
हाल ही में मेक्सिको की एक साइट से पुरातत्विदों को एक प्राचीन पत्थर मिला. यह पत्थर गोलाकार है. इस पत्थर के बारे में कहा जा रहा है कि यह एक 'स्कोरबोर्ड' है, जो शायद उस वक्त फुटबॉल की तरह खेले जाने वाले किसी खेल में इस्तेमाल किया जाता होगा.
मेक्सिको के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ एंथ्रोपोलॉजी ने ट्विटर पर इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह पत्थर माया चिचेन इट्ज़ा साइट (Maya Chichen Itza) पर पाया गया था. शोधकर्ताओं और पुरातत्वविदों का कहना है कि गोलाकार पत्थर का व्यास 12 इंच से ज़्यादा है और इसका वजन 40 किलोग्राम है.
इस पत्थर को एक तरह का स्कोरबोर्ड माना जा रहा है और यह 800 CE और 900 CE के बीच का है. जांच करने वाले एक पुरातत्वविद फ्रांसिस्को पेरेज़ (Francisco Perez) का कहना है कि इस माया साइट में चित्रलिपि लेखन (Hieroglyphic writing) मिलना दुर्लभ है. आपको बता दें कि माया कैलेंडर के हिसाब से साल 2012 में दुनिया खत्म होने की बात कही गई थी.
पत्थर के केंद्र में दो आकृतियां दिखाई देती हैं. बाहरी किनारे के चारों ओर चित्रलिपि बनी हुई है. आकृतियों में से एक ने एक पंख वाला हेडड्रेस पहना हुआ है और दूसरे ने सांप कीपगड़ी (Snake Turban) पहन रखी है, जो माया समाज में ऊंचे पद के लोगों के लिए आरक्षित होती थी.
विशेषज्ञ अब पत्थर का विश्लेषण करने और इससे जुड़ी ज़्यादा जानकारी पाने की कोशिश कर रहे हैं. वे इस पत्थर के संरक्षण के लिए कदम उठा रहे हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, आइकोनोग्राफी एक्सपर्ट्स ने पत्थर पर दोनों आकृतियों की पहचान की है. उनके मुताबिक इन आकृतियों को बॉल गेम "पेलोटा" (Pelota) खेलते हुए दिखाया जा रहा है. इस खेल में रबर की भारी गेंद का इस्तेमाल किया जाता है और इसे टीम बनाकर खेला जाता है.
माना जाता है कि मेसोअमेरिकन लोग बॉल गेम को पारंपरा के तौर पर खेला करते थे, जिसका कोई धार्मिक महत्व था. मेक्सिको के युकाटन प्रायद्वीप में चिचेन इट्ज़ा माया सभ्यता का एक ऐतिहासिक केंद्र है और यह यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थल ( UNESCO World Heritage Site) है.