दक्षिण अफ्रीका के उत्तर-पूर्व में हिंद महासागर में एक द्वीप है, जो इस धरती पर किसी एलियन दुनिया (Alien World) से कम नहीं है. इस द्वीप पर यमन (Yemen) देश का शासन है. असल में यह अरब सागर और गार्डाफुई चैनल के बीच में स्थित है. इस द्वीप का नाम है सोकोत्रा (Socotra). द्वीप पर मौजूद पेड़-पौधों को देखकर लगता है कि किसी हॉलीवुड फिल्म में दिखाई गई काल्पनिक दुनिया है. (फोटोः एंड्रयू एसवीके/अनस्प्लैश)
सोकोत्रा आर्किपेलागो में चार द्वीप है. सोकोत्रा (Socotra), अब्द अल कुरी (Abd Al Kuri), समहाह (Samhah) और दरसाह (Darsah). सोकोत्रा द्वीप का क्षेत्रफल 3796 वर्ग किलोमीटर है. यह करीब 132 किलोमीट लंबा और 50 किलोमीटर चौड़ा है. यहां का सबसे ऊंचा पहाड़ माशानिग (Mashanig) है. जिसकी ऊंचाई 4931 फीट है. इसकी राजधानी हदीबू है. (फोटोः गेटी)
सोकोत्रा (Socotra) समेत चारों द्वीपों पर कुल मिलाकर 60 हजार लोग रहते हैं. हर एक वर्ग किलोमीटर पर मात्र 11.3 लोग रहते हैं. यानी क्षेत्रफल के हिसाब से लोगों की आबादी कम है. साल 2008 में सोकोत्रा (Socotra) द्वीप को यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट का दर्जा मिला था. क्योंकि यहां के पेड़-पौधे इसे एलियन दुनिया बना देते हैं. यहां पर ज्यादातार सोकोत्री लोग रहते हैं. लेकिन दक्षिण अरबी लोगों की आबादी भी ठीक-ठाक है. (फोटोः गेटी)
सोकोत्रा (Socotra) आइलैंड धरती के कम लोगों वाले लोगों में से एक है. प्राचीन समय में यह गोंडवाना महाद्वीप का हिस्सा था. धीरे-धीरे अफ्रीका से अलग होकर यह थोड़ा दूर जाकर रुक गया. यहां चारों द्वीपों के अलावा दो छोटे पथरीले द्वीप हैं, जिनपर इंसान नहीं लेकिन समुद्री पक्षियों का बसेरा है. (फोटोः एएफपी)
यहां तीन प्रकार की जमीन है- पहला तटीय मैदान, दूसरा चूना पत्थर के पठार और तीसरा हजहीर पहाड़. पहाड़ों की ऊंचाई 4931 फीट है. यहां का ज्यादातर तापमान गर्म रहता है. जलवायु रेगिस्तानी है. साल का औसत तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रहता है. साल में बारिश कम होती है. लेकिन जब भी होती है तब फैली हुई होती है. यहां पर उत्तर-पूर्व से मॉनसून आता है. बारिश का महीना अक्टूबर से दिसंबर होता है. अधिकतम 31.50 इंच बारिश हर साल होती है. (फोटोः एंड्रयू एसवीके/अनस्प्लैश)
गुजरात से निकलने वाले समुद्री यात्री पहले और अब भी सोकोत्रा (Socotra) को सिकोत्रो सिंह यानी सोकोत्रा का शेर कहते हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि ये समुद्र की तेज लहरों से लगातार शेर की टकराता रहता है. अरब सागर के पास स्थित होने और गर्म जलवायु के बावजूद इस द्वीप को जैव-विविधता का गढ़ कहा जाता है. 1990 में संयुक्त राष्ट्र के बायोलॉजिस्ट ने यहां पर दौरा किया था. ताकि यहां के पेड़-पौधों की स्टडी की जा सके. यहीं पेड़-पौधे यहां के प्रमुख आकर्षण हैं. ये हैरान कर देते हैं. (फोटोः एंड्रयू एसवीके/अनस्प्लैश)
सोकोत्रा (Socotra) आइलैंड पर 700 से ज्यादा पेड़-पौधों की प्रजातियां हैं, जो कहीं और नहीं पाए जाते. ऐसा विचित्र नजारा न्यूजीलैंड, हवाई और न्यू कैलेडोनिया के आसपास देखने को मिलता है. लेकिन बेहद कम. ज्यादा गर्मी और सूखे की वजह से यहां के पेड़-पौधों ने अलग ही रूप धारण कर लिया है. लगता है कि किसी एलियन दुनिया से लाए गए पौधे और पेड़ है. रॉयल बॉटेनिक गार्डेन एडिनबर्ग ने सर्वे किया था, तब पता चला कि इस द्वीप पर मौजूद 825 पेड़-पौधों की प्रजातियों में से 307 सिर्फ यहीं पर मिलते हैं. (फोटोः एंड्रयू एसवीके/अनस्प्लैश)
सोकोत्रा (Socotra) द्वीप के सभी फूल-पौधों की जांच IUCN Red List ने भी की. पता चला कि यहां पर तीन पौधे ऐसे हैं जो गंभीर रूप से विलुप्त होने की कगार पर हैं. जबकि 27 प्रजातियों के पौधे विलुप्त हो सकते हैं. इस द्वीप का सबसे हैरान करने वाला पौधा है ड्रैगन ब्लड ट्री (Dragon Blood Tree). छतरीनुमा यह पेड़ पूरी दुनिया को हैरान करता है. इसमें से लाल रंग का तरल पदार्थ निकलता है, जिसे लोग पहले डाई के लिए उपयोग करते थे. अब इसका उपयोग पेंटिंग और वार्निश के लिए होता है. (फोटोः एंड्रयू एसवीके/अनस्प्लैश)
सोकोत्रा (Socotra) द्वीप पर अन्य पेड़ जो हैरान करते हैं, उनके नाम हैं- जायंट सकुलेंट ट्री, कुकुंबर ट्री, दुर्लभ सोकोत्रन अनानास, एलो पेरी आदि. इतना ही नहीं, इस द्वीप पर ऐसे जानवर हैं, जो सिर्फ यही मिलते हैं. पक्षियों में जैसे- सोकोत्रा स्टारलिंग, सोकोट्रा सनबर्ड, सोकोत्रा बंटिंग, सोकोत्रा सिस्टीकोला, सोकोत्रा स्पैरो, सोकोत्रा गोल्डेन विंग्ड ग्रोसबीक. स्तनधारी जीव की एक प्रजाति, छह पक्षियों की प्रजाति स्थानीय रूप से यहीं मिलती है. (फोटोः फहद अहमद/अनस्प्लैश)
सोकोत्रा द्वीप पर रेप्टाइल्स यानी छिपकलियों और सांपों की 31 प्रजातियां हैं. ये सारी की सारी प्रजातियां स्थानीय हैं. यहां ऐसी छिपकली मिलती है, जिसके पैर नहीं होते हैं. ब्लू बबून टैरेंटुला मकड़ी यहीं मिलती है. साफ पानी के केकड़ों की तीन प्रजातियां मौजूद हैं. इस द्वीप पर इंसान 2000 साल से रह रहे हैं. (फोटोः एंड्रयू एसवीके/अनस्प्लैश)