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साइंस न्यूज़

अमेरिका में बताए गए समय से पहले फैला था कोरोना, नई स्टडी में खुलासा

aajtak.in
  • वॉशिंगटन,
  • 18 जून 2021,
  • अपडेटेड 11:48 AM IST
Covid-19 Infection US
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अमेरिका कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा परेशान हुआ. 6 लाख से ज्यादा लोग मारे गए. 3.35 करोड़ लोग कोविड-19 से संक्रमित हुए. अब एक नई स्टडी में ये बात सामने आई है कि अमेरिका में बताए गए समय से पहले ही कोरोना वायरस का संक्रमण फैल चुका था. यह बात सात लोगों के सैंपल के एंटीबॉडी जांच से सामने आई है. इस नई स्टडी के मुताबिक अमेरिका के पांच राज्यों में समय से पहले पहुंच चुका था कोरोना वायरस. (फोटोःगेटी)

Covid-19 Infection US
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यूएस नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (US National Institute of Health) के वैज्ञानिकों ने 24 हजार से ज्यादा लोगों के खून के सैंपल की जांच करके बताया है कि अमेरिका में 2 जनवरी से 18 मार्च 2020 के बीच अमेरिका में कोरोना वायरस का संक्रमण फैलना शुरु हो चुका था. ये 24 हजार ब्लड सैंपल अमेरिका के 50 राज्यों से कलेक्ट किए गए हैं. (फोटोःगेटी)

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इनमें से सात सैंपल ऐसे हैं जो सबसे पहले सीरोपॉजिटिविटी (Sero positivity) दिखा रहे हैं. ये सातों सैंपल अमेरिका के पांच राज्यों से हैं. ये राज्य हैं- इलिनॉय, मैसाच्यूसेट्स, विसकॉन्सिन, पेंसिलवेनिया और मिसीसिप्पी. वैज्ञानिकों ने कोरोना वायरस की मौजूदगी का पता लगाने के लिए दो तरीके के सीरोलॉजी टेस्ट किए हैं. यह स्टडी क्लीनिकल इंफेक्शियस डिजीसेस जर्नल (Clinical Infectious Diseases) में प्रकाशित हुई है. (फोटोःगेटी)

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यह स्टडी बताती है कि अमेरिका में बताए गए समय से काफी पहले ही कोरोना वायरस अपना संक्रमण फैला चुका था. अमेरिका में 15 जून को ही कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 6 लाख के पार पहुंचा था. 4 से 5 लाख मौतें 35 दिन में हुई थीं. जबकि, 5 लाख से 6 लाख मौतें 113 दिन में हुई हैं. इसकी वजह है वैक्सीनेशन प्रोग्राम में तेजी लाया जाना. अमेरिका में कोरोना वायरस की लहर जनवरी में पीक पर थी. (फोटोःगेटी)

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मई में अमेरिका में 18 हजार से ज्यादा मौतें कोरोना वायरस की वजह से हुई. यह जनवरी के आंकड़े से काफी कम था. अमेरिका के CDC के मुताबिक अब तक देश की 52 फीसदी आबादी को वैक्सीन लग चुकी है. अब तक करीब 17 करोड़ युवाओं को वैक्सीन की एक डोज दी जा चुकी है. वैक्सीनेशन की गति बढ़ाने से अस्पतालों में भर्ती होने वालों की संख्या में कमी आई है. (फोटोःगेटी)

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अभी कुछ दिन पहले ही अमेरिका में कोरोनावायरस को लेकर एक और चिंताजनक बात सामने आई थी. कोरोना वायरस के डेल्टा वैरिएंट ने खुद को हाल ही म्यूटेट करके नया वैरिएंट डेल्टा प्लस बना लिया था. इस वायरस ने अपने बाहरी कंटीले प्रोटीन परत में बदलाव किया है. यह परत ही इंसानों की कोशिकाओं से वायरस को जोड़ने में मदद करता है. इसके मामले अमेरिका के अलावा यूरोपीय और एशियाई देशों में देखने को मिले हैं. (फोटोःगेटी)

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कोरोना वायरस के लगातार सामने आने वाले नए वैरिएंटस के बीच अमेरिका के प्रसिद्ध डॉक्टर एंथोनी फाउची ने कहा था कि कोरोना वायरस प्राकृतिक है, ये बात हजम नहीं हो रही है. इस बात की जांच होनी चाहिए कि चीन के वुहान लैब की ढंग से जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा था कि चीन में ऐसा क्या हुआ कि जिससे कोरोना वायरस आ गया. ताकि वायरस की उत्पत्ति का सही कारण पता चल सके. (फोटोःगेटी)

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