Advertisement

साइंस न्यूज़

INS Mormugao: इंडियन नेवी का नया 'हंटर-किलर'... दुश्मन कहीं भी हो पल भर में साफ, ब्रह्मोस-बराक मिसाइलों से है लैस

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 25 नवंबर 2022,
  • अपडेटेड 1:20 PM IST
  • 1/7

अब चाहे अरब सागर हो या फिर बंगाल की खाड़ी या हिंद महासागर किसी भी तरफ से दुश्मन देश की तरफ नजर उठाकर नहीं देख पाएगा. बहुत बड़ी वजह है. भारतीय नौसेना को उसका दूसरा PB15 स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर मिल गया है. इस विध्वंसक युद्धपोत में भारत की सबसे ताकतवर मिसाइलें ब्रह्मोस और बराक लगी हैं. यह युद्धपोत दुश्मन का जहाज देखते ही अपने डेक से एंटी-एयरक्राफ्ट मिसाइल लॉन्च कर सकता है. जानिए इस जंगी जहाज के नौसेना में शामिल होने से क्या फायदा होगा? क्या इससे हिंद महासागर में भारत की धमक बढ़ जाएगी? (फोटोः रक्षा मंत्रालय)

  • 2/7

आईएनएस मोरमुगाओ (INS Mormugao) को मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने बनाया है. इससे पहले भारतीय नौसेना को इस क्लास का आईएनएस विशाखापट्टनम मिला था. ये दोनों जंगी जहाज सिर्फ भारतीय नौसेना की ताकत ही नहीं बढ़ाएगा बल्कि आत्मनिर्भर भारत को लेकर चलाए जा रहे मुहिम को भी आगे ले जाएगा. (फोटोः भारतीय नौसेना)

  • 3/7

आईएनएस मोरमुगाओ (INS Mormugao) स्टेल्थ गाइडेड मिसाइल डेस्ट्रॉयर को बनाने की शुरुआत 04 जून 2015 में हुई थी. 24 नवंबर 2022 में इसे भारतीय नौसेना को सौंपा गया. यह 7400 टन का जंगी जहाज है. 535 फीट लंबे इस युद्धपोत को ट्विवन जोर्या M36E गैस टर्बाइन प्लांट, बर्जेन केवीएम डीजल इंजन ताकत देते हैं. (फोटोः भारतीय नौसेना)

Advertisement
  • 4/7

आईएनएस मोरमुगाओ (INS Mormugao) की अधिकतम गति 56 KM प्रतिघंटा है. अगर यह 26 KM प्रतिघंटा की स्पीड से चलता है तो इसकी रेंज 7400 KM है. इस जंगी जहाज पर 300 नौसैनिक रह सकते हैं. जिसमें से 50 ऑफिसर और 250 सेलर्स शामिल हैं. इसमें डीआरडीओ द्वारा बनाया गया इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर शक्ति ईडब्ल्यू सुइट और कवच चैफ सिस्टम लगा है. (फोटोः भारतीय नौसेना)

  • 5/7

मोरमुगाओ गाइडेड मिसाइल विध्वंसक में 32 एंटी-एयर बराक-8 मिसाइलें तैनात हैं. इनकी रेंज 100 KM है. इसके अलावा 16 एंटीशिप BrahMos मिसाइलें तैनात हैं. दोनों ही मिसाइलें वर्टिकल लॉन्च सिस्टम के तहत छोड़ी जाएंगी. यानी इन दोनों मिसाइलों से लैस होने के बाद ये युद्धपोत समुद्री शैतान की तरह दुश्मन के जहाजों और विमानों पर मौत बनकर टूट पड़ेगा. (फोटोः भारतीय नौसेना)

  • 6/7

इसके अलावा आईएनएस मोरमुगाओ (INS Mormugao) पर एक 76 मिलीमीटर की OTO मेराला तोप, 4 AK-603 CIWS गन लगी है. जो दुश्मन के जहाज, मिसाइल या विमान को छलनी कर सकती हैं. इसमें 533 मिलिमीटर की 4 टॉरपीडो ट्यूब्स हैं, इसके अलावा 2 RBU-6000 एंटी-सबमरीन रॉकेट लॉन्चर लगे हैं. यानी जमीन, हवा और पानी तीनों से दुश्मन इस युद्धपोत पर हमला करने से पहले सोचेगा. (फोटोः भारतीय नौसेना)

Advertisement
  • 7/7

आईएनएस मोरमुगाओ (INS Mormugao) पर दो वेस्टलैंड सी किंग या HAL ध्रुव हेलिकॉप्टर ले जाए जा सकते हैं. इस युद्धपोत में स्टेट ऑफ द आर्ट सेंसर लगे हैं, जो दुश्मन के हथियारों का आसानी से पता कर सकते हैं. ये सेंसर्स ऐसे डेक में लगाए गए हैं, जिन्हें दुश्मन देख नहीं सकता. इसमें बैटल डैमेज कंट्रोल सिस्टम्स लगाए गए हैं. यानी युद्ध के दौरान अगर जहाज के किसी हिस्से में नुकसान हो तो पूरा युद्धपोत काम करने बंद न करे. (फोटोः रक्षा मंत्रालय)

Advertisement
Advertisement