स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस को दो खतरनाक मिसाइलों से लैस करने की तैयारी चल रही है. इसमें एडवांस शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (ASRAAM) AIM-132 और एक्टिव रडार गाइडेड बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) मेटियोर लगाई जा रही है. दोनों ही मिसाइलें बेहद खतरनाक, सटीक और तेज गति से उड़ती है.
इसके अलावा इस फाइटर जेट में उत्तम रडार (Uttam Radar) लगाने की तैयारी भी चल रही है. रडार लगने के बाद मेटियोर मिसाइल और रडार का कॉम्बिनेशन बेहद खतरनाक होगा. भारतीय वायुसेना ने 123 तेजस फाइटर जेट मांगे थे. जिसमें से 26 डिलिवर किए जा चुके हैं. ये सभी तेजस मार्क -1 हैं. ऐसे अभी 13 और दिए जाएंगे.
इसके बाद 83 फाइटर जेट्स तेजस मार्क-1ए होंगे, जो 2024 से 2028 के बीच मिलेंगे. फिलहाल तेजस फाइटर जेट के दो स्क्वॉड्रन हैं. दोनों सुलूर एयरफोर्स बेस पर मौजूद हैं. एक का नाम फ्लाइंग डैगर्स और दूसरे का फ्लाइंग बुलेट्स. तेजस की कॉम्बैट रेंज 500 KM है. यानी हथियारों के साथ लैस होकर दुश्मन के इलाके में जाकर हमला करके वापस आना. यानी क्लोज-एयर-टू-ग्राउंड ऑपरेशन में मददगार. पहले जानिए इस मिसाइलों की ताकत और रेंज...
ASRAAM AIM-132 मिसाइलः एडवांस शॉर्ट रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (ASRAAM) का अमेरिकी नाम AIM-132 है. इसे इंग्लैंड ने बनाया था. यह मिसाइल रॉयल एयरफोर्स और भारतीय वायुसेना में इस्तेमाल हो रही है. इस मिसाइल का वजन 88 किलोग्राम है. लंबाई 9.6 फीट और व्यास 6.5 इंच होता है. यह अपने साथ 10 किलोग्राम वजनी वॉरहेड ले जा सकता है. इसकी रेंज 25 किलोमीटर है. दुश्मन टारगेट पर यह 3704 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हमला करती है. (प्रतीकात्मक फोटोः HAL)
Meteor मिसाइल की गति ही मारक: एक्टिव रडार गाइडेड बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) मेटियोर मिसाइल बेहद घातक गति के लिए जानी जाती है. यह 5 हजार किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से दुश्मन की ओर बढ़ती है. इसका वजन 190 किलोग्राम होता है. लंबाई 12 फीट और व्यास 7 इंच होता है. इसकी अधिकतम रेंज 200 किलोमीटर है. 60 किलोमीटर तक तो दुश्मन इसे चकमा दे ही नहीं सकता. फिलहाल यह राफेल में लगाई गई है. तेजस की तैयारी चल रही है.
Uttam रडार क्यों है जरूरी: Uttam एक्टिव इलेक्ट्रॉनिकली स्कैन्ड एरे रडार है. इसे DRDO ने बनाया है. इसे तेजस फाइटर जेट के सभी वैरिएंट्स में लगाया जाना है. यह एक साथ 50 टारगेट को ट्रैक कर सकता है. इसमें 18 मोड्स हैं. यानी एक साथ हवा से हवा, हवा से जमीन और हवा से पानी पर निगरानी रखने में सक्षम है. इस रडार की मदद से दुश्मन की मिसाइल से बचा जा सकता है. साथ ही अपनी मिसाइल से सटीक निशाना लगाया जा सकता है.
तेजस फाइटर जेट में ऐसा क्या खास है: तेजस फाइटर जेट का आकार छोटा है इसलिए इस समय दुनिया का कोई भी रडार सिस्टम इसे फाइटर जेट की श्रेणी में रखता ही नहीं. इसलिए यह दुश्मन की रडार में पकड़ नहीं आएगा. लंबाई 43.4 फीट, ऊंचाई 14.5 फीट और विंगस्पैन 26.11 फीट है. इसमें 2458 KG फ्यूल आता है. अधिकतम स्पीड 1980 KM प्रतिघंटा है. यानी ध्वनि की गति से डेढ़ गुना ज्यादा. कुल रेंज 1850 KM है. अधिकतम 53 हजार KM की ऊंचाई तक जा सकता है.
इसमें आठ हार्डप्वाइंट्स हैं. यानी आठ अलग-अलग तरह के हथियार लगा सकते हैं. इसमें S-8 रॉकेट्स के पॉड्स लगा सकते हैं. हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइलें R-73, I-Derby, Python-5 लगे हैं. भविष्य में ASRAAM, Astra Mark 1 और R-77 की प्लानिंग भी है. हवा से सतह पर मार करने वाली मिसाइलें Kh-59ME, Kh-59L, Kh-59T, AASM-Hammer लगी हैं. BrahMos-NG ALCM को लगाने की योजना है. इसमें ऐसे-ऐसे हथियार हैं कि तेजस हमला करे तो दुश्मन की हालत पस्त होनी तय है.
एंटी-रेडिएशन मिसाइल रुद्रम को लगाया जाएगा. फिलहाल इसमें एंटी-शिप मिसाइल Kh-35 और Kh-59MK लगे हैं. अगर बम की बात करें तो इसमें चार तरह के बम लगाए जा सकते हैं. प्रेसिशन गाइडेड म्यूनिशन जैसे- स्पाइस, JDAM, HSLD, DRDO Glide Bombs और DRDO SAAW. लेजर गाइडेड बम जैसे KAB-1500L, GBU-16 Paveway II, सुदर्शन और Griffin LGB. क्लस्टर म्यूनिशन जैसे RBK-500. अनगाइडेड बम जैसे ODAB-500PM, ZAB-250/350, BetAB-500Shp, FAB-500T, FAB-250, OFAB-250-270, OFAB-100-120 लगा सकते हैं.