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साइंस न्यूज़

42 साल बाद अचानक फटा ये ज्वालामुखी, St. Vincent द्वीप पर तबाही की राख

aajtak.in
  • सेंट विंसेंट,
  • 11 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 5:00 PM IST
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42 साल बाद पूर्वी कैरिबियन आईलैंड पर स्थित लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी अचानक से फट पड़ा. फटा भी ऐसा कि तबाही का मंजर दिखने लगा. ज्वालामुखी का विस्फोट इतना तेज था कि हवा में 6 किलोमीटर ऊपर तक धुएं और राख का गुबार उठा. उसके बाद ज्वालामुखी के आसपास के 20 किलोमीटर के इलाके में राख ही राख फैल गई. इसकी वजह से कई घर बर्बाद हो गए. फसलें खराब हो गईं. जानवर मारे गए और करीब 16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया. (फोटोः रॉयटर्स)

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लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) इससे पहले साल 1979 में फटा था. सेंट विंसेंट और ग्रेनाडाइंस के प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस के आदेश पर ज्वालामुखी के रेड जोना इलाके में रहने वाले 16 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचा दिया गया है. लेकिन राख की वजह से सैकड़ों मवेशियों की मौत हो गई हैं. कई एकड़ में फैली फसलें खराब हो गई हैं. (फोटोः रॉयटर्स)

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सेंट विंसेंट (St. Vincent) के नेशनल इमरजेंसी मैनेजमेंट ऑर्गेनाइजेशन (Nemo) ने कहा है कि ज्वालामुखी की राख उससे 20 किलोमीटर दूर मौजूद आर्गाइल इंटरनेशनल एयरपोर्ट तक पहुंच रही है. यह ज्वालामुखी पिछले साल दिसंबर से गड़गड़ा रहा था. इसकी वजह से अक्सर जमीन में कंपन हो रही थी. बीच-बीच में थोड़ा बहुत भाप और धुआं निकाल रहा था. लेकिन 10 अप्रैल को यह फट पड़ा. (फोटोः रॉयटर्स)

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8 अप्रैल को जैसे ही लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) के ऊपरी हिस्से में लावा डोम (Lava Dome) दिखाई दिया. प्रधानमंत्री राल्फ गोंजाल्विस ने तत्काल इमरजेंसी बचाव कार्य को करने का निर्देश दे दिया था. 9 अप्रैल को यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट इंडीज के भूकंप विज्ञानियों ने चेतावनी दे दी थी कि लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) किसी भी समय फट सकता है. (फोटोः रॉयटर्स)

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लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) ज्वालामुखी से लोगों को बचाने के लिए खाली क्रूज शिप्स की मदद ली गई. ताकि उन्हें सेंट विंसेंट आईलैंड के दूसरे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जा सके. जो लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाए गए हैं, उन्हें भी ज्वालामुखी के फटने के बाद से अब तक कई बार धरती के कांपने और गड़गड़ाहट की आवाज सुनाई दे रही है. (फोटोः रॉयटर्स)

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लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) के आसपास रेड जोन में इस देश की 10 फीसदी आबादी रहती है. लेकिन लोगों को बचाने का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि इसमें विस्फोट हो गया. भारी मात्रा में राख गिरने की वजह से लोगों के बचाव कार्य में बाधा पड़ रही है. घरों, सड़कों, गलियों, पेड़-पौधों और गाड़ियों समेत हर चीज पर राख की मोटी परत जम गई है. (फोटोः रॉयटर्स)

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स्थानीय मीडिया ने बताया है कि लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी के विस्फोट की वजह से माउंट पेली (Mount Pelee) में विस्फोट की आशंका बढ़ गई है. क्योंकि वहां से भी गड़गड़ाहट की आवाज आ रही है. 4003 फीट ऊंचे लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) से लगातार धुआं और राख अब भी निकल रहा है. जो कि इस देश के लिए चेतावनी का विषय है. (फोटोः रॉयटर्स)

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यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट इंडीज के भूकंप केंद्र की निदेशक इरोसिला जोसेफ ने कहा कि अभी यह ज्वालामुखी और विस्फोट कर सकता है. साथ ही इसकी सक्रिय गतिविधि से आसपास के अन्य ज्वालामुखी भी फट सकते हैं. हालांकि अभी तक इस ज्वालामुखी की वजह से किसी इंसान की मौत नहीं हुई है.  (फोटोः रॉयटर्स)

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लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) में विस्फोट होने की वजह से सेंट विंसेंट आईलैंड के लोगों को पास के द्वीपों पर भी भेजा गया है. ये द्वीप हैं सेंट लूसिया, गेनाडा, बारबाडोस और एंटीगुआ. लोगों को 2 रॉयल कैरिबियन क्रूज शिप और 2 कार्नीवाल क्रूज शिप की मदद से इन स्थानों पर पहुंचाया गया है. (फोटोः रॉयटर्स)

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13 अप्रैल, 1979 में लॉ सॉफरियर ज्वालामुखी (La Soufrière Volcano) में जब विस्फोट हुआ था, तब इसने 747 करोड़ रुपए का नुकसान किया था. इसके पहले यह 1902 में फटा था. तब इसने 1600 लोगों की जान ले ली थी. (फोटोः रॉयटर्स)

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