रूस (Russia) जब से यूक्रेन (Ukraine) को घेरने की तैयारी में था, तब से यूक्रेन और दुनिया के अन्य कई देशों की जासूसी और निगरानी सैटेलाइट्स के जरिए इसकी गतिविधियों पर नजर रख रहे थे. जिसकी वजह से रूस को कई बार वैश्विक स्तर पर जवाब देना पड़ा है. अब अमेरिका के नेशनल रीकॉनसेंस ऑफिस (National Reconnaissance Office - NRO) के प्रमुख ने कहा है कि रूस यूक्रेन समेत कई अन्य देशों के जासूसी उपग्रहों को मार कर गिरा सकता है.
Space News की खबर के अनुसार NRO निदेशक क्रिस्टोफर स्कोलीज ने 23 फरवरी 2022 को अमेरिका में चल रहे नेशनल सिक्योरिटी स्पेस एसोसिएशंस डिफेंस एंड इंटेलिजेंस स्पेस कॉन्फ्रेंस (National Security Space Association's Defense and Intelligence Space Conference) में यह आशंका जताई कि रूस इस समय उसकी तैयारियों को लेकर जारी सैटेलाइट इमेज से नाराज है. वह यूक्रेन में जो करना चाहता है, वह करके मानेगा. रूस यूक्रेन को जीतना चाहता है.
क्रिस्टोफर स्कोलीज ने कहा कि यह आशंका जताना गलत नहीं होगा कि रूस किसी भी समय यूक्रेन समेत उन सभी देशों की जासूसी उपग्रहों पर हमला कर सकता है, जो उस पर निगरानी रख रहे हैं. क्योंकि अगर युद्ध की दिशा बिगड़ी और यह और भयावह हुआ तो इस बार का युद्ध अंतरिक्ष तक जा सकता है. यह सिर्फ जल, जमीन और वायु तक सीमित नहीं रहेगा.
क्रिस्टोफर स्कोलीज ने यह साफ-साफ नहीं बताया कि रूस की तैयारियां किस तरह की हैं. लेकिन उन्होंने बताया कि रूस पहले ही यूक्रेन के आसपास GPS को बंद कर चुका है. उसे जैम कर चुका है. इसलिए क्रिस्टोफर स्कोलीज ने दुनियाभर के कॉमर्शियल और सरकारी सैटेलाइट संचालकों को सचेत करते हुए कहते हैं कि इस समय आपको ज्यादा सतर्कता बरतने की जरूरत है.
NRO चीफ क्रिस्टोफर ने कहा कि वो पूरी दुनिया को यह बता बताएंगे क्योंकि यह सबको जानना जरूरी है. अगर रूस ने किसी भी देश के सैटेलाइट को मारकर गिराया तो वह बड़े स्तर के युद्ध को बढ़ावा देगा. हालांकि, हमारी संस्थाएं और टेक्नीशियन लगातार रूस की हरकतों पर नजर रख रहे हैं. ताकि वो यूक्रेन और अमेरिका समेत दुनिया के अन्य सैटेलाइट्स पर हमला न कर सके.
क्रिस्टोफर ने कहा कि यह बता पाना मुश्किल है कि रूस यह काम कब और किस समय करेगा, लेकिन सैटेलाइट्स का संचालन करने वाली संस्थाओं और देशों को सजग रहने की जरूरत है. अपने सैटेलाइट्स को रूसी एंटी-सैटेलाइट मिसाइलों से बचाने की पूरी व्यवस्था कर लें. ऑर्बिट बदलें या दिशा या दशा...कुछ भी करके अपने सैटेलाइट्स को बचाने का प्रबंध कर लें.
अगर रूस ने किसी भी जासूसी या संचार सैटेलाइट्स पर हमला किया तो जीपीएस बंद हो जाएगा. जीपीएस यूज करने वाले लोगों को दिक्कत होगी. दुनिया भर के जहाज, विमान, वाहन चल नहीं पाएंगे. वो दिशा भटक सकते हैं. यहां तक कि यूक्रेन तो पूरी तरह से परेशान हो जाएगा, क्योंकि उसके पास नेविगेशन डेटा नहीं बचेगा. रूस नकली डेटा के जरिए यूक्रेन के सैनिकों, हथियारों, जहाजों को भटका सकता है.
अमेरिकी राष्ट्रपति Joe Biden ने इस हफ्ते कहा था कि रूस ने इस समय यूक्रेन की सीमा के पास 1.50 लाख जवानों को खड़ा कर दिया है. ये सैनिक घुसपैठ के लिए पूरी तरह से तैयार हैं. अमेरिका रूस के ऊपर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगा चुका है. कई और लगा सकता है.
उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) ने चेतावनी देते हुए कहा कि रूस को सैन्य कार्रवाई रोकते हुए फौरन यूक्रेन से चले जाना चाहिए. रूस को अंतरराष्ट्रीय नियमों को मानना चाहिए. रूस की नीयत दुनिया देख रही है, वो यूक्रेन पर अपनी ताकत का अकारण इस्तेमाल कर रहा है. नाटो महासचिव जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने यूक्रेन पर रूस की कार्रवाई को गलत बताया है. (सभी फोटोः गेटी/विकिपीडिया)