
ओडिशा के तट पर अगले हफ्ते एक चक्रवाती तूफान आने वाला है. यह जानकारी भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दी है. विभाग के एक्सटेंडेड रेंज आउटलुक (ERO) के मुताबिक उत्तरी हिंद महासागर में गुरुवार को साइक्लोनिक डेवलपमेंट शुरू हो चुके हैं. जिसका असर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में देखने को मिलेगा.
मौसम विभाग के मुताबिक पूरी संभावना है कि 23 और 24 अक्टूबर के बीच बंगाल की खाड़ी के मध्य में एक नए तूफान का जन्म हो. समुद्री सतह का तापमान और मैडेन जूलियन ऑसीलेशन (MJO) की वजह से इलाके में इस तूफान के जन्म को और मजबूती मिलती दिख रही है. इसकी शुरूआत हो चुकी है. साइक्लोनिक सर्कुलेशन हो रहे हैं.
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मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी अंडमान सागर में 20 अक्टूबर के आसपास साइक्लोनिक सर्कुलेशन जमा होना शुरू हो जाएगा. धीरे-धीरे यह ओडिशा के तट की ओर बढ़ेगा. यह भी संभव है कि इस बीच अरब सागर में भी इसी तरह का माहौल बने. वहां भी साइक्लोनिक डिस्टर्बेंस हो सकता है. समय सीमा भी लगभग यही रहने की संभावना है.
मछुआरों, नौसैनिकों को समंदर में जाने से मना किया मौसम विभाग ने
मौसम विभाग ने बदलते मौसम के चलते सलाह दिया है कि उस समय बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों ही सागरों में किसी भी तरह के समुद्री कार्यों से बचें. मछली पकड़ने न जाएं. नौसेना को भी बता दिया गया है कि वो अपने कार्य रोक दें. क्योंकि तूफान आए या न आए लेकिन समंदर में काफी ऊंची लहरें उठ सकती हैं.
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स्थानीय लोगों को सतर्क रहने और इमरजेंसी सर्विसेस तैयार रखने का निर्देश
साथ ही अंडमान और निकोबाद द्वीप समूह में पर्यटन को रोकने की सलाह दी गई है. स्थानीय लोगों को सतर्क रहने को कहा गया है. साथ ही किसी भी तरह की इमरजेंसी के लिए तैयार रहने को कहा गया है. ओडिशा सरकार और केंद्र सरकार को भी तूफान आने से पहले की सभी तैयारियों को पूरा करने की सलाह दी गई है.