भारतीय सेना अब 155 मिलिमीटर के तोपों पर फोकस कर रही है. क्योंकि फ्यूचर इन्हीं का है. इन तोपों के जरिए आप सिर्फ गोले ही नहीं बल्कि, प्रेसिशन फायरिंग, रॉकेट, ड्रोन्स भी दाग सकते हैं. असल में इंडियन आर्मी 400 नए तोप खरीदने जा रही है. इनमें धनुष, शारंग, अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर, के-9 वज्र टैंक भी शामिल होंगे. (फोटोः विकिपीडिया)
धनुष (Dhanush) ... 155 mm/45 कैलिबर टोड हॉवित्जर धनुष को साल 2019 में भारतीय सेना में शामिल किया गया है. यह बोफोर्स तोप का स्वदेशी वर्जन है. फिलहाल सेना के पास 12 धनुष है. 114 का ऑर्डर गया हुआ है. जिनकी संख्या अंत तक बढ़ाकर 414 की जा सकती है. अब तक 84 बनाए जा चुके हैं. (फोटोः पीटीआई)
धनुष को चलाने के लिए 6 से 8 क्रू की जरूरत होती है. इसके गोले की रेंज 38 किलोमीटर है. बर्स्ट मोड में यह 15 सेकेंड में तीन राउंड दागता है. इंटेंस मोड में 3 मिनट में 15 राउंड और संस्टेंड मोड में 60 मिनट में 60 राउंड. यानी जरूरत के हिसाब से दुश्मन के छक्के छुड़ा सकता है. (फोटोः एएफपी)
एम-46 शारंग (M-46 शारंग) ... यह एक फील्ड गन है. इसके दो वैरिएंट्स है- 133 मिलीमीटर और 155 मिलीमीटर. भारत के पास ऐसे 1100 फील्ड गन्स है. यह तीन रेट में फायर करता है. आमतौर पर एक मिनट में 6 राउंड. बर्स्ट मोड पर 8 और सस्टेंड मोड पर 5 राउंड. इसका गोला करीब एक किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दुश्मन की ओर बढ़ता है. इसके गोले की रेंज 27.5 किलोमीटर से लेकर 38 किलोमीटर तक है. (फोटोः डीआरडीओ)
के9-वज्र टी (K-9 Vajra-T) ... 155 मिलीमीटर की सेल्फ प्रोपेल्ड आर्टिलरी है के9-वज्र टी. ऐसे 100 तोप भारतीय सेना में तैनात हैं. इसके अलावा 200 तोप और आ सकते हैं. असल में इसे दक्षिण कोरिया बनाता है. लेकिन भारत में इसे देश की परिस्थितियों के हिसाब से बदल दिया गया. यह काम स्वदेशी कंपनी ही कर रही है. (फोटोः पीटीआई)
इसके गोले की रेंज 18 से 54 किलोमीटर तक है. मतलब इतनी दूर बैठा दुश्मन बच नहीं सकता. इसका उपयोग अभी चीन के साथ हुए संघर्ष के दौरान भी किया गया था. इसमें 48 राउंड गोले स्टोर होते हैं. ऑपरेशनल रेंज 360 किलोमीटर और अधिकतम कति 67 किलोमीटर प्रतिघंटा है. (फोटोः गेटी)
एटीएजीएस (ATAGS) ... 155 mm की यह गन भारतीय सेना के पास फिलहाल 7 हैं. साल 2016 में इसका पहला परीक्षण हुआ था. 40 तोपों का ऑर्डर किया हुआ है. इसके अलावा 150 और तोप बनाए जाएंगे. इसे चलाने के लिए 6 से 8 लोगों की जरूरत पड़ती है. (फोटोः डीआरडीओ)
बर्स्ट मोड में 15 सेकेंड में 3 राउंड, इंटेस में 3 मिनट में 15 राउंड और 60 मिनट में 60 राउंड फायर करता है. इसकी फायरिंग रेंज 48 किलोमीटर है. लेकिन इसे बढ़ाकर 52 करने का प्रयास किया जा रहा है. (फोटोः डीआरडीओ)
अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर (ULH)... 155 mm की यह तोप भारत के पास 110 से ज्यादा हैं. इसे आठ लोग मिलकर चलाते हैं. एक मिनट में 7 गोले दागता है. गोले की रेंज अलग-अलग कोण पर 24 से 40 KM है. गोला एक किलोमीटर प्रति सेकेंड की गति से दुश्मन की ओर बढ़ता है. ये चीन और पाक सीमाओं पर तैनात किया गया है. (फोटोः एडीजीपीआई)
इसका वजन 4200 किलोग्राम है. लंबाई 35 फीट है. इसके बैरल यानी नली की लंबाई 16.7 फीट है. इसकी मदद से छह तरह के गोले दागे जा सकते हैं. सभी गोले 155 मिलिमीटर कैलिबर के होते हैं. सामान्य तौर पर यह तोप दो गोले प्रति मिनट और अधिकतम गति के साथ 7 गोले प्रति मिनट दाग सकता है. इसमें लगने वाले एक्सकैलिबर गोले की रेंज 40 किलोमीटर होती है. (फोटोः गेटी)