
तुर्की-सीरिया में आया 7.8 तीव्रता का भूकंप सबसे बड़ा भूकंप नहीं है. 21वीं सदी में रिक्टर पैमाने पर अगर कहीं सबसे ज्यादा तेज भूकंप आया था. जिससे सुनामी नहीं पैदा नहीं हुई... वो इंडोनेशिया में आया था. 28 मार्च 2005 में आए इस भूकंप की तीव्रता 8.6 थी. इसका केंद्र नियास-सिमुलुए में था. तीव्रता के हिसाब से मौतें कम हुई थीं, लेकिन 13 सौ से ज्यादा लोग मारे गए थे.
इसके बाद 12 मई 2008 में चीन के सिचुआन में 7.9 तीव्रता का भूकंप आया था. हिमालय की गोद में बसा यह इलाका तहस-नहस हो गया. 87 हजार से ज्यादा लोग मारे गए थे. फिर 7.8 तीव्रता के भूकंप ने 25 अप्रैल 2015 को नेपाल की जमीन दिला दी. इसमें 8964 लोगों के मारे जाने का आधिकारिक आंकड़ा है.
तीव्रता के मामले में गुजरात के भुज-कच्छ में आया भूकंप भी कम नहीं था. रिक्टर पैमाने पर उसकी तीव्रता 7.7 थी. इसमें 20 हजार से ज्यादा लोगा मारे गए थे. 8 अक्टूबर 2005 में पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया. यहां भी तबाही बहुत ज्यादा हुई. इसमें 87 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हुई.
30 सितंबर 2009 में इंडोनेशिया के सुमात्रा में 7.6 तीव्रता का भूकंप आया. इसमें एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए. 14 अगस्त 2021 में हैती में 7.2 तीव्रता का भयानक भूकंप आया था. 22 सौ से ज्यादा लोग मारे गए थे. लेकिन इससे पहले हैती को 7.0 तीव्रता के भूकंप ने बुरी तरह से जख्मी कर दिया था. ये भूकंप आया था 12 जनवरी 2010 को. इसमें 2.20 लाख से ज्यादा लोग मारे गए थे.
13 अप्रैल 2010 को चीन के यूशु में भूकंप आया. तीव्रता 6.9 थी. करीब तीन हजार लोग मारे गए थे. अल्जीरिया के बॉमरडेस में 21 मई 2003 को 6.8 तीव्रता का भूकंप आया. 2200 से ज्यादा लोग मारे गए. ईरान में 26 दिसंबर 2003 में 6.6 तीव्रता का भूकंप आया. उसमें 26 हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं.
26 मई 2006 को इंडोनेशिया के योग्याकार्ता में भूकंप आया. तीव्रता 6.4 थी. इसमें करीब 5800 लोग मारे गए थे. 25 मार्च 2002 को अफगानिस्तान के हिंदुकुश हिमालय रीजन में 6.1 तीव्रता का भूकंप आया. इसमें 2 हजार लोगों के मारे जाने की खबर थी. पिछली साल जून में अफगानिस्तान की धरती एक बार फिर कांपी थी. घटना 21 जून की है. भूकंप की तीव्रता 6.0 थी. इसमें 11 सौ से ज्यादा लोग मारे गए थे.