जीवाश्म विज्ञानियों ने हाल ही में एक प्राचीन जानवर की खोज की है. उन्हें कनाडा के दक्षिणी ओंटारियो में सिमको झील (Lake Simcoe) के पूर्वी किनारे के पास, बहुत ही असाधारण रूप से संरक्षित किए गए जीवाश्म मिले हैं. यह जीवाश्म एक प्राचीन जानवर के हैं जो पत्थर की एक खदान में संरक्षित है. यह जगह समुद्री जीवाश्मों से भरपूर है, इसलिए वैज्ञानिकों ने इस पूरे इलाके को 'पैलियो पोम्पेई' (Paleo Pompeii) का नाम दिया है. (फोटो: विकिपीडिया)
वैज्ञानिकों द्वारा किए गए शोध के मुताबिक, यह एक समुद्री जानवर था. इस प्रजाति का नाम टॉमलिंसनस दिमित्री (Tomlinsonus dimitrii) है. यह आर्थ्रोपोड्स (Arthropods) के एक विलुप्त हो चुके ग्रुप से है, जिसे मार्रेलोमोर्फ (Marrellomorphs) कहा जाता है. यह लगभग 45 करोड़ साल पहले, ऑर्डोविशियन काल (Ordovician period) के दौरान पाया जाता था. (फोटो: ROM)
इस इलाके में काफी मात्रा में पाए जाने वाले ईचिनोडर्म जीवाश्मों (Echinoderm Fossils) से पता चलता है कि उन जानवरों के शरीर के अंग खनिजयुक्त होते थे, जिसकी वजह से उनके जीवाश्म काफी लंबे समय तक संरक्षित रहते हैं. लेकिन यह नई प्रजाति पूरी तरह से नरम शरीर वाली है, इसलिए इसका मिलना ज़्यादा चौंकाने वाला है. (फोटो: ROM)
यह शोध हाल ही में जर्नल ऑफ पेलियोन्टोलॉजी (Journal of Paleontology) में प्रकाशित हुआ है. इसके लेखक हैं जोसेफ मोयसियुक (Joseph Moysiuk). यह टोरंटो यूनिवर्सिटी में पारिस्थितिकी और विकासवादी जीव विज्ञान में डॉक्टरेट कर रहे हैं और टोरंटो के Royal Ontario Museum (ROM) में शोधकर्ता हैं. इनका कहना है कि हमें इस साइट पर एक नरम शरीर वाली प्रजाति मिलने की उम्मीद नहीं थी. जब हम जीवाश्मों के बारे में सोचते हैं, तो हमें आमतौर पर डायनासोर की हड्डियों और शेल्स जैसी चीजों का ख्याल आता है. हालांकि, नरम-टिशू का संरक्षण (Soft Tisue Preservation) बहुत दुर्लभ है. दुनिया भर में केवल कुछ ही साइटें हैं जहां नरम शरीर वाले जीवों के जीवाश्म पाए गए हैं. (फोटो: पिक्सबे)
इस जीवाश्म की लंबाई केवल 2 इंच (6 सेमी) है जो हाथ की तर्जनी उंगली के बराबर है. ये इतना बड़ा जीव होगा जो हाथ की हथेली में समा सकता है. जीवाश्म से पता चलता है कि इसके सिर पर दो घुमावदार सींग हैं जिसपर पंखनुमा कांटे थे. इस जानवर का शरीर अन्य आर्थ्रोपोड जैसे, कीड़े और मकड़ियों की तरह दिखता है. इसमें पैरों के कई सेट भी हैं और पैरों की एक जोड़ी तो बहुत ही असामान्य है. (फोटो: ROM)
जोसेफ मोयसियुक कहते हैं कि सिर के ठीक नीचे जो पैर हैं वे बहुत अनोखे हैं. यह बहुत लंबे हैं और इनके सिरे पैरों के समान ही नजर आते हैं. हमें लगता है कि इनकी मदद से यह जीव समुद्र तल पर आसानी से घूमता होगा. हमे यह भी लगता है कि यह जीव अंधा था, क्योंकि हमें इसकी कोई आंख नहीं मिली है. पिछली गर्मियों में पूर्वी कनाडा में औपचारिक खुदाई के दौरान इस विचित्र आर्थ्रोपॉड का पता लगा था. (फोटो: ROM)
इस खुदाई से पहले, जॉर्ज कम्पोरिस 2014 से जीवाश्म की इस खदान की जांच कर रहे थे. वे शोध के सह-लेखक भी हैं. उनका कहना है कि मैरेलोमोर्फ मुख्य रूप से पुराने जीवाश्म स्थलों पर पाए गए थे. उनके मुताबिक, यह नया स्पेसिमेन बर्गेस शेल (Burgess Shale) में पाए जाने वाले मर्रेला स्प्लेंडेंस (Marrella splendens) नाम के विलुप्त हो चुके नरम शरीर वाले आर्थ्रोपॉड की एक और प्रजाति जैसा दिखता है. टॉमलिंसनस दिमित्री स्पेसिमेन अब Royal Ontario Museum(ROM) के कलेक्शन में है और फिलहाल इसे विलनर मैज गैलरी में रखा गया है. (फोटो: ROM)