मेटामॉरफोसी (Metamorfosi) में पहले भी बाढ़ आई थी. पूरा गांव डूब गया था. ये बात 1953 और 1994 की है. इस बार सितंबर में 4 और 7 तारीख के बीच डैनियल तूफान (Storm Daniel) आया. भूमध्यसागर से पानी उठाकर गांव के ऊपर बरसा दिया. पूरा गांव डूब गया. (सभी फोटोः रॉयटर्स)
गांव के अंदर ही समंदर बन गया. 16 लोग मारे गए. दो तो गांव में ही डूबकर मर गए. अब यह गांव पूरी तरह से खाली हो चुका है. लोगों के सामान कहीं खुले में तो कहीं सड़कों के किनारे पड़े हैं. दो महीने लग गए पानी खत्म होने में. अब इस गांव के लोग यहां नहीं रहना चाहते.
लोगों की मांग है कि उन्हें 8 किलोमीटर दूर मौजूद पालामास गांव में नए घर बनाकर दिए जाएं. इसके लिए गांव के 142 लोग पक्ष में हैं, जबकि 14 लोग विरोध में. मेटामॉरफोसी समुदाय के प्रेसिडेंट पेट्रोस कोंटोजियानिस ने कहा कि 15 लोग मौजूद नहीं थे वोटिंग के समय, वो गांव से बाहर रहते हैं.
पेट्रोस ने कहा कि हमारी वोटिंग से यह पता चलता है कि यहां के लोग अब इस गांव में रहकर हर बार त्रासदी का शिकार नहीं बनना चाहते. हमें उम्मीद है कि जल्दी ही हमारे पास अपने नए घर होंगे, जहां पर ऐसी आपदाओं से सुरक्षित रह पाएंगे.
वोटिंग के बाद पालामास म्यूनिसिपल अथॉरिटी में वोटिंग के आधार पर लिखित अनुमति मांगी गई. अब इस गांव के लोग अपनी बात को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं. वो कहते हैं कि एक टेक्निकल स्टडी होनी चाहिए, जिसमें बार-बार बाढ़ आने की वजह को जानना चाहिए. मेटामॉरफोसी गांव की भौगोलिक स्थिति की जांच होनी चाहिए.
ग्रीस की सरकार ने गांव वालों को भरोसा दिलाया है कि वो सभी ग्रामीणों को सुरक्षित स्थान पर रीलोकेट करने की व्यवस्था करेगी. मेटामॉरफोसी का ग्रीक भाषा में मतलब होता है खुद को बदलने वाला. प्रधानमंत्री किरियाकोस मित्सोताकीस ने कहा कि मैं खुद व्यक्तिगत तौर पर इस मामले को देखूंगा.
प्रधानमंत्री ने कहा कि हम सब मिलकर नया मेटामॉरफोसी गांव बसाएंगे. वह भी आधुनिक तरीके से, जो ऐसी आपदाओं से ज्यादा सुरक्षित हो. ताकि हम अपने लोगों को बाढ़ से बचा सकें. इस गांव के लोगों को हर तीस साल में बार-बार डूबना न पड़े.
वैज्ञानिकों का मानना है कि इस गांव के बार-बार डूबने की वजह जलवायु परिवर्तन से होने वाला मौसमी बदलाव है. लगातार ग्लोबल वॉर्मिंग बढ़ने से गांव के आसपास का मौसम अचानक से बदल जाता है. जो कि यहां की भौगोलिक स्थिति के लिए ठीक नहीं है.