॉप्टर को मारकर गिराया जा सकता है.
इग्ला-एस एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल का वजन 10.8 किलोग्राम होता है. जबकि पूरे सिस्टम का वजन 18 किलोग्राम. सिस्टम की लंबाई 5.16 फीट होती है. व्यास 72 मिलिमीटर. इस मिसाइल की नोक पर 1.17 किलोग्राम वजन का विस्फोटक लगाया जाता है. Igla-S की रेंज 5 से 6 किलोमीटर है. अधिकतम 11 हजार फीट तक जा सकती है.
यह मिसाइल 2266 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से टारगेट की तरफ बढ़ती है. यानी दुश्मन को बचने का मौका कम ही मिलता है. कहा जा रहा है कि भारत ने रूस के साथ इस मिसाइल को लेकर पांच महीने पहले ही समझौता कर लिया है. इग्ला-एस मिसाइल की पहली बैच जल्दी ही भारतीय सेना को मिलने वाली है.
नई इग्ला-एस हैंड-हेल्ड एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल भारतीय सेना में शामिल पुरानी इग्ला मिसाइल को बदलेगी. पुरानी इग्ला मिसाइल 1990 के दशक में सेना में शामिल की गई थी. फिलहाल सेना ने यह नहीं बताया कि इग्ला-एस मिसाइलों की पहली बैच में कितनी मिसाइलें या सिस्टम्स आ रहे हैं.
भारत इन मिसाइलों को मेक-इन-इंडिया मिशन के तहत देश में बनाना चाहता है. रूस कई सालों से भारत को हथियार देता आ रहा है. दोनों देशों के बीच सैन्य हथियारों को लेकर कई समझौते हुए हैं. भारत इस संबंध को लगातार संतुलित तरीके से लेकर आगे चल रहा है. जबकि पिछले साल यूक्रेन पर रूस ने हमला भी किया था.
रूसी हथियार एक्सपोर्ट एजेंसी रोसोबोरोनएक्सपोर्ट के सीईओ एलेक्जेंडर मिखीव ने कहा कि भारत और रूस के बीच इग्ला-एस एयर डिफेंस सिस्टम के लाइसेंस के लिए समझौता हो चुका है. हम बहुत जल्द किसी भारतीय निजी कंपनी के साथ मिलकर इस मिसाइल को बनाएंगे. भारत से इस मिसाइल का उत्पादन दुनिया के लिए मायने रखेगा.
अक्टूबर 2018 में भारत ने रूस के साथ S-400 एयर डिफेंस सिस्टम की डील की थी. ये पांच बिलियन डॉलर्स की डील थी. तब अमेरिका ने कहा था कि अगर रूस के साथ भारत समझौता करेगा, तो अमेरिका उसके ऊपर CAATSA एक्ट के तहत प्रतिबंध लगाएगा. रूस ने पहला रेजिमेंट दिसंबर 2021 ने डिलिवर किया.
भारत ने S-400 एयर डिफेंस सिस्टम को पाकिस्तान और चीन की सीमाओं पर लगाया है. यह रूस का सबसे अत्याधुनिक हवाई सुरक्षा सिस्टम है. यह सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली है. यूक्रेन के साथ युद्ध के चलते भारत ने कभी भी रूस की सीधे तौर पर आलोचना नहीं की.