क्या आपको पता है कि आपगे दिमाग (Brain) के अंदर गुप्त सुरंगें (Secret Tunnels) हैं. इनसे घबराने की जरूरत नहीं है. हालांकि इनकी खोज चूहों और इंसानों में साल 2018 में ही हो गई थी. पर इनका सही काम अब खोजा गया है. ये गुप्त सुरंगें दिमाग को खोपड़ी (Skull) से जोड़ती हैं. उनके बीच संचार करती हैं. यानी संदेशों का आदान-प्रदान करती हैं. (फोटोः गेटी)
इसे खोजने वाले वैज्ञानिकों ने बताया कि दिमाग में मौजूद ये गुप्त सुरंगें (Secret Tunnels) प्रतिरोधक कोशिकाओं यानी इम्यून सेल्स, अस्थिमज्जा (Bone Marrow) की आवाजाही को आसान बनाती हैं. इनकी वजह से दिमाग शरीर के अन्य हिस्सों और दिमाग तक आपदा की स्थिति में या चोट की स्थिति में जरूरी रसायन पहुंचता है. (फोटोः गेटी)
पहले वैज्ञानिकों को लगता था कि खोपड़ी में प्रतिरोधक कोशिकाएं खून के बहाव के साथ जाती-आती थीं. या फिर दिमाग में चोट लगने पर शरीर के अन्य हिस्सों से खून के बहाव के साथ पहुंचती थीं. लेकिन अब पता चला कि ऐसा नहीं हैं. लेकिन अब पता चला कि असल में ये गुप्त सुरंगें (Secret Tunnels) शॉर्टकट है रसायनों के पहुंचने की. (फोटोः गेटी)
इन गुप्त सुरंगों (Secret Tunnels) की खोज उस समय हुई जब वैज्ञानिक ब्रेन स्ट्रोक (Brain Stroke) या मेनिनजाइटिस (Meningitis) के बाद खोपड़ी में प्रतिरोधक कोशिकाओं यानी इम्यून सेल्स का बहाव कहां से होता है. दिमाग में जो प्रतिरोधक कोशिकाएं जाती हैं, उन्हें न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils) कहते हैं. ये चोट लगने या आघात होने पर सबसे पहले रेसपॉन्ड करती हैं. (फोटोः गेटी)
अगर शरीर में कहीं भी कुछ भी गलत होता है तो सबसे पहले न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils) पहुंचकर सूजन या दर्द या घुसपैठ को खत्म करने का प्रयास करते हैं. वैज्ञानिकों के समूह ने इनमें से कुछ कोशिकाओं को फ्लोरोसेंट रंग में रंग दिया. ताकि उन्हें देखा जा सके. पता चला कि ये कोशिकाएं गुप्त सुरंगों (Secret Tunnels) से होकर आ-जा रही हैं. तब पता चला कि दिमाग के अंदर सुरंगें होती हैं. (फोटोः गेटी)
जब ये कोशिकाएं अपनी तय जगह पर पहुंच गईं तो वैज्ञानिकों ने कई तरह के दर्द, सूजन, स्ट्रोक और रसायनिक तरीके से विकसि मेन्जियोइंसेफलाइटिस की स्थिति पैदा की. न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils) ने हर हालात में गुप्त सुरंगों का रास्ता लेकर अपना काम किया. यानी दिमाग अपना काम इन गुप्त सुरंगों के जरिए खोपड़ी तक पहुंचाता दिखाई दिया. साथ ही दिमाग से खोपड़ी की तरफ होते हुए शरीर के अन्य हिस्सों में भी न्यूट्रोफिल्स इसी रास्ते से गए. (फोटोः हैरिसन/Nature Neuroscience)
बोस्टन स्थित मैसाचुसेट्स जनरल हॉस्पिटल और हार्वर्ड मेडिकल स्कूल के साइंटिस्ट मैथियस नारेनडॉर्फ ने कहा कि हमने बेहद बारीकी से खोपड़ी की जांच की. हमने उसे हर एंगल से देखा. हमें हर तरफ से न्यूट्रोफिल्स (Neutrophils) का यातायात होता दिखाई दिया. इसी दौरान हमें यह गुप्त सुरंगें (Secret Tunnels) दिखाई दीं. जो कि नायाब हैं. अब हमें इनका सही काम भी पता है. (फोटोः मिलद फकुरियन/अनस्प्लैश)
गुप्त सुरंगों (Secret Tunnels) की आकृति बनाने के लिए ऑर्गन-बाथ माइक्रोस्कोपी (Organ Bath Microscopy) का उपयोग किया है. यह पूरा का पूरा चैंबर दिमाग और शरीर की कई समस्याओं का समाधान है. आमतौर पर इन सुरंगों के अंदरूनी रास्ते से लाल रक्त कोशिकाएं (Red Blood Cells) बहती हैं. जो अंत में अस्थिमज्जा यानी बोन मैरो तक पहुंचती हैं. (फोटोः नताशा कॉनेल/अनस्प्लैश)
इन गुप्त सुरंगों (Secret Tunnels) का नेटवर्क दिमाग के अंदर पांच गुना फैली हुई हैं. ये दो तीन परतों में फैली होती हैं. जो दिमाग के ऊपर और खोपड़ी के नीचे मौजूद होती हैं. इन गुप्त सुरंगों (Secret Tunnels) को लेकर स्टडी जर्नल Nature Neuroscience में प्रकाशित हुई थी. (फोटोः गेटी)