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ASTEROID ALERT: बाल-बाल बच गई धरती! सवा दो बजे बगल से गुजरा एस्टेरॉयड, टकराने पर मच जाती तबाही

Cosmic Threat... दोपहर सवा दो बजे धरती खत्म होने से बच गई. 110 फीट चौड़ा एस्टेरॉयड 1.04 लाख प्रति किलोमीटर की स्पीड से बगल से गुजरा. सिर्फ 16 लाख किलोमीटर दूर से. यह दूरी कुछ भी नहीं होती अंतरिक्ष में. एक डिग्री का बदलाव होता तो धरती पर बड़ी तबाही आती.

16 सितंबर 2024 की दोपहर 2.16 बजे धरती के बगल से 2024 RN16 एस्टेरॉयड गुजरा. (प्रतीकात्मक फोटोः पिक्साबे) 16 सितंबर 2024 की दोपहर 2.16 बजे धरती के बगल से 2024 RN16 एस्टेरॉयड गुजरा. (प्रतीकात्मक फोटोः पिक्साबे)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 16 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 4:39 PM IST

धरती एक बड़े खतरे से बच गई. आज यानी 16 सितंबर की दोपहर करीब सवा दो बजे Asteroid 2024 RN16 धरती से मात्र 16 लाख किलोमीटर दूर से निकला. यानी चंद्रमा की दूरी से सिर्फ चार गुना ज्यादा. 110 फीट चौड़े पत्थर की स्पीड 104,761 km/hr थी. यह उस अपोलो समूह का एस्टेरॉयड है, जिससे धरती को खतरा रहता है.

यह एस्टेरॉयड धरती और सूरज के बीच से निकलता है. इसलिए कई बार यह पृथ्वी के बेहद नजदीक से निकलता है. इस समूह के एस्टोरॉयड को 1862 में अपोलो ने खोजा था. इसलिए इनका नाम अपोलो एस्टेरॉयड रखा गया है. इनकी खासियत यही है कि ये धरती के रास्ते को क्रॉस करते हैं. अगर 110 फीट का यह एस्टेरॉयड धरती से टकराता तो तबाही बड़ी होती.

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999 साल में एक बार होने वाली घटना टली

 NASA ने बताया कि अगर 2024 RN16 एस्टेरॉयड धरती के वायुमंडल में आता तो यह सतह से 29 किलोमीटर ऊपर धमाके के साथ फटता. इससे इतनी ऊर्जा निकलती, जितनी 16 मेगाटन टीएनटी से निकलता. इसकी वजह से भयानक शॉकवेव पैदा होती है. ऐसे टक्कर या घटनाएं 999 साल में एक बार ही होती हैं. शुक्र था कि ये एस्टेरॉयड धरती के बगल से निकल गया. 

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नासा ऐसे रख रहा था नजर, चल रही थी ट्रैकिंग

नासा के सेंटर फॉर नीयर-अर्थ ऑबजेक्ट्स स्टडी (CNEOS) लगातार इस एस्टेरॉयड पर नजर रख रहा था. इसके अलावा माइनर प्लैनेट सेंटर भी निगरानी कर रहा था. साथ ही गोल्डस्टोन सोलर सिस्टम राडार ने इस पर नजर थी. ताकि इस एस्टेरॉयड के रास्ते और गति का पता किया जा सके. 

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