
इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) अब जल्द ही काम करना बंद कर देगा. नासा (NASA) और उसके सहयोगियों की पूरी कोशिश है कि यह 2030 तक काम करता रहे, वहीं इसके बाद बनाए जाने वाले अंतरिक्ष स्टेशनों के लिए भी योजनाएं बना ली गई हैं, ताकि आईएसएस की विरासत को आगे बढ़ाया जा सके.
चीन ने तो तियांगोंग (Tiangong) स्पेस स्टेशन बना ही लिया है, वहीं भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) भी आने वाले सालों में अपना खुद का स्पेस स्टेशन तैनात करने की योजना बना रहा है. नासा ने कमर्शियल स्पेस स्टेशन्स डिजाइन करने के लिए तीन एरोस्पेस कंपनियों- ब्लू ओरिजिन की ऑर्बिटल रीफ (Blue Origin's Orbital Reef), एक्सिओम स्पेस स्टेशन (The Axiom Space Station-AxS) और स्टारलैब (Starlab)के साथ कॉन्ट्रेक्ट किया है. इसके अलावा यूरोप की मल्टीनेशनल एरोस्पेस कंपनी एयरबस ने भी इसमें हाथ आज़माने का फैसला किया है.
हाल ही में कंपनी ने एक वीडियो जारी करके, एयरबस लूप (Airbus LOOP) नाम के मल्टीपर्पस ऑर्बिटल मॉड्यूल (MPOP) के लिए अपना प्रस्ताव सामने रखा. इस मॉड्यूलर स्पेस सेग्मेंट में तीन डेक, एक सेंट्रीफ्यूज और चार क्रू सदस्यों के काम करने के लिए जगह होगी.
नीचे दिए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि इसके इंटीरियर डिज़ाइन में तीन लेवल (या डेक) हैं. इनमें ऊपर से नीचे तक एक हैबिटेशन डेक, एक साइंस डेक और एक सेंट्रीफ्यूज शामिल है, जो एक ही समय में दो लोगों के लिए ग्रैविटी स्टिम्यूलेट करता है.
मॉड्यूल का व्यास करीब 26 फीट है और लंबाई भी करीब करीब इतनी ही है और इसका वॉल्यूम 100 क्यूबिक मीटर है. हर डेक पर एक सेंट्रल टनल के ज़रिए पहुंचा जा सकता है, जो एक ग्रीनहाउस संरचना से घिरा है. यहां पौधों से जुड़े प्रयोग किए जा सकते हैं और यहां से साग, फलियां और अन्य पौधों की बराबर सप्लाई होती रहेगी.
इस मॉड्यूल को चार क्रू मेंबर्स के लिए डिज़ाइन किया गया है, लेकिन एक समय में इसमें अस्थायी रूप से आठ एस्ट्रोनॉट्स आ सकते हैं. मिशन की ज़रूरतों के आधार पर हर डेक में मिशन के हिसाब से मशीनरी और इन्फ्रास्ट्रक्चर लगाया जा सकता है.
लेकिन LOOP का शायद सबसे दिलचस्प हिस्सा इसका सेंट्रीफ्यूज है, जिसमें दो वज़न और दो क्रू पॉड हैं. इन पॉड्स में एक्सरसाइज़ बाइक होती हैं और इसमें एक क्रू मेंबर आ सकता है. यहां व्यक्ति नकली गुरुत्वाकर्षण वातावरण में वर्काउट कर सकता है. अभी यह नहीं पता है कि सेंट्रीफ्यूज कितना गुरुत्वाकर्षण स्टिम्यूलेट करने में सक्षम होगा.