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साइंस न्यूज़

Explained: क्या है आर्कटिक ब्लास्ट जिससे तबाह हो गए अमेरिका के कई इलाके, -57 डिग्री टेंप्रेचर, 43 इंच मोटी बर्फ की चादर

ऋचीक मिश्रा
  • नई दिल्ली,
  • 26 दिसंबर 2022,
  • अपडेटेड 2:27 PM IST
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आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast) ने अमेरिका पर Bomb Cyclone ला दिया है. अमेरिका में इस समय जो मौसम हैं, उसने जिंदगी रोक दी है. यातायात बंद है. संचार सेवा बाधित है. कड़ाके की सर्दी भूल जाइए. भयानक सर्दी पड़ रही है. पारा माइनस 57 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है. कई इलाकों में साढ़े तीन फीट मोटी बर्फ जमी है. हवाएं इतनी तेज और ठंडी हैं कि हड्डियों को जमा दें. समझिए इस पूरी प्रक्रिया को... (फोटोः एपी)

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अमेरिका में फिलहाल क्या हो रहा है?... उत्तरी ध्रुव यानी आर्कटिक की तरफ से ठंडी हवाएं अमेरिका की तरफ आ रही हैं. तापमान तेजी से गिर रहा है. ज्यादातर अमेरिका में तापमान औसत से बहुत नीचे है. दिन में कुछ स्थानों पर पारा 11 डिग्री सेल्सियस रह रहा है. जबकि कुछ जगहों पर रात में पारा माइनस 57 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया है. मैदानी इलाकों जैसे ऊपरी मध्य-पश्चिम और ग्रेट लेक्स में बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. बर्फीली हवाएं चलेंगी. (फोटोः एपी)

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किसे पड़ेगा सबसे ज्यादा असर? ... रॉकी माउंटेंस के पूर्व की तरफ रहने वाले लोगों, यानी देश के दो-तिहाई अमेरिका को भयानक सर्दी का सामना करना पड़ रहा है. पश्चिमी तट भी बर्फीली मार से जूझ रहा है. आर्कटिक फ्रंट तो फ्लोरिडा से होते हुए यानी पूर्व से दक्षिण की ओर जा रहा है. यानी भयानक बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. हवाई सेवा बंद की गई है. सड़कों पर निकलने वाले लोगों को यात्रा न करने की सलाह दी गई है, क्योंकि वो फंस सकते हैं. (फोटोः एपी)

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ऐसा मौसम कब तक चलेगा? ... एटमॉसफियरिक एनवायरमेंटल रिसर्च के विंटर स्टॉर्म एक्सपर्ट जुडाह कोहेन ने कहा कि यह मौसम अभी कई बार अपना रंग बदलेगा. करीब एक हफ्ते तक यही हालात रहने की आशंका है. इसके बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा. क्रिसमस हो चुका है... अब अगले कुछ दिनों में पारा सामान्य की ओर बढ़ेगा. क्योंकि बॉम्ब साइक्लोन पश्चिम से पूर्व की ओर बढ़ रहा है. धीरे-धीरे यह खत्म हो जाएगा. (फोटोः एपी)

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ऐसा हो क्यों रहा है, क्या है आर्कटिक ब्लास्ट? ... इस मौसम की शुरुआत आर्कटिक ब्लास्ट (Arctic Blast) से हुई है. यानी आर्कटिक ब्लास्ट की तरफ से आने वाली सर्द हवाओं की वजह से. आर्कटिक की तरफ से ठंडी जेट स्ट्रीम अमेरिका के ऊपरी वायुमंडल को ठंडा कर गई. जिसकी वजह से पूरे अमेरिका की हालत खराब हो गई. अमेरिका के ऊपर मौजूद नमी वाली गर्म हवा के ऊपर से ठंडी जेट स्ट्रीम निकली तो वह भी सर्द हो गई. इससे खतरनाक मौसम बन गया. बॉम्ब साइक्लोन पैदा हो गया. 24 घंटे में तापमान तेजी से नीचे गिरा. (फोटोः एपी)

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क्या आर्कटिक ब्लास्ट सामान्य प्रक्रिया है? ... ये बात सही है आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से आया बॉम्ब साइक्लोन ताकतवर है. लेकिन सर्दियों में ऐसी प्राकृतिक घटनाएं सामान्य हैं. अमेरिका में आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से सर्दियों में ऐसे तूफान आते रहते हैं. अमेरिका के ऊपर सर्द हवाओं की जेट स्ट्रीम चलने लगती है. इसकी वजह से स्थितियां बहुत बुरी हो जाती हैं. इससे पहले 1983 में कोल्ड स्नैप्स और 2014 में आए पोलर वॉर्टेक्स में तापमान इतना नीचे गिरा था. (फोटोः एपी)

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क्या होता है Arctic Bomb? ... आर्कटिक ब्लास्ट को ही आर्कटिक बॉम्ब (Arctic Bomb) कहते हैं. कुछ समय के लिए आर्कटिक इलाके से ठंडी हवा की झोंका गर्म इलाकों की तरफ तेजी से जाता है. इसकी वजह से 24 घंटे के अंदर तापमान माइनस में चला जाता है. चारों तरफ बर्फ जम जाती है. भयानक बर्फबारी होती है. ठंडी हवाएं चलती हैं. यह स्थिति ठंडी हवाओं के खत्म होने तक चलती रहती है. (फोटोः एपी)

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क्या होता है Arctic Vortex? ... आर्कटिक वॉरटेक्स या पोलर वॉरटेक्स उसे कहते हैं, जब ध्रुवीय इलाकों से ठंडी हवाएं निकलती हैं. लेकिन उनके निकलने की वजह ध्रुवों पर बड़े इलाके में बना लो प्रेशर एरिया होता है. ये हमेशा ध्रुवों के पास ही बनता है. गर्मियों में कमजोर हो जाता है. सर्दियों में ताकतवर. वॉरटेक्स का मतलब हवाओं का एंटी-क्लॉकवाइज घूमना. इसके वजह से ध्रुव और उसके आसपास के इलाके में सर्दी बढ़ जाती है. (फोटोः एपी)

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आर्कटिक ब्लास्ट की वजह से अमेरिका में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है. कई स्थानों पर बिजली की सप्लाई रुकी हुई है. नलों में पानी जम गया है. 2000 से ज्यादा उड़ानों को पूरे देश में रद्द कर दिया गया है. इस मौसम के पीछे आर्कटिक से आने वाली हवा ही प्रमुख वजह है. (फोटोः एपी)

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