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खोजने के दो ही घंटे बाद धरती से टकराया एस्टेरॉयड, इस साल तीसरी ऐसी घटना

पिछले महीने 22 तारीख को 3 फीट चौड़ा एस्टेरॉयड खोजा गया. इसके दो ही घंटों के बाद वह कैलिफोर्निया के पास समंदर में गिर गया. वैज्ञानिक इसके गिरने की ट्रैजेक्टरी ट्रैक कर पाए. ऐसी घटना इस साल तीसरी बार हुई है. यानी अब भी इंसान ऐसे खतरों को पहले नहीं खोज सकता.

22 अक्टूबर 2024 को एक एस्टेरॉयड खोजा गया. उसकी खोज के 2 ही घंटे के अंदर वो कैलिफोर्निया के प्रशांत महासागर में गिरा. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी) 22 अक्टूबर 2024 को एक एस्टेरॉयड खोजा गया. उसकी खोज के 2 ही घंटे के अंदर वो कैलिफोर्निया के प्रशांत महासागर में गिरा. (प्रतीकात्मक फोटोः गेटी)
आजतक साइंस डेस्क
  • नई दिल्ली,
  • 14 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:27 PM IST

पिछले महीने एक एस्टेरॉयड अपनी खोज के दो ही घंटों के बाद वह धरती के वायुमंडल से टकराया. जलता हुआ कैलिफोर्निया के पास प्रशांत महासागर में गिर गया. यह एस्टेरॉयड न जाने कैसे दुनिया भर के मॉनिटरिंग सिस्टम को धोखा देकर धरती के एकदम नजदीक पहुंच गया. 3 फीट चौड़े एस्टेरॉयड से कोई खतरा नहीं था. 

हालांकि, ये अगर किसी शहर में गिरता तो नुकसान कर सकता था. वह भी भयानक स्तर का.  इस एस्टेरॉयड को नाम दिया गया है 2024 UQ. इसे खोजा गया 22 अक्टूबर 2024 को. हवाई पर मौजूद एस्टेरॉयड टेरेस्ट्रियल-इम्पैक्ट लास्ट अलर्ट सिस्टम (ATLAS) के चार टेलिस्कोप की दूरबीनों ने मिलकर अंतरिक्ष में कोई धरती की ओर आती हुई चीज दिखी. 

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तत्काल उसे ट्रैक किया गया. दो घंटे बाद ही यह एस्टेरॉयड कैलिफोर्निया के पास प्रशांत महासागर में गिर गया. इसलिए इसे इमीनेंट इम्पैक्टर नाम दिया जा रहा है. यानी इसकी खोज और इम्पैक्ट के बीच समय काफी कम था. क्योंकि यूरोपियन स्पेस एजेंसी (ESA) के इम्पैक्ट मॉनिटरिंग सिस्टम जब तक इसे ढंग से ट्रैक करते यह समंदर में गिर गया. 

जब तक वैज्ञानिक जोड़ घटाना करते, समंदर में गिर गया एस्टेरॉयड

यूरोपियन स्पेस एजेंसी के मुताबिक ATLAS सर्वे ने कुछ तस्वीरें हासिल कीं. जब तक उसकी जांच होती, यह छोटा सा एस्टेरॉयड वायुमंडल में घुस चुका था. इसके धरती से टकराने के पूरे चांस थे. ये कहां टकराने वाला इसकी स्टडी हो ही रही थी कि ये कैलिफोर्निया के पास प्रशांत महासागर में जाकर गिर गया. 

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इस साल तीसरी बार नहीं पकड़ पाए घुसपैठिए एस्टेरॉयड को

ESA के नीयर अर्थ ऑबजेक्ट्स कॉर्डिनेशन सेंटर (NEOCC) ने बताया कि NOAA के GOES मौसम सैटेलाइट और नासा के कैटेलिना स्काई सर्वे ने आसमान में कुछ तेजी से चलती हुई चमकती चीज देखी. ये चमकती हुई रोशनी यही एस्टेरॉयड था, जो धरती के वायुमंडल में प्रवेश कर रहा था. 

इस साल ऐसी घटना तीसरी बार हुई है. इससे पहले 3.3 फीट चौड़ा 2024 BX1 एस्टेरॉयड बर्लिन के ऊपर जनवरी में फट गया था. दूसरा 2024 WR1 ये फिलिपींस के आसमान में 4 सितंबर 2024 को फटा था. इसके वीडियो बनाकर लोगों ने सोशल मीडिया पर डाला था. यूट्यूब पर इसका वीडियो पड़ा है, जिसे आप यहां नीचे देख सकते हैं. 

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