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दुनिया भर के अमेरिकी डिप्लोमैट्स-जासूसों में दिख रहा 'हवाना सिंड्रोम', जानिए क्या है ये रहस्यमयी बीमारी?

aajtak.in
  • वॉशिंगटन,
  • 21 मई 2021,
  • अपडेटेड 1:43 PM IST
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दुनिया भर में तैनात अमेरिकी अधिकारियों, डिप्लोमैट्स, जासूस और सैनिकों में एक नई रहस्यमयी मानसिक बीमारी देखने को मिल रही है. इसे हवाना सिंड्रोम कहा जा रहा है. ये नाम इसलिए दिया गया है क्योंकि इसका पहला केस क्यूबा के हवाना में देखने को मिला था. 60 से ज्यादा अमेरिकी डिप्लोमैट्स, अधिकारी और जासूसों में जी मिचलाने, थकान और सर दर्द की शिकायत आई है. आइए जानते हैं कि यह बीमारी क्या है? ये सिर्फ अमेरिकी लोगों को ही क्यों हो रही है? (फोटोःगेटी)

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द न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार कुछ मामलों में जी मिचलाने, थकान और सर दर्द की शिकायत लगातार बनी हुई है. कुछ लोगों को चक्कर आ रहे हैं और बदन दर्द भी हो रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की सरकार ने इस मामले की जांच के लिए कहा है. नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेस (NAS) के मुताबिक यह बीमारी किसी रेडियो फ्रिक्वेंसी एनर्जी की वजह से हो रही है. यानी इन लोगों पर लगातार रेडियो वेव्स से हमला किया जा रहा है या फिर ये किसी रेडियो वेव्स वाली जगह पर लगातार काम कर रहे हैं. ये माइक्रोवेव्स का असर भी हो सकता है. (फोटोःगेटी)

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NAS के चेयरमैन डॉ. डेविड रेलमैन ने कहा कि आधी सदी से पहले कुछ स्टडीज हुई थी, जिन्हें ओपन सोर्स पर मौजूद हैं. उस समय अमेरिका और सोवियत संघ में एक संघर्ष चल रहा था. उस समय ऐसे मैकेनिज्म का उपयोग किया जाता था. संभवतः इस समय भी कुछ ऐसा ही हुआ हो. लेकिन अभी यह कहना मुश्किल है. अगर कोई अन्य मैकेनिज्म है तो उसकी वजह से लगातार अमेरिकी अधिकारी बीमार हो रहे हैं. वो इन लक्षणों की शिकायत कर रहे हैं. उन्हें लगातार वेस्टिबुलर डिस्ऑर्डर और साइकोलॉजिकल कंडिशन पैदा हो रहे हैं. (फोटोःगेटी)

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हवाना सिंड्रोम की दिक्कत साल 2016 से शुरु हुई थी. तब क्यूबा के हवाना में तैनात अमेरिकी डिप्लोमैट्स में लगातार ये लक्षण सामने आ रहे थे. वहां पर साल 2016 और 2017 में करीब 40 यूएस डिप्लोमैट के साथ ट्रॉमेटिक ब्रेन इंजरी (Traumatic Brain Injury - TBI) के मामले सामने आए थे. लाइव साइंस ने टाइम्स के हवाले से लिखा है कि रूस. चीन, यूरोप समेत कई एशियाई देशों में तैनात अमेरिकी अधिकारियों के साथ भी ऐसा ही हुआ. एक अमेरिकी सैन्य अधिकारी ने कहा कि उसने जैसे की एक चौराहे पर अपनी कार रोकी, अचानक उसका जी मिचलाने लगा. तेज सर दर्द होने लगा. उसका दो साल का बच्चा जो गाड़ी में पिछली सीट पर था वह रोने लगा. जैसे ही अधिकारी उस चौराहे के पार गया, सारे लक्षण धीरे-धीरे खत्म हो गए. बच्चे ने रोना बंद कर दिया. (फोटोःगेटी)

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कुछ अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इसके पीछे रूसी इंटेलिजेंस एजेंसी का हाथ है. हालांकि अमेरिकी सरकार अभी किसी पर आरोप नहीं लगा रही है. नेशनल इंटेलिजेंस की डायरेक्टर अमांडा जे. होच ने कहा कि फिलहाल हमारे पास इस बात के पुख्ता सबूत नहीं है कि ये कैसे हो रहा है. ये घटनाएं हुई हैं. कई देशों में हुई हैं. हमारे लोग परेशान हैं लेकिन इतनी जल्दबाजी में कोई अंदाजा लगाकर उसपर कोई एक्शन लेना ठीक नहीं है. ये जल्दबाजी होगी. (फोटोःगेटी)

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अमेरिकी अधिकारी ऐसी दो घटनाओं की जांच कर रहे हैं. ये घटनाएं व्हाइट हाउस के पास राष्ट्रपति चुनाव 2020 के खत्म होने के तुरंत बाद हुई थीं. नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के दो सदस्यों को वैसे ही लक्षण देखने को मिले थे जैसे बाकी देशों में अमेरिकी अधिकारियों में देखे गए. व्हाइट हाउस के हर गेट के पास ऐसी घटनाएं अलग-अलग समय पर होती आ रही है. इसकी लगातार रिपोर्ट्स भी आ रही हैं. हालांकि कई घटनाओं को गोपनीय रखा गया है. (फोटोःगेटी)

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NAS की रिपोर्ट में लिखा गया है कि वैज्ञानिकों का मानना है कि जितने केस सामने आए हैं उन्हें जांच के लिए भेजना चाहिए. केस छिपाने से सही जांच में दिक्कत आएगी. डॉ. डेविड रेलमैन ने कहा कि संभव है कि अलग-अलग केस अलग-अलग वजहों से हुए हों. लेकिन इन सबकी जांच एकसाथ होनी चाहिए. क्योंकि यह धीमी गति से बढ़ रही क्रोनिक समस्या है. अगर ये ज्यादा हुई तो दुनियाभर में तैनात अमेरिकी अधिकारियों के लिए दिक्कत की बात होगी. (फोटोःगेटी)

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सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी यानी CIA ने अधिकारियों के नाम और संख्या का खुलासा नहीं किया है. सीआईए के डिप्टी डायरेक्टर डेविड कोहेन को हवाना सिंड्रोम से पीड़ित लोगों से मिलने को कहा गया है. साथ ही उन्हें निर्देश दिया गया है कि वो लगातार इसके बारे में कांग्रेस को सूचित करेंगे. CIA ने अलग से मेडिकल स्टाफ को तैनात किया है जो एजेंसी के अंदर ही जासूसों और अधिकारियों की सेहत की जांच कर रहे हैं. (फोटोःगेटी)

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अमेरिकी सरकार में इस मामले को लेकर इस समय गंभीर तनाव है. द इंडिपेंडेंट वेबसाइट में प्रकाशित खबर के अनुसार अमेरिकी रक्षा मंत्रालय एक ऐसे सेंसर को विकसित करने में लगी है, जिसे अमेरिकी अधिकारी पहनेंगे तो वो ऐसे रेडियो वेव्स और माइक्रोवेव्स के हमलों से बच पाएंगे. ये सेंसर तत्काल रेडियो तरंगों को पहचान कर उन्हें उसकी तीव्रता बता देगा. इस खबर के मुताबिक 2016 से अब तक 130 अमेरिकी अधिकारियों को ये दिक्कत आ चुकी है. ये सभी अधिकारी अमेरिका, रूस, चीन समेत कई एशियाई देशों में तैनात थे. (फोटोःगेटी)

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20 मई 2021 को अमेरिकी सांसदों ने हवाना सिंड्रोम से पीड़ित लोगों की मदद के लिए अलग कानून बनाया है. इस कानून के तहत हवाना सिंड्रोम से पीड़ित लोगों की आर्थिक मदद के साथ-साथ इलाज भी किया जाएगा. डॉ. डेविड रेलमैन ने कहा कि ये बात तो स्पष्ट हो चुकी है कि इन अमेरिकी अधिकारियों पर सीधी और तीव्र रेडियो फ्रिक्वेंसी एनर्जी से हमला किया गया है. लेकिन हम इनमें से कुछ अधिकारियों की जांच कर रहे हैं. (फोटोःगेटी)

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