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तेजस में लगी ये दो मिसाइलें बनेंगी दुश्मन का काल, ट्रायल सफल

aajtak.in
  • पणजी,
  • 28 अप्रैल 2021,
  • अपडेटेड 4:56 PM IST
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भारत में बने स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस में एक और घातक हथियार जोड़ा गया है. 27 अप्रैल 2021 को इस हथियार का सफल परीक्षण भी किया गया. तेजस फाइटर जेट में अब हवा से हवा में मार करने वाली पांचवीं पीढ़ी की पाइथन-5 मिसाइल लगाई गई है. यह मिसाइल दुश्मन के विमानों, हेलिकॉप्टरों और ड्रोन्स को पलक झपकते ही मिट्टी में मिला देगी. (फोटोः DRDO)

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इस परीक्षण के बाद तेजस में लगने वाली अगली डर्बी बेयॉन्ड विजुअल रेंज (BVR-AAM) मिसाइल का रास्ता साफ हो गया है. यह परीक्षण गोवा में किए गए हैं. हालांकि इस परीक्षण में पाइथन-5 और डर्बी मिसाइल दोनों का सफल परीक्षण किया गया. दोनों ने अपने-अपने टारगेट्स पर सटीक निशाना लगाया. इस मिसाइल का उपयोग दुनिया के करीब 20 देशों की वायुसेना करती है. (फोटोः विकीपीडिया)

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इस सफल परीक्षण से पहले तेजस विमान को इन मिसाइलों से तैनात करने के बाद कई उड़ानें भरी गईं. इस दौरान एवियोनिक्स, फायर-कंट्रोल राडार, मिसाइल वेपन डिलीवरी सिस्टम और फ्लाइट कंट्रोल सिस्टम की जांच की गई थी. गोवा में तो मिसाइल को तेजस विमान से लॉन्च करके निशाने को उड़ाया गया. (फोटोः विकीपीडिया)

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पाइथन-5 (Python-5) मिसाइल का लाइव टारगेट टेस्ट किया गया. इस मिसाइल ने हवा में ही दुश्मन टारगेट को नष्ट करके दिखाया. पाइथन-5 मिसाइल एक बार अगर दुश्मन के टारगेट पर लॉक हो जाती है, तो बिना खत्म किए चैन नहीं लेती. इस मिसाइल को इजरायल ने बनाया था. (फोटोः गेटी)

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पाइथन-5 (Python-5) की लंबाई 10.17 फीट है. इसका व्यास 6.29 इंच है. वजन 105 किलोग्राम है. यह इंफ्रारेड और इलेक्ट्रो-ऑप्टिकल इमेजिंग के जरिए गाइड होती है. इसमें 11 किलोग्राम का पारंपरिक हथियार लगाया जा सकता है. इसकी रेंज 20 किलोमीटर है. यानी दुश्मन का जहाज अगर 20 किलोमीटर दूर पर हवा में स्थित हैं और वह दिखाई नहीं दे रहा है तो भी यह उसे नष्ट कर देगी. (फोटोः विकीपीडिया)

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पाइथन-5 (Python-5) मिसाइल की खासियत है इसकी गति. यह मैक-2 यानी ध्वनि की गति से दोगुना स्पीड में उड़ती है. यानी 2469 किलोमीटर प्रतिघंटा. इसक अलावा जिस डर्बी बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल की बात हो रही थी, वह करीब 11.87 फीट लंबी है. इसका भी व्यास 6.29 इंच है. इसका वजन पाइजन से 13 किलोग्राम ज्यादा होता है. यह 118 किलोग्राम की है. (फोटोः विकीपीडिया)

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डर्बी बेयॉन्ड विजुअल रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVR-AAM) पर 23 किलोग्राम वजन के पारंपरिक हथियार लगाए जा सकते है. इसकी रेंज 50 किलोमीटर है. यह साउंड की गति से चार गुना ज्यादा गति से उड़ सकती है. यानी 4939 किलोमीटर प्रतिघंटा. भारत में फिलहाल पाइथन-4 का उपयोग हो रहा है. इसके अलावा पाइथन-5 और डर्बी मिसाइलों का भी उपयोग किया जा रहा है. साल 2007 में 100 मिसाइलें भारत ने इजरायल से खरीदी थीं.  (फोटोः विकीपीडिया)

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इस उपलब्धि के लिए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ, ADA, भारतीय वायुसेना, HAL और उन सभी लोगों को बधाई दी जो इस मिशन में शामिल थे. राजनाथ सिंह ने कहा कि कोरोना जैसे संकट काल में हमारे वैज्ञानिक अथाह परिश्रम करके देश को सुरक्षित बनाने में जुटे हैं. रक्षा से लेकर बीमारी से सुरक्षा तक इनका प्रयास अतुलनीय है. (फोटोः गेटी)

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