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आपका कुत्ता राइट हैंडेड है या लेफ्ट! जानिए क्या कहता है साइंस

अब तक यही बहस छिड़ी हुई थी कि लेफ्ट और राइट हैंड इस्तेमाल करने वालों में कौन बेहतर है. अलग-अलग स्टडीज इसपर अलग बात करती हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इंसान ही नहीं, कुत्तों में भी हैंड-प्रेफरेंस होती है. मतलब कई कुत्ते राइट, जबकि कुछ लेफ्ट से ज्यादा काम लेते हैं. इससे ये भी पता लगता है कि वे खुशमिजाज हैं, या चिड़चिड़े.

हर कुत्ते के लिए पंजे की प्रेफरेंस अलग होती है. सांकेतिक फोटो (Pixabay) हर कुत्ते के लिए पंजे की प्रेफरेंस अलग होती है. सांकेतिक फोटो (Pixabay)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 13 जनवरी 2023,
  • अपडेटेड 7:47 AM IST

दुनिया में ज्यादातर लोग राइट हैंडेड हैं, वहीं 10 से 13 प्रतिशत लोग लेफ्ट हैंड से काम करते हैं. इनके बीच कुछ ऐसे भी हैं, जिन्हें एम्बिडेक्स्टर कहा जाता है, यानी वे लोग जो राइट और लेफ्ट दोनों ही हाथों से एक तरीके से काम ले पाते हैं. हालांकि ऐसे इंसान बहुत ही कम हैं. ये तो हुए वो बात, जो हममें से ज्यादातर लोग जानते हैं, लेकिन एक स्टडी कुत्तों के बारे में मिलती-जुलती बात कहती है. 

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साइंस डायरेक्ट में पॉ प्रेफरेंस एज टूल फॉर असेसिंग इमोशनल फंक्शनिंग शीर्षक से छपी स्टडी के दौरान कई टेस्ट किए गए ताकि अलग-अलग कामों के दौरान डॉग्स को करीब से देखा जा सके. खेल-कूद या खाने के अलावा ये भी देखा गया कि सीढ़ियां चढ़ते-उतरते हुए कुत्ते किस पंजे को पहले रखते हैं. 

इसमें दिखा कि हर कुत्ते के लिए पंजे की प्रेफरेंस अलग होती है. हालांकि इंसानों से अलग, इनके साथ ऐसा नहीं है कि ज्यादातर डॉग्स राइट हैंडेड हों, और कुछ लेफ्ट हैंडेड. ये भी पाया गया कि टास्क अगर ज्यादा मुश्किल है तो कुत्ते दोनों पंजों का बखूबी इस्तेमाल कर पाते हैं. 

तब हाथ मिलाने की बात कहने पर सारे ही डॉग्स दायां पंजा क्यों बढ़ाते हैं? इसके पीछे वो ट्रेनिंग है, जो हम उन्हें देते हैं. कुत्तों से हैंड-शेक करते हुए हम दायां हाथ उसके दाएं हाथ की तरफ बढ़ाते हैं. ऐसे में लेफ्ट हैंड प्रेफरेंस वाला पशु भी इस एक एक्टिविटी में हमारी तरह व्यवहार करता है.

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अध्ययन में यह भी पाया गया कि मादा डॉग्स अपने राइट पंजे का ज्यादा इस्तेमाल करती हैं, जबकि नर अधिकतर लेफ्ट हैंडेड होते हैं. ये बात इंसानों से मिलती हुई है. इंसानों पर हुई स्टडीज भी यही नतीजे देती हैं. हालांकि हाथ या पंजों के उपयोग में सेक्स-डिफरेंस की वजह फिलहाल तक साफ नहीं हो सकी. 

दाएं पंजे की प्रेफरेंस वाले डॉग्स में निगेटिव इमोशन ज्यादा होते हैं. सांकेतिक फोटो (Pixabay)

कुत्ते किस समय, कौन से पंजे का उपयोग कर रहे हैं, इससे ये भी पता लगता है कि तब उनके दिमाग में क्या चल रहा होता है. इससे पहले ये समझ लें कि हम समेत डॉग्स के भी शरीर का दायां हिस्सा, ब्रेन के बाएं हिस्से से कंट्रोल्ड होता है, जबकि बाएं हिस्से को दायां मस्तिष्क कंट्रोल करता है. दाहिना हिस्सा नकारात्मक, वहीं बायां हिस्सा सकारात्मक भावनाओं को दिखाता है. ऐसे में आमतौर पर इस्तेमाल होने वाले पंजे की बजाए डॉग कोई दूसरा पंजा सामने किए हो तो पता लग सकता है कि उस समय वो क्या महसूस कर रहा है. 

अमेरिकन साइकोलॉजिकल एसोसिएशन के जर्नल में छपी एक स्टडी कॉग्निटिव बायस एंड पॉ प्रेफरेंस इन डोमेस्टिक डॉग में भी पंजों को कुत्ते की भावनाओं से जोड़ा गया. इसके मुताबिक दाएं पंजे की प्रेफरेंस वाले डॉग्स में निगेटिव इमोशन ज्यादा होते हैं, जैसे वो डरता या जल्दी गुस्सा हो जाता है. यहां तक कि घर में अगर दूसरा कुत्ता या पेट एनिमल है तो खाने के बंटवारे को लेकर वो हमेशा तनाव में रहता है. 

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एक और दिलचस्प बात ये दिखी कि पूंछ तोड़-मरोड़कर भी कुत्ते अपनी इमोशन्स जताते हैं. अपने परिचितों या घरवालों को देखकर वे अपनी पूंछ बाईं तरफ ऐंठते हैं. इसका मतलब वे खुश हैं. वही दाईं ओर पूंछ मोड़ने का मतलब वो डरा हुआ है. ऐसा अक्सर दूसरे अनजान कुत्तों या इंसानों को देखकर होता है.

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