चीन में भयानक बारिश के बाद आई जानलेवा बाढ़ की वजह से पिछले 24 घंटों में 18 लोगों की मौत हो गई है. 2 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. सबसे बुरी हालत झेंगझोउ शहर और हेनान प्रांत की है. ये दोनों चीन के सबसे ज्यादा आबादी वाले इलाके हैं. लोगों के सामने बड़ा सवाल ये है कि अचानक चीन में इतनी मूसलाधार बारिश और इतनी भयावह बाढ़ कैसे आ गई? क्यों लोगों को संभलने का मौका नहीं मिला? क्यों सरकारी तंत्र लोगों को बचाने में विफल हो गया? इसका जवाब प्रकृति की एक प्रक्रिया के पास है, जिसने चीन में तबाही मचा दी. (फोटोः रॉयटर्स)
हुआ यूं कि चीन में मौसम ने अचानक से पलटी मारी. उसने दोहरी चाल चली. झेंगझोउ (Zhengzhou) शहर के ऊपर दो मेटियोरोलॉजिकल प्रणाली विकसित हुई. जिसकी वजह से वहां पर भारी तबाही मच गई. आइए बताते हैं कि आखिर ऐसा हुआ क्यों? झेंगझोउ (Zhengzhou) शहर चीन के मध्य में स्थित है. यहां कि आबादी करीब 12.60 लाख से ज्यादा है. (फोटोः एपी)
चीन के मौसम विभाग के अनुसार प्रशांत महासागर में एक उच्च दबाव का क्षेत्र बना हुआ है. जिसकी वजह से तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) ने तेज हवाओं, बादलों और बारिश के साथ झेंगझोउ (Zhengzhou) शहर पर हमला बोल दिया. प्रशांत महासागर के उच्च दबाव वाले क्षेत्र ने तूफान की हवाओं का रुख शहर की ओर मोड़ दिया. (फोटोः गेटी)
चीन के नेशनल मेटियोरोलॉजिकल सेंटर के प्रमुख फोरकास्टर चेन ताओ ने कहा कि तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) को पश्चिमी-उत्तरी पैसिफिक सब-ट्रॉपिकल उच्च दबाव ने तेजी से रिहायशी इलाकों की तरफ भेजा. इस बहाव में बहुत ज्यादा मात्रा में वायुमडंलीय जल हेनान प्रांत की तरफ आ गया. जिसकी वजह से काफी तेज बारिश हुई और अलग-अलग जगहों पर बाढ़ की नौबत आ गई है. (फोटोः एपी)
झेंगझोउ (Zhengzhou) में मुसीबत इसलिए भी बढ़ गई क्योंकि यहां पर यलो नदी (Yellow River) बहती है. इस शहर की भौगोलिक स्थिति भी इसे बाढ़ जैसी प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील बनाती है. यलो नदी में बाढ़ आने का काला इतिहास है. शहर दो तरफ से ताइहांग (Taihang) और फुनियू (Funiu) पर्वतों से घिरा हुआ है. यानी ह्यूमिडिटी वाली गीली हवा ऊपर उठती है और तेजी से बादलों का निर्माण करती है. इससे बारिश और तेज होती है. (फोटोः गेटी)
इस हफ्ते चीन में आई तेज बारिश और बाढ़ की वजह से अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है. 12 लाख से ज्यादा लोग विस्थापित हुए हैं. अगले 24 घंटों में अत्यधिक बारिश का अनुमान लगाया गया है. पश्चिमी-उत्तरी पैसिफिक सब-ट्रॉपिकल उच्च दबाव एक ऐसी वायुमंडलीय प्रक्रिया है जो पूर्व एशिया में गर्मियों के मौसम में बदलाव लेकर आता है. इसमें जब भी कोई गड़बड़ होती है, तब बाढ़ आती है या सूखा पड़ता है या फिर हीटवेव चलती है. (फोटोःगेटी)
चेन ताओ ने कहा कि इस बार ये तूफान का केंद्र हेनान प्रांत के ऊपर बना लेकिन थोड़ा उत्तर दिशा की ओर बढ़कर. जिसकी वजह से इस प्रांत और इसके आसपास के इलाकों में उच्च दबाव बना हुआ है. इसकी वजह से वायुमंडलीय नमी बन रही है, जिससे लगातार बारिश हो रही है. (फोटोः गेटी)
चेन ताओ ने बताया कि तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) फिलिपींस सागर में पिछले हफ्ते बना था. इसे तेज होकर मुख्य चीनी जमीन पर रविवार को बारिश करनी थी और मंगलवार तक खत्म हो जाना था. लेकिन प्रशांत महासागर में बने उच्च दबाव की वजह से यह मंगलवार को ही प्रचंड तूफान की कैटेगरी में बदल गया और इसने हेनान प्रांत और झेंगझोउ शहर में बर्बादी मचा दी. (फोटोः गेटी)
चीन के मौसम विभाग के अनुसार अब तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) शंघाई, झेजियांग और फुजियान की तरफ बढ़ सकता है. वहां के लोगों और प्रशासन को अलर्ट कर दिया गया है कि उन्हें तेज बारिश और बाढ़ का सामना करना पड़ सकता है. इस दौरान तेज हवाएं भी चल सकती हैं. इसलिए पहले ही लोग अपनी तैयारियां कर लें. (फोटोः गेटी)
तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) ताइपेई से बुधवार दोपहर तक 680 किलोमीटर दूर था. यह पश्चिम-उत्तर की ओर 11 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से आगे बढ़ रहा है. ताइवान के सेंट्रल वेदर ब्यूरो के मुताबिक तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) का व्यास करीब 360 किलोमीटर का है. इसके अंदर हवा की गति 126 किलोमीटर प्रतिघंटा है. जो आगे चलकर 162 किलोमीटर प्रतिघंटा हो सकती है. (फोटोः गेटी)
हेनान के मौसम ब्यूरो ने संभावना जताई है कि जैसे ही तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) आगे बढ़ेगा यहां पर बारिश रुक जाएगी. साथ ही इस प्रांत के ऊपर बने स्थानी उच्च दबाव के क्षेत्र का संबंध इस तूफान से कट जाएगा. इससे स्थानीय स्तर पर जो वाष्पीकरण हो रहा है वो बंद हो जाएगा. इससे बादल नहीं बनेंगे और बारिश रुकेगी. (फोटोः गेटी)
ऐसा माना जा रहा है कि तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) पूर्वी सागर की तरफ शुक्रवार तक पहुंच जाएगा. इसके बाद यह झेजियांग (Zhejiang) प्रांत में बारिश करेगा. पर्यावरणविदों ने कहा है कि चीन में औद्योगिक विकास के साथ ही प्राकृतिक संसाधनों का दुरुपयोग बहुतायत में हुआ है. इसलिए यहां पर जलवायु परिवर्तन का असर ज्यादा हो रहा है. (फोटोःगेटी)
एक्सपर्ट्स ने कहा है कि भविष्य में चीन को ऐसी आपदाओं के लिए ज्यादा तैयार होने की जरूरत है. बीजिंग स्थित ग्रीनपीस ईस्ट एशिया के क्लाइमेट एंड एनर्जी प्रोजेक्ट लीडर लिउ जुनयान ने कहा कि हम ऐसा आपदाकारी मौसम को दरकिनार नहीं कर सकते. ये चाहे तूफान हों या फिर किसी भी तरह के भयानक मौसम. वर्तमान समय में जब पूरी दुनिया में क्लाइमेट चेंज हो रहा है, तब आपदाओं पर सक्रियता ज्यादा जरूरी है. (फोटोः गेटी)
लिउ ने कहा कि शहरों और प्रांतों को अपने मौसम पूर्व जानकारी देने वाले यंत्रों को अपग्रेड करना होगा ताकि मौसम का सही अनुमान लगाकर आने वाले खतरों की सही जानकारी हासिल कर लें. समय रहते सुरक्षित स्थानों की ओर चले जाएं. इसमें पूर्वानुमान, सामंजस्य और एकदूसरे की मदद का तरीका अपनाना होगा. तभी सबलोग सुरक्षित रह पाएंगे. क्योंकि अब सरकार और जनता के बीच काफी ज्यादा दूरी है. (फोटोः गेटी)
झेंगझोउ के मौसम ब्यूरो ने कहा कि स्थानीय लोगों का ऐसा मानना है कि यहां पर 1000 साल में ऐसी बारिश नहीं हुई है. हालांकि, यह पिछले दस सालों की सबसे भयानक बाढ़ है. झेंगझोउ में मंगलवार को सबसे ज्यादा 201.9 मिलिमीटर बारिश एक घंटे में हुई. जबकि इससे पहले भयानक बारिश का रिकॉर्ड 1975 का था. तब एक घंटे में 198.5 मिलिमीटर बारिश हुई थी. (फोटोः गेटी)
तूफान इन-फा (Typhoon In-Fa) की वजह से झेंगझोउ (Zhengzhou) शहर में पिछले तीन दिनों में 617.8 मिलिमीटर बारिश हुई है. जो कि पिछले 60 सालों में सबसे ज्यादा बारिश का रिकॉर्ड है. चेन ताओ कहते हैं कि बारिश की यह तीव्रता का अंदाजा किसी के पास नहीं था. अभी अगले 24 घंटों तक झेंगझोउ (Zhengzhou) शहर और हेनान प्रांत के कई इलाकों में ऐसी ही तेज बारिश का अनुमान है. (फोटोः गेटी)
हेनान प्रांत और झेंगझोउ (Zhengzhou) शहर में बाढ़ और बारिश की वजह से गाड़ियां इधर-उधर पलट गई हैं. यातायात बाधित है. संचार के सारे माध्यम इस समय बंद पड़े हैं. चारों तरफ पानी ही पानी दिख रहा है. बिजली काट दी गई है. लोगों के घरों, दुकानों और अंडरग्राउंड मेट्रो लाइन में पानी भर गया है. (फोटोः रॉयटर्स)
मध्य चीन में आई इस आपदा में लोगों की मदद करने के लिए चीन की बड़ी कंपनियां मैदान में उतर आई है. अलीबाबा, टेनसेंट, बाइटडांस और मीतुआन ने राहत एवं आर्थिक मदद करने का काम शुरु कर दिया है. अलीबाबा और टेनसेंट ने 1148 करोड़ रुपए के मदद की घोषणा की है. इसके अलावा वीबो समेत कई और कंपनियों ने भी बाढ़ राहत कोष में दान करने की घोषणा की है. कुछ कंपनियां तो सीधे लोगों तक राहत पहुंचाने के लिए NGO की मदद कर रही हैं. (फोटोः गेटी)