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घर में पली मुर्गी के अंडों में पोल्ट्री फार्म के अंडों से 40 फीसदी ज्यादा लेड: स्टडी 

ताजा हमेशा अच्छा होता है. अगर आप घर पर मुर्गियां पालते हैं तो सावधान हो जाइए, क्योंकि इन मुर्गियों के अंडे भले ही ताजे हों लेकिन इनमें लेड की मात्रा ज्यादा हो सकती है. हालांकि बाजार में मिलने वाले अंडों में लेड की मात्रा काफी कम होती है. लेड वो धातु है जो स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होती है.

घर में पलने वाली मुर्गियों में लेड ज्यादा पाया गया (Photo: Pixabay) घर में पलने वाली मुर्गियों में लेड ज्यादा पाया गया (Photo: Pixabay)
aajtak.in
  • सिडनी ,
  • 17 अगस्त 2022,
  • अपडेटेड 6:32 PM IST
  • मिट्टी के ज़रिए मुर्गियों में पहुंचता है लेड
  • लेड स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक 

अपने खेत में उगाई सब्जी और अपनी मुर्गियों के अंडों से ताजा कुछ और नहीं. ऑस्ट्रेलिया के करीब 4 लाख लोग घरों में ही मुर्गियां पालते हैं. लेकिन अंडों का सिर्फ़ ताजा होना ही काफी नहीं होता. 

हाल ही में किए गए एक शोध से पता चला है कि घरों में पाली गई मुर्गियों के अंडों में, व्यावसायिक रूप से उत्पादित अंडों की तुलना में औसतन 40 गुना ज्यादा सीसा या लेड (Lead) होता है. इस शोध में दो में से करीब एक मुर्गी के खून में लेड का स्तर ज्यादा पाया गया. इसी तरह, उनके अंडों की जांच की गई, तो आधे अंडों में लेड का स्तर ज्यादा था, जो उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है.

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 दो में से करीब एक मुर्गी के खून में लेड का स्तर ज्यादा (Photo: Getty)

लेड स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक 

आपको बता दें कि लेड का स्तर कम भी हो, तो भी मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक माना जाता है. इससे हृदय रोग, कम आईक्यू और किडनी की बीमारियां हो सकती हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) का कहना है कि लेड एक्सपोजर का कोई सुरक्षित स्तर नहीं है.

मिट्टी के ज़रिए मुर्गियों में पहुंचता है लेड

घर के बागीचे या बैकयार्ड की मिट्टी में लेड के स्तर पर निर्भर करता है कि घर पर पल रही मंर्गियों के अंडो में लेड का स्तर कितना हो सकता है. शोध से पता लगता है कि मिट्टी में लेड होने की वजह से ज्यादातर लेड मुर्गियों में चला जाता है, क्योंकि वे गंदगी में खरोंचती हैं और जमीन से भोजन उठाकर खाती हैं. 

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घर की मुर्गियों के अंडों में बाजार के अंडों से 40% ज्यादा लेड (Photo: Getty)

ऑस्ट्रेलिया के 25,000 घरों की मिट्टी का जांच की गई

शोध में सिडनी के 55 घरों के बगीचे की मिट्टी का परीक्षण किया गया. वहीं पलने वाली मुर्गियों और उनके अंडों में लेड संक्रमण का पता लगा. संक्रमण के बाकी स्रोत भी मिले जैसे जानवरों के पीने के पानी और मुर्गियों का भोजन. इसके बाद VegeSafe कार्यक्रम के ज़रिए ऑस्ट्रेलिया के घरों के 25,000 से ज्यादा बगीचों के नमूनों का अध्ययन किया गया, जिसमें लेड सबसे ज्यादा चिंता का विषय था.

जानवरों में लेड के लिए कोई मानक निर्धारित नहीं

मुर्गियों या अन्य पक्षियों के लिए रक्त में लेड के स्तर के लिए कोई दिशानिर्देश नहीं हैं. वेटरनरी असेसमेंट और शोध से पता चलता है कि 20 माइक्रोग्राम प्रति डेसीलीटर (μg/dL) या उससे ज्यादा का स्तर हो तो उनके स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकता है. घरों में पलने वाली 69 मुर्गियों की जांच करने पर पाया गया कि 45% के खून में लेड का स्तर 20 माइक्रोग्राम/डीएल से ज्यादा था.

मिट्टी के ज़रिए मुर्गियों में आता है लेड (Photo: Pixabay)

फिर इन्हीं मुर्गियों के अंडों की जांच की गई. ऑस्ट्रेलिया या विश्व में कहीं भी अंडों में मेटल के स्तर के लिए कोई मानक नहीं हैं. हालांकि, 19वें ऑस्ट्रेलियन टोटल डाइट स्टडी में, दुकान से खरीदे गए अंडों के एक छोटे से नमूने में लेड का स्तर 5μg/kg से कम था.

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इस शोध में घर में पलने वाली मुर्गियों के अंडों में लेड का औसत स्तर 301 माइक्रोग्राम प्रति किग्रा था. जबकि बाजार से लिए गए 9 अंडों में यह 7.2 माइक्रोग्राम/ किग्रा था.

 

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