Advertisement

साइंस न्यूज़

M777 हॉवित्जर की बढ़ जाएगी रेंज... भारतीय तोप से निकलेंगे ऐसे गोले, जो दुश्मन के लिए बन जाएंगे मौत का विमान

ऋचीक मिश्रा
  • वॉशिंगटन,
  • 13 अप्रैल 2023,
  • अपडेटेड 2:08 PM IST
  • 1/9

Indian Army ने देश के उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीमाओं पर M777 अल्ट्रा-लाइट हॉवित्जर तोपों को तैनात किया है. 155 mm की ये तोपें ऐसी जगहों पर लगाई गईं हैं, जहां से पाकिस्तान और चीन दोनों पर घातक हमला हो सकता है. अभी इस तोप के गोले किसी भी मौसम में 24 से 40 किलोमीटर तक दुश्मन की धज्जियां उड़ा सकते हैं. हो सकता है कि जल्द ही इसमें नए तरह के गोले लगाए जाएं. 

  • 2/9

इन गोलों को कहते हैं लॉन्ग रेंज मैन्यूवरिंग प्रोजेक्टाइल (Long Range Manoeuvring Projectile- LRMP). यह तोप की नली से निकलता तो गोले की तरह है लेकिन कुछ ही सेकेंड्स के बाद यह विमान में बदल जाता है. 

  • 3/9

गोले से पंख निकल आते हैं, जो इसकी दिशा को बदलने में मदद करते हैं. यानी भागता हुआ दुश्मन भी बच नहीं सकता. इसे बनाया है जनरल एटॉमिक्स कंपनी ने. इस महीने के अंत तक इसका परीक्षण होगा. 

Advertisement
  • 4/9

अमेरिका ऐसे गोलों को अपने 127 मिलिमीटर नेवल गन में लगाने की सोच रहा है. लेकिन उन गोलों की रेंज कम होगी. अगर भारतीय M777 हॉवित्जर तोप से ऐसे गोले निकलने लगें तो पाकिस्तान और चीन की पोस्ट, बंकर, तोप, हथियार डिपो को उड़ाना बेहद आसान हो जाएगा. 

  • 5/9

LRMP ऐसा हथियार है, जिसे पकड़ना, बर्बाद करना मुश्किल होगा. क्योंकि इसमें रैमजेट इंजन लगा है. यानी इसकी गति काफी ज्यादा होगी. LRMP हथियार एक खास तरह के कवर में पैक होंगे. ये पैक्ड हथियार ही नली के अंदर डाला जाएगा. जब गोले को M777 तोप से दागा जाएगा, तब थोड़ी देर बाद इसके ऊपर लगा कवर हट जाएगा. अंदर से LRMP निकल आएगा. 

  • 6/9

इसके बाद उड़ते समय LRMP के विंग्स निकल आएंगे, जो इसे ग्लाइड करने में आसानी प्रदान करेंगे. साथ ही गोले को लंबी दूरी से कंट्रोल किया जा सकता है. फिर ये अपने पंखों की मदद से तेज गति में भाग रहे टारगेट की तरफ दिशा बदल सकता है. उसका पीछा कर सकता है. 

Advertisement
  • 7/9

उत्तरी और उत्तर-पूर्वी सीमाओं के हिमालयी इलाकों में M777 हॉवित्जर को तैनात किया है. क्योंकि वहां बड़े टैंक्स या आर्टिलरी नहीं पहुंचा सकती. इसलिए M777 हॉवित्जर को चिनूक हेलिकॉप्टर से पहुंचाया जाता है. इसे अमेरिका की बीएई सिस्टम कंपनी बनाती है. 
 

  • 8/9

155 mm अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर का उपयोग इससे पहले अफगानिस्तान, इराक और सीरिया जैसे युद्धों में अमेरिका अच्छे से कर चुका है. भारतीय सेना के पास ऐसी 110 तोपें हैं. 145 और तोपों को खरीदने का डील हुआ पड़ा है. इसे आठ लोग मिलकर चलाते हैं. एक मिनट में 7 गोले दागता है. फिलहाल गोले की रेंज अलग-अलग कोण पर 24 से 40 KM है. 

  • 9/9

LRMP मिलने के बाद इसकी ताकत बहुत ज्यादा बढ़ जाएगी. इसकी रेंज 150 किलोमीटर हो जाएगी. भारतीय सेना फॉरवर्ड पोजिशन पर इन तोपों की तैनाती करके अपनी फायर पावर बढ़ा रही है.  M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर का वजन 4200 KG है. लंबाई 35 फीट है. इसकी नली की लंबाई 16.7 फीट है. इससे छह तरह के गोले दागे जा सकते हैं. ये सभी गोले 155 मिलिमीटर कैलिबर के होते हैं.  

Advertisement
Advertisement
Advertisement