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साइंस न्यूज़

समुद्र में बारूदी सुरंग, जासूसी और हमला... जानिए Indian Navy के छठी अटैक सबमरीन के बारे में

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 04 दिसंबर 2023,
  • अपडेटेड 5:12 PM IST
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भारतीय नौसेना (Indian Navy) को मार्च 2024 तक कलवारी क्लास पनडुब्बी (Kalvari Class Submarine) मिल जाएगी. यानी प्रोजेक्ट-75 के तहत बनी छह अटैक सबमरीन नौसेना के पास पहुंच जाएंगी. पांच तो पहली ही नौसेना में शामिल हो चुकी हैं. इस पनडुब्बी का नाम होगा आईएनएस वागशीर (INS Vagsheer). (सभी फोटोः PTI/Indian Navy)

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आईएनएस वागशीर को पिछले साल 20 अप्रैल को लॉन्च किया गया था. तब से इसके समुद्री ट्रायल्स चल रहे हैं. इसे बनाया है मुंबई के मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने. इसमें हथियार लगाने से लेकर सभी काम को पूरा करने में मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड ने बाकी पनडुब्बियों से कम समय लिया है.  

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INS Vagsheer दुश्मन के रडार को धोखा देने की ताकत रखती है. एरिया सर्विलांस कर सकती है. जासूसी कर सकती है. इसमें एडवांस्ड एकॉस्टिक साइलेंसिंग तकनीक लगी है. यानी पानी में चलते समय इसमें से आवाज नहीं आती. अगर दुश्मन ने चालाकी की तो यह खतरनाक तरीके से हमला करने की ताकत भी रखती है. 

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आईएनएस वागशीर कई प्रकार के मिशनों को अंजाम दे सकती हैं. जैसे कि सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी रोधी युद्ध, खुफिया जानकारी एकत्र करना, समुद्री बारूदी सुरंग बिछाना, क्षेत्र की निगरानी आदि. पनडुब्बी को ऑपरेशन के समय हर परिस्थिति में संचालित करने के लिए डिजाइन किया गया है. 

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कलवारी क्लास की इस पनडुब्बी की लंबाई करीब 221 फीट, बीम 20 फीट और ऊंचाई 40 फीट है. इनमें 4 एमटीयू 12V 396 SE84 डीजल इंजन लगे होते हैं. इसके अलावा 360 बैटरी सेल्स होती हैं. 

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पानी की सतह पर यह अधिकतम 20km/घंटा और पानी के अंदर 37km/घंटा की रफ्तार से चल सकती है. इनकी रेंज इनकी गति के मुताबिक तय होती है. अगर यह सतह पर 15 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चल रही है, तो यह 12 हजार किलोमीटर तक चल सकती है. 

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पानी के अंदर यह 1020 किलोमीटर की रेंज तक जा सकती है लेकिन गति 7.4 किलोमीटर प्रतिघंटा होनी चाहिए. INS वागशीर 50 दिनों तक पानी के अंदर बिता सकती है. अधिकतम 350 फीट की गहराई जा सकती है. इसमें 8 सैन्य अधिकारी और 35 सेलर तैनात किए जा सकते हैं. 

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इनके अंदर एंटी-टॉरपीड काउंटरमेजर सिस्टम लगा है. इसके अलावा 533 मिमी के 6 टॉरपीडो ट्यूब्स होते हैं, जिनसे 18 एसयूटी टॉरपीडोस या एसएम.39 एक्सोसेट एंटी-शिप मिसाइल लॉन्च की जा सकती हैं. इसके अलावा यह पानी के अंदर 30 समुद्री बारूदी सुरंग बिछा सकती है.   

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कलवारी क्लास पनडुब्बियों में छह पनडुब्बियां हैं. ये हैं- INS कलवारी, खंडेरी, करंज, वेला, वागीर और वागशीर. अब सिर्फ वागशीर का नौसेना में शामिल होना बाकी है. पहले की पांच नौसेना में अलग-अलग जगहों पर तैनात की जा चुकी हैं. 

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