Advertisement

साइंस न्यूज़

इंसानों को बच्चे कम होंगे, हवाई यात्रा में झटके लगेंगे... Climate Change के 12 साइड इफेक्ट्स जो आप सोच भी नहीं सकते

aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 07 अगस्त 2023,
  • अपडेटेड 4:06 PM IST
  • 1/12

छोटे हो रहे मेंढक... जैसे-जैसे दुनिया गर्म हो रही है, वैसे-वैसे मेंढकों की कई प्रजाति छोटी होती जा रही है. प्यूर्टो रिको में नर कोकुई मेंढक (coqui frogs) छोटे हो रहे हैं. पहले ये पहाड़ों के ऊपर रहते थे. लेकिन अब आकार छोटा होने की वजह से निचले इलाकों में रहने लगे हैं. ये काम पिछले दो दशकों में हुआ है. (सभी फोटोः गेटी/पिक्साबे/एपी/एएफपी)

  • 2/12

हवाई यात्रा में झटके बढ़ेंगे... क्लाइमेट चेंज की वजह से एयर स्ट्रीम बदलेगी. यानी हवाओं की वायुमंडलीय लहर. एक स्टडी के मुताबिक 1979 से 2020 तक लगातार एयर टर्बुलेंस बढ़ा है. 1979 में यह 17.7 घंटे था, जो 2020 में बढ़कर 27.4 घंटे हो गया है. मध्यम दर्जे का टर्बुलेंस 37 फीसदी बढ़ा है. यानी हवाई यात्रा में झटके बढ़ जाएंगे. 

  • 3/12

नींद कम हो जाएगी... 2010 तक ही लोगों की साल भर की नींद में से 44 घंटे कम हो चुके थे. इस सदी के अंत यानी 2100 तक यह बढ़कर 58 घंटे हो जाएगा. इसकी वजह है ज्यादा कार्बन उत्सर्जन. जिससे गर्मी बढ़ रही है. 

Advertisement
  • 4/12

कुत्ते ज्यादा काटेंगे... गर्मी बढ़ने पर इंसान ज्यादा हिंसक अपराध करते हैं. लेकिन हाल ही में आई एक स्टडी के मुताबिक ज्यादा गर्मियों के दिन में कुत्तों के काटने की घटनाएं भी बढ़ी हैं. अमेरिका के आठ शहरों में करीब 70 हजार घटनाएं कुत्तों के काटने की थीं. कुत्तों के काटने की घटना में 11 फीसदी बढ़ोतरी हुई थी. 

  • 5/12

आसमान से ज्यादा गिरेगी बिजली... पूरी दुनिया में बिजली गिरने का जो पैटर्न है, वो बदलेगा. इसकी वजह से जंगलों में ज्यादा आग लगेगी. आकाशीय बिजली के गिरने की वजह से लगने वाली जंगल की आग में 40 फीसदी बढ़ोतरी हो सकती है. क्योंकि 1.8 डिग्री सेल्सियस तापमान बढ़ता है तो 10 फीसदी ज्यादा आकाशीय बिजली गिरेगी. 

  • 6/12

इंसानों के बच्चे कम पैदा होंगे... गर्मी बढ़ने से इंसानों के बच्चों के पैदा होने के दर में कमी आएगी. अगर तापमान 26.7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहता है तो बच्चों के जन्म में 0.4 फीसदी की गिरावट आती है. इंसानों की प्रजनन क्षमता पर भी इसका असर पड़ता है. उसमें भी गिरावट आती है. स्पर्म का मूवमेंट कम हो जाता है.  

Advertisement
  • 7/12

छिपकलियां बदल रहीं हैं लिंग... ऑस्ट्रेलिया में सेंट्रल बियर्डेड ड्रैगन नाम की छिपकली अपना सेक्स यानी लिंग बदल रही हैं. अंडों के विकास के लिए सही तापमान की जरुरत होती है. ज्यादा तापमान का मतलब सिर्फ मादा छिपकलियां ही अंडों से निकलेंगी. छिपकलियों के सेक्स क्रोमोसोम बढ़ते तापमान की वजह से बदल रहे हैं. 

  • 8/12

ज्यादा एलर्जी होगी... बढ़ते तापमान की वजह से वसंत ऋतु का समय बढ़ जाएगा. इसकी वजह से हवा में परागकण ज्यादा फैलेंगे. इससे लोगों को अधिक एलर्जी होगी. 1990 से 2018 तक एलर्जी वाले दिनों में बढ़ोतरी हुई है. पहले अगर ऐसे 10 दिन होते थे, तो अब वो 20 दिन हो चुके हैं. पराग कणों की संख्या भी इस समय 21 फीसदी बढ़ी रही. 

  • 9/12

धरती की रोशनी कम हो जाएगी... तापमान बढ़ने की वजह से सूरज से आने वाली जो रोशनी धरती रिफ्लेक्ट करती है. उसमें कमी आएगी. धरती से चांद पर पड़ने वाली रोशनी में कमी आई है. 1998 से 2017 के बीच धरती के रोशनी के डेटा को एनालाइज किया है. क्योंकि पूर्वी प्रशांत महासागर के ऊपर रिफ्लेक्शन करने वाले बादल कम बन रहे हैं. 

Advertisement
  • 10/12

ज्यादा ज्वालामुखी फटेंगे... ज्यादा गर्मी बढ़ने से ज्वालामुखियों के फटने की घटनाएं बढ़ जाएंगी. जितना ज्यादा बर्फ पिघलेगी उतनी ज्यादा गर्मी बढ़ेगी. गर्म पत्थरों और मैग्मा से मिलकर ज्वालामुखी विस्फोट बढ़ेंगे. क्योंकि पिघलती बर्फ की वजह से ज्वालामुखियों के अंदर बुलबुले बनेंगे. जो विस्फोट का कारण बनेंगे. आइसलैंड में 4500 से 5500 साल पहले बहुत ज्वालामुखी फटते थे. लेकिन जैसे ही तापमान गिरा ज्वालामुखियों के फटने की घटनाएं घट गईं. 

  • 11/12

कॉफी कम पैदा होगी... जलवायु परिवर्तन की वजह से 2050 तक कॉफी पैदा करने वाली जमीने आधी हो जाएंगी. अगर ग्लोबल वॉर्मिंग 1.5 डिग्री सेल्सियस, 2.4 डिग्री सेल्सियस या 4 डिग्री सेल्सियस बढ़ता है तो कॉफी के पैदावार में 50% की गिरावट आएगी. सबसे ज्यादा बुरी हालत ब्राजील, वियतनाम, इंडोनेशिया और कोलंबिया प्रभावित होंगे. 

  • 12/12

बकरियां छोटी होती जाएंगी... इंटैलियन एल्प्स के पहाड़ों पर रहने वाली बकरियां छोटी होती जा रही हैं. वजह है बढ़ता तापमान. 1970 से 2010 तक इन बकरियों के शरीर की जांच की गई. पता चला कि बढ़ते तापमान की वजह से एल्पाइन केमोइस का वजन 25 फीसदी कम हो गया. गर्मियों में ये बकरियां ज्यादा आराम करती हैं. खाती नहीं हैं. 

Advertisement
Advertisement