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ग्वाटेमाला में माया सभ्यता की 1000 से ज्यादा रहस्यमयी इमारतें मिलीं, वैज्ञानिक हैरान

पुरातत्वविदों को सदियों से छिपी हुई करीब 1,000 माया बस्तियां मिली हैं. लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग लेजर स्कैनिंग के जरिए इन बस्पतियों को खोजा गया है. ये बस्तियां लगभग 1,683 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई हैं, जो 1,000 ईसा पूर्व से 250 ईसा पूर्व के बीच की बताई जा रही हैं.

1,683 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई हैं बस्तियां (Photo: Martínez et al.) 1,683 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई हैं बस्तियां (Photo: Martínez et al.)
aajtak.in
  • ग्वाटेमाला सिटी,
  • 17 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 6:13 PM IST

हाल ही में पुरातत्वविदों को मिट्टी में सदियों से छिपे खजाने का पता चला है. उत्तरी ग्वाटेमाला (Guatemala) में, LIDAR (लाइट डिटेक्शन एंड रेंजिंग) लेजर स्कैनिंग के जरिए पहले से छिपी हुई करीब 1,000 माया बस्तियां पाई गई हैं. अगर हम खोई हुई सभ्यताओं की बात करें, तो ये खोज बहुत बड़ी खोज है.

एंशिएंट मेसोअमेरिका (Ancient Mesoamerica) में प्रकाशित शोध के मुताबिक, ये बस्तियां बहुत बड़े इलाके में फैली हुई हैं. शोधकर्ताओं द्वारा देखी गई इमारतें और संरचनाएं मिराडोर-कालकमुल कार्स्ट बेसिन (Mirador-Calakmul Karst Basin- MCKB) और इसके आस-पास के लगभग 1,683 वर्ग किलोमीटर में फैली हुई हैं. यहां बस्तियां करीब 1,000 ईसा पूर्व से 250 ईसा पूर्व के बीच बसी होंगी.

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  LIDAR तकनीक से छिपी हुई बस्तियों का पता चला (Photo:Martínez et al./Ancient Mesoamerica)

अमेरिका, ग्वाटेमाला और फ्रांस के संस्थानों के शोधकर्ताओं को जिन बस्तियों का पता लगा है, वे काफी सघन रूप से भरी हुई दिखती हैं, जिससे इस बात के सबूत मिलते हैं कि शुरुआती मेसोअमेरिकन जगहों पर लोग कैसे रहते थे. 

इन बस्तियों में बहुत कुछ है. यहां इमारतों के साथ-साथ घर, खेल प्रांगण और धार्मिक, औपचारिक, और नागरिक केंद्रों के साथ-साथ, उन्हें जोड़ने वाली नहरें और नहरों का पूरा नेटवर्क शामिल है.

ग्वाटेमाला में इस तरह की इमारतें पहले से मौजूद हैं (Photo: Pixabay)

शोधकर्ताओं ने अपने शोध में कहा है कि इनमें से कई बस्तियां अन्य आस-पास की बस्तियों के साथ एक राजनीतिक / सामाजिक / भौगोलिक संबंध प्रदर्शित करती हैं. बस्तियों के कनेक्शन बताते हैं कि ये किसी साम्राज्य का हिस्सा था.

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शोधकर्ताओं के मुताबिक, इन संरचनाओं को बनाने के लिए कई कौशल वाले लोग साथ आए होंगे. जैसे- चूना उत्पादक, मोर्टार और खदान विशेषज्ञ, लिथिक टेक्नीशियन, आर्किटेक्ट, और कानूनी प्रवर्तन और धार्मिक अधिकारी.

शोध के मुताबिक, पूरे MCKB में मिडिल और लेट प्रीक्लासिक पीरियड के बड़े प्लेटफार्मों, महलों, बांधों, सेतुओं और पिरामिडों का निर्माण करने वाले लोग हजारों की संख्या में रहे होंगे.

 

यहां स्मार्ट ड्रेनेज और वॉटर कलेक्शन सिस्टम के भी प्रमाण मिलते हैं, जो सूखे या बाढ़ के समय बस्तियों में पानी को व्यवस्थित रखते थे. LIDAR के लाइट बेस्ड एरियल स्कैनिंग सिस्टम का मतलब है कि वैज्ञानिक किसी भी घने जंगल में ऊपर से ही जंगल के अंदर और ज़मीन के नीचे की ठोस संरचनाओं को देख सकते हैं. पिछले कुछ सालों में, इसी तकनीक से कम्बोडिया के शहर और अमेजोनिया के गांवों का पता लगा था. वैज्ञानिकों को इस टेक्नोलॉजी से भविष्य में इस हिस्से से और ज्यादा भी बहुत कुछ मिलने की उम्मीद है.

 

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