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समुद्र में फटा Tonga ज्वालामुखी, 22 KM ऊपर धुआं गया...4 फीट ऊंची सुनामी आई

aajtak.in
  • नुकुआलोफा (टोंगा),
  • 17 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 10:34 PM IST
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दक्षिण प्रशांत महासागर में हाल ही में समुद्र के अंदर एक भयानक ज्वालामुखी विस्फोट हुआ. जिससे निकला धुआं 22 किलोमीटर ऊपर तक गया. विस्फोट इतना तेज था कि उससे निकलने वाली शॉकवेव से 4 फीट ऊंची सुनामी आ गई. यह नजारा अंतरिक्ष से भी दिखाई दिया. धरती की मॉनिटरिंग करने वाले सैटेलाइट्स ने इस विस्फोट को कैद किया. (फोटोः NOAA)

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इस ज्वालामुखी का नाम है टोंगा (Tonga Volcano). यह ज्वालामुखी हुंगा टोंगा-हुंगा हापाई द्वीप पर स्थित है. जिसे सबसे पहले GOES वेस्ट अर्थ ऑब्जर्विंग सैटेलाइट ने देखा. इस सैटेलाइट को अमेरिका का नेशनल ओशिएनिक एंड एटमॉस्फियरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) संचालित करता है. सैटेलाइट ने देखा कि विस्फोट के बाद राख और धुएं का तेज गुबार आसमान की ओर उछला. इसके साथ ही एक गोलाकार शॉकवेव तेजी से समुद्र में फैला. यहां भी मशरूम जैसी आकृति बनी थी, जैसी हिरोशिमा-नागासाकी परमाणु बम के समय बनी थी. (फोटोः रॉयटर्स)

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हुंगा टोंगा-हुंगा हापाई द्वी के आसपास 170 द्वीप है. जो दक्षिण प्रशांत महासागर में टोंगा द्वीपों का एक साम्राज्य बनाता है. इस विस्फोट की वजह से टोंगा की राजधानी नुकुआलोफा में 4 फीट ऊंची सुनामी आ गई. जो इस ज्वालामुखी से करीब 65 किलोमीटर दूर है. पूरे प्रशांत महासागर में एक सोनिक बूम सुनाई दिया. यह आवाज अलास्का तक पहुंची. (फोटोः रॉयटर्स)

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नुकुआलोफा में चारों तरफ राख की मोटी परत जम गई. हालांकि किसी तरह के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं है लेकिन सुनामी की वजह से तटों पर खड़ी नावें पलट गईं. इंटरनेट और बिजली कनेक्शन बाधित हुआ था. यह विस्फोट 15 जनवरी 2022 को हुआ था. इसके पहले 13 जनवरी 2022 और 20 दिसंबर 2021 को विस्फोट हुआ था. इनकी तस्वीरें भी GOES सैटेलाइट ने ली थीं. (फोटोः रॉयटर्स)

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इस बार जो विस्फोट हुआ वो दिसंबर वाले विस्फोट से सात गुना ज्यादा ताकतवर था. इसका धुआं सीधे धरती के वायुमंडल में पहुंच गया. न्यूजीलैंड की प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेन ने समाचार एजेंसी एपी को बताया कि उनके साइंटिस्ट इसका अध्ययन कर रहे हैं. उनकी मिलिट्री सर्विलांस फ्लाइट इसकी निगरानी कर रही है. (फोटोः रॉयटर्स)

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प्रधानमंत्री जेसिंडा आर्डेन ने टोंगा के लोगों के लिए राहत सामग्री, दवाएं, खाना-पानी भेजा है. क्योंकि टोंगा के पानी के स्रोतों में राख मिलने की वजह से वह खराब हो गया है. जेसिंडा ने कहा यह बेहद भयानक प्राकृतिक घटना थी. खुशी बात ये है कि इससे किसी के मारे जाने या घायल होने की सूचना नहीं है. सिर्फ कुछ जगहों पर सुनामी की ऊंची लहरों की वजह से नावें पलटी हैं और कुछ इलाकों में बाढ़ जैसी स्थिति है. (फोटोः एपी)

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सुनामी का अलर्ट बजते ही लोग ऊंचे इलाकों में चले गए थे. किस्मत ये अच्छी थी कि ज्वालामुखी विस्फोट से पहले की कंपन और गड़गड़ाहट की वजह से लोग पहले ही सतर्क थे. जैसे ही विस्फोट के बाद सुनामी का सायरन बजा लोग सुरक्षित इलाकों में चले गए. लोगों मीडिया को बताया कि विस्फोट के बाद जमीन हिल गई थी. घर की दीवारें कांप रही थीं. लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ. (फोटोः एपी)

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टोंगा ज्वालामुखी (Tonga Volcano) में विस्फोट के बाद राख के बादल हवाओं के साथ 260 किलोमीटर तक फैलते रहे. NOAA के मुताबिक किसी समुद्री ज्वालामुखी का इतना भयानक विस्फोट आजतक नहीं देखा गया था. ऑकलैंड यूनिवर्सिटी के ज्वालामुखी एक्सपर्ट शेन क्रोनिन ने कहा कि यह बेहद खतरनाक विस्फोट था. पिछले एक दशक में ऐसा विस्फोट नहीं देखा गया है. (फोटोः एपी)

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