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Spain की इस गुफा में 50 हजार सालों तक रहे प्राचीन इंसान

इंसान एक घर में अपनी जिंदगी निकाल देता है. लेकिन एक समय भी ऐसा था कि स्पेन की एक गुफा को प्राचीन इंसानों ने 50 हजार साल अपना घर बनाए रखा था. इस बात का खुलासा हाल ही में एक पुरातात्विक अध्ययन के दौरान हुआ है.

स्पेन की इसी गुफा में प्राचीन इंसान 50 हजार सालों तक रहे. ये उस गुफा का मुख्य द्वार है. (फोटोः AFP) स्पेन की इसी गुफा में प्राचीन इंसान 50 हजार सालों तक रहे. ये उस गुफा का मुख्य द्वार है. (फोटोः AFP)
aajtak.in
  • मैड्रिड,
  • 02 जून 2022,
  • अपडेटेड 7:50 PM IST
  • अत्यधिक पुरानी दीवार पेंटिंग्स मिली
  • इंसानी जीवन के प्राचीन सबूत भी मिले

इंसानों की सभ्यताएं आती रहीं. जाती रहीं. कुछ सदियों तक चलीं. कुछ के घर और कॉलोनियां आज भी खुदाई में मिलती है. एक ही जगह पर रहना भी इंसान के लिए मुश्किल होता है. या तो वह शहर बदल देता है या फिर घर. लेकिन हम बात कर रहे हैं उन इंसानों की जो एक ही गुफा में 50 हजार सालों तक रहे. यह बेहद रोचक और हैरान करने वाली बात है. यानी उन प्राचीन इंसानों की न जाने कितनी पीढ़ियां इसमें रह रही होंगी. 

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दक्षिणी स्पेन के मलागा नाम की जगह एक गुफा है, जिसका नाम है Cueva de Ardales. इस गुफा की दीवारों पर प्राचीन कलाकृतियां, रेखाचित्र और पेंटिंग्स बनी हैं. इस गुफा में इस तरह की 1000 से ज्यादा कलाकृतियां खोजी गई हैं. इनमें से कुछ बेहद प्रसिद्ध हैं तो कुछ बेहद विवादित. खैर ये विवाद अंतरराष्ट्रीय पुरातत्वविदों के बीच है. क्योंकि जिस समय की बात हो रही है, उस समय नीएंडरथल मानव रहते थे. वो कलाकारी कर सकते थे या नहीं इस पर विवाद है. 

गुफा के अंदर प्राचीन वस्तुओं और दबे हुए इंसानी अवशेषों की जांच करते आर्कियोलॉजिस्ट. (फोटोः AFP)

इस गुफा से वैज्ञानिकों को यह पता चल रहा है कि नीएंडरथल मानव और आधुनिक इंसानों ने किस तरह यहां अपना जीवन जिया होगा. नीएंडरथल मानव इस गुफा को 65 हजार साल पहले से उपयोग कर रहे थे. जबकि, आधुनिक मानवों ने इसका उपयोग 50 हजार साल पहले शुरु किया. इसी गुफा में पेंटिंग बनाते थे. यहीं अपने लोगों को दफनाते थे. इसके अलावा किसी और काम के ज्यादा सबूत नहीं मिले हैं.  

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स्पेन की यूनिवर्सिटी ऑप काडिज के आर्कियोलॉजिस्ट जोस रमोस मुनोज ने कहा कि हमने 50 रेडियोमेट्रिक डेट्स निकालीं. पैलियोलिथिक कलाकारी की उम्र पता की. तब ये सामने आया कि इस गुफा ने इंसानों को बदलते देखा है. ये बात 58 हजार साल पुरानी है. यह गुफा इस बात का भी सबूत है कि यहां पर कला से संबंधित कई गतिविधियां होती थीं. इस गुफा का खनन कार्य 2011 से 2018 के बीच हुआ है. 

गुफा की दीवारों पर बनी कलाकृतियां और पेंटिंग्स खोजते पुरातत्वविद. (फोटोः AFP)

इस गुफा का मुख्य द्वार बेहद संकरा और छोटा है. अंदर जाने पर कई परतों में गुफा मिली. कई रास्ते मिले. कई बड़े हॉलनुमा इलाके दिखे. इनमें इंसानी जीवन के सबूत मिले. फिर प्रयास ये किया गया कि गुफा के सबसे अंदरूनी और निचले हिस्से तक पहुंचा जा सके. यहां पर 58 हजार साल पुरानी दीवार पेंटिंग मिली. जो 43 हजार साल तक की उम्र की भी हैं. स्टडी में इस बात का खुलासा हुआ कि आधुनिक इंसान इस इलाके में 35 हजार साल पहले आए थे. 

जोस रमोस मुनोज ने कहा कि अगर 35 हजार साल पहले आधुनिक इंसान इस इलाके में रहते थे. तो सात हजार सालों तक यह गुफा किसी के काम की नहीं थी. यहां कोई रहता नहीं था. इसके बाद इस गुफा में लोग आते रहे. रहते रहे और जाते रहे. ये ताम्र युग तक होता रहा. इस खोज के बारे में पुरातत्वविदों ने PLOS ONE जर्नल में अपनी रिपोर्ट प्रकाशित कराई है. 

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