Israel अपने इनोवेटिव हथियारों के लिए जाना जाता है. वह किसी भी सामान्य चीज को हथियार में बदल सकता है. ऐसा ही किया उसने अपने एक बुलडोजर के साथ. यह बुलडोजर सिर्फ आतंकियों के ठिकानों को ठिकाने नहीं लगाता. बल्कि हमास आतंकियों को तितर-बितर करने या उन्हें मौत के घाट उतारने में कोई कसर नहीं छोड़ता. (सभी फोटोः IDF)
इस बुलडोजर का नाम है - IDF Caterpillar D9. इजरायल में इसे प्यार से डूबी (Doobi) बुलाते हैं. जिसका हिब्रू में मतलब होता है टेडी बियर. यह एक बख्तरबंद और हथियारबंद बुलडोजर है. जिसे इजरायल की सेनाएं इस्तेमाल करती हैं. इजरायल की डिफेंस फोर्सेस ने इसे कई बार मॉडिफाई किया है. इसलिए यह बेहद घातक हथियार बन चुका है.
आईडीएफ कैटरपिलर डी9 बुलडोजर कॉम्बैट इंजीनियरिंग के बेहतरीन उदाहरण है. साथ ही यह काउंटर-टेरेरिज्म ऑपरेशन में बेहद सफल माना जाता है. इसमें 405-410 हॉर्सपॉवर की ताकत है. इसे चलाने के लिए दो लोगों की जरूरत होती है. क्रू का केबिन बुलेटप्रूफ होता है. जो बम, मशीन गन और स्नाइपर की गोलियों से इजरायली सैनिकों को बचाता है.
इतना ही नहीं इस बुलडोजर के चारों तरफ ऐसे कवच लगाए गए हैं, इस पर रॉकेट प्रोपेल्ड ग्रैनेड (RPG) का असर भी नहीं होता है. नीचे की तरफ धातु की इतनी मोटी प्लेटिंग की गई है कि अगर बारूदी सुरंग फटे तो भी इस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता. यानी कुल मिलाकर यह इजरायल का बेहतरीन हथियार है.
कैटरपिलर डी9 बुलडोजर को गड्ढे करने, रेत के बैरियर बनाने, किलेबंदी करने, रेस्क्यू मिशन, पलटी हुई गाड़ियों को उठाने, IED बमों को उड़ाने, विस्फोटकों को निष्क्रिय करने, बूबी ट्रैप्स को साफ करने या रास्ते में आने वाली किसी भी बाधा को खत्म करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. यानी युद्ध के मैदान में ये सैनिकों के लिए रास्ता साफ करते चलता है.
इजरायली सेना के सामने इस बुलडोजर को 1954 में पेश किया गया था. तबसे इसे शामिल भी कर लिया गया. इसके बाद सिनाई युद्ध, सिक्स-डे वॉर, योम किप्पुर वॉर और ऑपरेशन पीस फॉर गैलीली में इसका बेहतरीन इस्तेमाल किया गया है. इस बार फिर गाजा पट्टी में इन बुलडोजरों का इस्तेमाल इजरायली सेना हमास आतंकियों के खिलाफ कर रही है.
इस बुलडोजर के ऊपर FN Mag बेल्जियन मशीन गन लगी होती है. यह 7.62 मिलिमीटर की जनरल परपज मशीन गन है. इसे भारत में भी बनाया जाता है. 11.8 किलोग्राम वजनी इस मशीन की रेंज 3500 मीटर होती है. यानी साढ़े तीन किलोमीटर. यह एक मिनट में 650 से 1000 गोलियां दाग सकती है.
साल 2014 में ऑपरेशन प्रोटेक्टिव एज में इस बुलडोजर का इस्तेमाल बहुत ज्यादा किया गया था. इसने कई बारूदी सुरंगों को बर्बाद किया था. 30 से ज्यादा सुरंगों को नष्ट करने में मदद की थी. इसके अलावा इसने टैंकों और इन्फ्रैंट्री के लिए रास्ता बनाने में मदद की थी. इसकी मदद से ऑपरेशन के पहले दिन आतंकी हमला रोका गया. दो आतंकी ढेर किए गए.
फिलिस्तीनी आतंकियों ने एक बुलडोजर पर एंटी-टैंक मिसाइल से हमला किया. जिसमें इजरायली क्रू का एक सदस्य मारा गया और दूसरा साथी जख्मी हो गया. लेकिन इसके बाद अन्य बुलडोजरों ने हमास आतंकियों के ठिकानों को नष्ट किया. 8 से ज्यादा आतंकियों को मारने में मदद की.