अब इंसानों के बच्चे रोबोट्स पैदा कराएंगे. वो भी प्लेस्टेशन 5 के गेमिंग कंसोल की मदद से. ये मामला है स्पेन का जहां पर इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (IVF) के लिए रोबोट्स की मदद ली गई. रोबोट्स की मदद से दो बच्चियों को पैदा कराया गया. (सभी फोटोः गेटी)
हुआ यूं कि स्पेन की एक मेडिकल संस्था है ओवरचर लाइफ (Overture Life). यहां पर एक महिला के गर्भ में रोबोट्स के जरिए स्पर्म डाला गया. रोबोट्स को नियंत्रित करने के लिए प्लेस्टेशन 5 के गेमिंग कंसोल की मदद ली गई. इसकी वजह से महिला ने गर्भधारण किया.
इसके पहले आईवीएफ तकनीक में एक्सपर्ट डॉक्टर की निगरानी में ही स्पर्म और एग्स को मिलाकर भ्रूण को विकसित किया जाता था. लेकिन अब ये काम रोबोट्स करेंगे. NHS का डेटा कहता है कि आमतौर पर आईवीएफ ट्रीटमेंट की कीमत करीब 5 लाख होती है. लेकिन सफलता की गारंटी नहीं होती.
इसलिए IVF से बच्चा पैदा कराने वाली कंपनियां और अस्पताल सस्ती टेक्नोलॉजी खोज रहे हैं. नई तकनीक पर लगातार काम कर रहे हैं. ताकि खर्च कम हो सके. ज्यादा आसानी और कम कीमत में आईवीएफ तकनीक उन लोगों को मिल सके जो सामान्य तरीके से मां-बाप नहीं बन पाते.
वैज्ञानिक चाहते हैं कि रोबोट्स के जरिए जो महिला गर्भधारण कर रही हैं, उन्हें स्वस्थ बच्चे मिले. जिस महिला को रोबोट्स के जरिए गर्भवती कराया गया. उसकी दोनों बच्चियां सेहतमंद हैं. ओवरचर लाइफ के लैब में स्टूडेंट इंजीनियर एडुअर्ड अल्बा प्लेस्टेशन 5 के गेमिंग कंसोल ने महीन सुई से एक सिंगल स्पर्म को महिला के भ्रूण में डाला.
इससे पहले इस काम की 12 बार प्रैक्टिस की गई थी. एडुअर्ड अल्बा ने MIT टेक्नोलॉजी रिव्यू को बताया कि मैं इसे एक एक्सपेरिमेंट के तौर पर कर रहा था. हालांकि बाद में एक जरुरतमंद महिला को इस तकनीक की बदौलत मां बनाया गया. यह मेरे लिए खुशी की बात थी.
दुनिया के पहले इंस्ट्रासाइटोप्लास्मिक स्पर्म इंजेक्शन तकनीक को बनाने वाले जियानपियेरो पालेर्मो कहते हैं कि रोबोट और गेमिंग कंसोल के जरिए किसी महिला को गर्भवती बनाना एक हैरान करने वाली तकनीक है. अभी हो सकता है कि यह एक छोटा कदम हो लेकिन यह भविष्य में बड़ी उपलब्धि होगा.
एक सिंगल स्पर्म को बिना नुकसान पहुंचाए. बिना उसे चोट पहुंचाए. अंडे से मिलाना एक बेहद जटिल प्रक्रिया है. ऐसे में अगर स्पर्म को जरा सा भी चोट लगती है. किसी तरह का ट्रॉम होता है तो गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है. अगर हो भी गई तो पैदा होने वाला बच्चा हो सकता है सही से पैदा न हो. या उसमें कोई शारीरिक या मानसिक दिक्कत हो.