Advertisement

एक दिन में 2000 भूकंप... कनाडा के नीचे फट रही धरती, क्या कई हिस्सों में बिखर जाएगा ये देश?

कनाडा में एक दिन में 2000 भूकंप के झटके दर्ज किए गए. दुनियाभर के वैज्ञानिक इस घटना से परेशान हो गए. जांच किया तो पता चला कि कनाडा के नीचे समुद्री जमीन दो हिस्सों में बंट रही है. यानी धरती के सबसे ऊपरी हिस्से यानी क्रस्ट की नई लेयर का निर्माण हो रहा है. तो क्या कनाडा या उत्तरी अमेरिका दो हिस्सों में बंट जाएगा?

कनाडा में इस महीने के शुरुआत में एक दिन में करीब 2000 भूकंप के झटके आए. (सभी फोटोः गेटी) कनाडा में इस महीने के शुरुआत में एक दिन में करीब 2000 भूकंप के झटके आए. (सभी फोटोः गेटी)
आजतक साइंस डेस्क
  • टोरंटो,
  • 28 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 10:25 AM IST

इस महीने के शुरूआत में कनाडा के तट के पास मौजूद वैंकूवर आइलैंड के विक्टोरिया हार्बर में अजीबोगरीब घटना घटी. 24 घंटे में 2000 भूकंप के झटके आए. इसके बाद वैज्ञानिक सतर्क हो गए. क्योंकि इन भूकंपों से जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. जब उन्होंने जांच की तो रोंगटे खड़े कर देने वाला खुलासा हुआ.  

इन सभी भूकंपों का केंद्र एंडीवर साइट पर था. यह साइट वैंकूवर आइलैंड से 240 किलोमीटर दूर है. समंदर के अंदर मौजूद एंडीवर साइट पर बहुत सारे हाइड्रोथर्मल वेंट्स हैं. यानी ऐसी जगह जहां से समंदर के अंदर गर्म गैस, लावा आदि निकलते हैं. यह वेंट्स जुआन डे फुका रिज पर मौजूद है. यहीं पर समंदर की तलहटी दो हिस्सों में बंटती है. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: Baltimore Bridge Collapse: क्यों और कैसे हुआ बाल्टीमोर ब्रिज हादसा... जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट?

यूनिवर्सिटी ऑफ वॉशिंगटन के डॉक्टोरल कैंडिडेट जो क्रॉस ने कहा कि यह पूरा इलाका एक सबडक्शन जोन से अलग होता है. यानी यहां पर एक टेक्टोनिक प्लेट दूसरे प्लेट के नीचे खिसक रही है. अगर यह घटना तट के ज्यादा करीब लगातार होती रही तो काफी ज्यादा तगड़े और नुकसानदायक भूकंप आ सकते हैं. जिससे कनाडा को खतरा होगा. 

कनाडा के नीचे समंदर के अंदर बन रही नई जमीनी लेयर  

जो क्रॉस ने बताया कि समंदर के मध्य में मौजूद रिज (Ridge) पर होने वाली किसी भी तरह के भौगोलिक गतिविधि पांच या उससे ज्यादा तीव्रता का भूकंप ला सकता है. फिलहाल ऐसा खतरा तो नहीं दिख रहा है. भूकंप ऐसी घटना है जो यह बताती है कि समंदर की तलहटी में क्रस्ट का नया निर्माण हो रहा है. या फिर कुछ जमीनी बदलाव हो रहा है.

Advertisement

यह भी पढ़ें: Mission Shakti: अंतरिक्ष में भारत के दुश्मनों का काल, ऐसे करता है काम... जानिए क्यों पड़ी इस महाहथियार की जरूरत?

भूकंप ये बताते हैं कि कैसे समंदर की जमीन असल में क्रस्ट के निर्माण में और बदलाव में मदद करते हैं. इससे लंबी दरारें, फॉल्ट लाइन्स बनती हैं. इनमें खिंचाव, नजदीक आना जैसे घटनाएं होती रहती हैं. इससे मैंटल के नीचे दबा गर्म लावा यानी मैग्मा बाहर आता है. जब यह मैग्मा ऊपर आकर ठंडा होता है, तब यह नई लेयर बनाता है. यानी क्रस्ट में बनने वाली नई लेयर का जन्म होता है. 

6 मार्च को हर घंटे आए 200 भूकंप, दिन में 1850 झटके

एंडीवर साइट को लगातार नॉर्थ-ईस्ट पैसिफिक  टाइम सीरीज अंडरसी नेटवर्क्ड एक्सपेरिमेंट (NEPTUNE) के तहत मॉनिटर किया जाता है. इसे ओशन नेटवर्क कनाडा चलाता है. साल 2018 के बाद से इस इलाके में बहुत ज्यादा भूकंप आ रहे हैं. 6 मार्च 2024 को हर घंटे 200 भूकंप आए. कुल मिलाकर एक दिन में 1850 से ज्यादा भूकंप आए. इतनी संख्या में आए भूकंपों ने वैज्ञानिकों का सिर हिला दिया. 

यह भी पढ़ें: जानवरों से नहीं... इंसानों से जानवरों में फैले दोगुने वायरस, अगला खतरा इस बीमारी का... नई स्टडी में हैरान करने वाला खुलासा

Advertisement

ये भूकंप रिक्टर पैमाने पर एक तीव्रता या उससे थोड़ा ही ज्यादा थे. लेकिन ये घबराने वाली बात है. इतनी ज्यादा मात्रा में भूकंपों का आना यह बताता है कि एंडीवर साइट पर बहुत ज्यादा भूगर्भीय दबाव बन रहा है. जिसकी वजह से दो प्लेटें एक दूसरे से करीब साढ़े तीन फीट दूर चली गई हैं. वहां से निकलने वाला मैग्मा नई क्रस्ट लेयर बना रहा है. जो क्रॉस ने बताया कि यह घटना करीब हर 20 साल पर हो रही है. इससे पहले 2005 में ऐसा हुआ था. 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement