पहली बार अंतरिक्षविज्ञानियों (Astronomers) ने यूरेनस (Uranus) ग्रह से निकलने वाले एक्स-रे किरणों को खोजा है. ये कैसे हो रहा है इसका जवाब देते हुए NASA ने कहा है कि यह सूरज से करोड़ों किलोमीटर दूर है. हो सकता है कि ये सूरज द्वारा भेजे गए एक्स-रे किरणों को ही परावर्तित करता हो. इसके अलावा यूरेनस के रिंग्स यानी छल्ले भी खुद एक्स-रे किरणें निकालते हैं. (फोटोः NASA)
यूरेनस (Uranus) यानी अरुण ग्रह के चारों तरफ धूल-पत्थर के जो छल्ले हैं, उनसे भी एक्स-रे किरणें निकलती हैं. लेकिन छल्लों ने निकलने वाली एक्स-रे किरणों का रहस्य अभी तक नहीं खुला है. इसके लिए यूरेनस यानी अरुण ग्रह का नजदीक जाकर बारीकी से अध्ययन करना पड़ेगा. (फोटोः गेटी)
यूरेनस (Uranus) के ठंडा, तेज हवाओं वाला, बर्फ और गैस से भरा अत्यधिक बड़ा ग्रह है. इसका व्यास धरती के व्यास से चार गुना ज्यादा है. यूरेनस का बारीकी से स्टडी करना बेहद मुश्किल है. अब तक सिर्फ एक ही स्पेसक्राफ्ट वहां तक पहुंच पाया है. वो है NASA का वॉयजर-2 (NASA's Voyager 2). (फोटोः गेटी)
यूरेनस (Uranus) तक जाने में वॉयजर-2 को काफी कठिनाइयों से गुजरना पड़ा था. लेकिन वैज्ञानिकों ने बड़े टेलिस्कोप के जरिए अरुण ग्रह के अध्ययन को जारी रखा. हाल ही में JGR Space Physics नाम के जर्नल में एक ऑब्जरवेनश प्रकाशित हुआ. इसमें लिखा गया था कि NASA के चंद्र एक्स-रे ऑब्जरवेटरी (Chandra X-Ray Observatory) ने यूरेनस से निकलने वाली एक्स-रे किरणों को पकड़ा है. (फोटोः गेटी)
नासा के मुताबिक जो यूरेनस से जो एक्स-रे निकल रही है, वह लाखों डिग्री में गर्म है. ये वैसा ही गर्म है जैसे कोई तारा फटता है तब उतनी गर्मी निकलती है. वैज्ञानिकों ने यूरेनस और नेपच्यून को छोड़कर सौर मंडल के सभी ग्रहों से एक्स-रे किरणों के निकलने का अध्ययन किया था. यह पहली बार है कि यूरेनस से भी एक्स-रे निकलती दिखाई दी है. (फोटोः गेटी)
आमतौर पर एक्स-रे किरणें तब निकलती हैं जब सूरज की एक्स-रे किरणें उस ग्रह के वायुमंडल से टकरा कर वापस अंतरिक्ष की ओर लौटती हैं. इससे लगता है कि उस ग्रह से एक्स-रे किरणें निकल रही हैं. एक और नई स्टडी में शोधकर्ताओं ने चंद्र एक्स-रे ऑब्जरवेटरी द्वारा लिए गए यूरेनस से संबंधित डेटा का एनालिसिस किया. ये डेटा साल 2002 और 2017 में कलेक्ट किया गया था. (फोटोः गेटी)
साल 2002 के डेटा के अनुसार तो यूरेनस सूरज से आने वाले एक्स-रे किरणों को वापस भेजता दिखाई दिया था. लेकिन साल 2017 के डेटा से पता चला कि यूरेनस से एक्स-रे की तेज किरणों का बहाव निकल रहा है. जिस जगह से ये तेज बहाव आ रहा है, वहां पर एक अलग तरह की चमक है. यहां पर चमक पिछले कुछ सालों में चार गुना ज्यादा हो गई है. (फोटोः गेटी)
नासा के साइंटिस्ट्स के अनुसार सूरज से आने वाली एक्स-रे किरणों के वापस अंतरिक्ष में फेंकने के अलावा भी यूरेनस से काफी ज्यादा मात्रा में एक्स-रे किरणें निकलती हैं. हालांकि अभी तक यह नहीं पता चला पाया है कि आखिरकार कौन सा रहस्यमयी सिस्टम है, जिसकी वजह से यूरेनस से इस तरह की किरणों का बहाव हो रहा है. (फोटोः गेटी)
यूरेनस का वायुमंडल और पर्यावरण चार्ज्ड पार्टिकल्स (प्रोटोन्स और इलेक्ट्रॉन्स) यानी आवोशित कणों से भरा पड़ा है. ये आवेशित कण ग्रह के छल्ले से टकराते होंगे, जिसकी वजह से एक्स-रे किरणों का बहाव होता होगा. ऐसी ही प्रक्रिया शनि के छल्लों के साथ भी देखने को मिलता है. (फोटोः गेटी)
वैज्ञानिक ये भी मानते हैं कि यूरेनस के चारों तरफ निकलने वाले एक्स-रे किसी Auroral Process की वजह से हो रहा है. यानी ग्रह के चारों तरफ आवेशित कणों के आपस में टकराव की वजह से. जैसे की धरती के ध्रुवों पर नॉर्दन लाइट्स देखने को मिलती हैं. जब ये आवेशित कण यूरेनस के चुंबकीय सीमा से टकराती होंगी तो ऐसी चमक पैदा करती होंगी. (फोटोः गेटी)