NASA अंतरिक्ष में एक 300 मेगापिक्सल का कैमरा तैनात करने जा रहा है. यह कैमरा अंतरिक्ष में डार्क मैटर, डार्क एनर्जी, बाहरी ग्रह, आकाशगंगा की तस्वीरें लेगा. अंतरिक्ष के रहस्यों का खुलासा करेगा. इस कैमरे को बनाने की शुरुआत दो साल पहले हुई थी. इसकी लॉन्चिंग मई 2027 में होनी है. पहली बार किसी टेलिस्कोप का नाम किसी महिला वैज्ञानिक के नाम पर रखा गया है. (फोटोः NASA Roman)
अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा (NASA) ने हाल ही जेम्स वेब स्पेस टेलिस्कोप (JWST) लॉन्च किया है. अब वह एक अलग तरह के टेलिस्कोप पर काम कर रहा है, जिसमें 300 मेगापिक्सेल का इंफ्रारेड कैमरा लगा होगा. इस काम में नासा की मदद सेंटर फॉर क्लाइमेट सिमुलेशन कर रहा है. यह टेलिस्कोप एक स्पेस ऑब्जरवेटरी है. जिसका नाम है- नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telesope). (फोटोः NASA Roman)
नैंसी ग्रेस रोमन को कहते हैं 'हबल की मां'
नैंसी ग्रेस रोमन (Nancy Grace Roman) नासा की उन वरिष्ठ वैज्ञानिकों में से एक थीं, जिन्होंने चांद पर उतरने वाले बज एल्ड्रिन (Buzz Aldrin - फोटो में) और अन्य वैज्ञानिकों के साथ काम किया है. नैंसी ने 1949 में शिकागो यूनिवर्सिटी से एस्ट्रोनॉमी में डॉक्टरेट किया था. वह उस समय इस फील्ड में आने गिनी-चुनी महिलाओं में से एक थीं. 1925 में जन्मी नैंसी का निधन साल 2018 में हुआ था. 1959 में उन्होंने नासा ज्वाइन किया था. वो पहली फीमेल एक्जीक्यूटिव थी. उसके बाद पहली चीफ एस्ट्रोनॉमर बनीं. नैंसी को 'हबल की मां' कहा जाता था. क्योंकि उन्होंने हबल स्पेस टेलिस्कोप के कॉन्सेप्ट से लेकर उसे बनाने में सारा काम किया था. (फोटोः NASA Roman)
हबल कैमरा से 200 गुना ज्यादा ताकतवर
नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telesope) में 300 मेगापिक्सेल का इंफ्रारेड कैमरा लगेगा. जो हबल टेलिस्कोप के वाइड फील्ड कैमरा 3 से 200 गुना ज्यादा ताकतवर होगा. यानी वह आकाशगंगा की ज्यादा बेहतरीन वाइड एंगल तस्वीर ले पाएगा. जितना ज्यादा नजारा दिखेगा, उतने ज्यादा रहस्यों का खुलासा होगा. वो भी बेहद कम समय में. (फोटोः NASA Roman)
NASA Roman करेगा क्या अंतरिक्ष में जाकर?
नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telesope) अंतरिक्ष में अपनी तैनाती के बाद सुदूर ग्रहों की खोज करेगा. जीवन की संभावनाओं को तलाशेगा. Alien दुनियाकी खोज करेगा. डार्क एनर्जी और डार्क मैटर की जानकारियां जमा करेगा. नीयर इंफ्रारेड इमेजिंग और सामान्य निगरानी का काम भी करेगा. (फोटोः NASA Roman)
कैसा है इस टेलिस्कोप का मिरर?
नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telesope) का प्राइमरी मिरर 7.9 फीट व्यास का गोला है. इस टेलिस्कोप में दो यंत्र ही प्रमुख है- पहला वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट (Wide Field Instrument) और दूसरा कोरोनाग्राफ इंस्ट्रूमेंट (Coronagraph Instrument). वाइड फील्ड इंस्ट्रूमेंट हबल टेलिस्कोप से 100 गुना ज्यादा ताकतवर है. वह बेहतरीन इंफ्रारेड तस्वीरें लेगा. इससे अपनी आकाशगंगा में नए ग्रहों की खोज की जाएगी. इसके अलावा कोरोनाग्राफ इंस्ट्रूमेंट आसपास मौजूद एक्सोप्लैनेट की तस्वीरे लेगा. इस मिशन की उम्र करीब 10 साल है. (फोटोः NASA Roman)
अंतरिक्ष में इंसानों की नई आंख
नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telesope) अंतरिक्ष में इंसानों की नई आंख होगी. यह आकाशगंगा समेत अंतरिक्ष के अन्य इलाकों की जांच करेगी. दुनियाभर के वैज्ञानिक इसके उपयोग से नई जानकारियां हासिल कर पाएंगे. यह अंतरिक्ष की एक बड़ी तस्वीर बनाने के लिए लॉन्च किया जाएगा. हो सकता है कि इसकी तस्वीरों की मदद से वैज्ञानिक भविष्य में अंतरिक्ष का नक्शा बना लें. (फोटोः NASA Roman)
कैसे होगी लॉन्चिंग?
नैंसी ग्रेस रोमन स्पेस टेलिस्कोप (Nancy Grace Roman Space Telesope) को फॉल्कन हैवी या वल्कन रॉकेट से अंतरिक्ष में लॉन्च किया जाएगा. इस लॉन्च की निगरानी NEN-White Sands, NM, ESA-New Norcia, Australia, JAXA- Great JAPAN, DSN मिलकर करेंगे. लॉन्चिंग केप केनवरल से ही होगी. (फोटोः NASA Roman)